फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   canker deases in apple tree

Rampur Bushahar News: सेब के बगीचों में पनप रहा कैंकर रोग

Sun, 11 Dec 2022 10:09 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Dec 2022 10:09 PM IST
विज्ञापन
canker deases in apple tree
कैंकर रोग से ग्रस्त सेब का पौधा - फोटो : RAMPUR-HP
रोहड़ू। सेब के बगीचों में पतझड़ के बाद कैंकर रोग का प्रकोप बढ़ने लगा है। इससे बागवानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चिंता की बात यह है कि कैंकर रोग से सेब के पौधों को काफी नुकसान हो रहा है। प्रूनिंग करते समय बगीचों में बीमारी साफ दिख रही है। सेब के पौधों के साथ-साथ अब यह रोग नाशपाती के पेड़ों में भी तेजी से पनप रहा है।
विज्ञापन

सेब के पुराने पेड़ों पर कैंकर का असर ज्यादा नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कैंकर रोग के लक्षण पौधों के तने, शाखाओं और टहनियों पर उभरे या धंसे हुए अनेक रंगों के धब्बों के रूप में नजर आते हैं। रोगी पौधों की छाल कई बार पपड़ी बनकर उखड़ जाती है। ऐसे में पौधे भी सूख जाते हैं। इससे बागवानों की वर्षों की मेहनत पर पानी फिर जाता है।
विज्ञापन

सूबे में सेब के पौधों में विभिन्न प्रकार के पंद्रह कैंकर रोगों को देखा गया है। ये सभी कैंकर रोग फूंफद जनित हैं। मुख्य रोगों में भूरा तना कैंकर, धुएं वाला झुलसा कैंकर, गुलाबी कैंकर, काला तना, नेल हैंड और रजत पती कैंकर है। इसका समय पर उपचार करना आवश्यक है। बागवानी विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र कायथ ने बताया कि कैंकर रोग पौधों में कई तरह से लगता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अगर पौधे की जड़ खराब हो जाए या फिर गलत तरीके से प्रूनिंग करने से भी कैंकर फैलता है। बगीचों में आग जलाने पर भी कैंकर रोग होने की आशंका रहती है। इससे हर वर्ष कई पौधे सूख रहे हैं। अब यह रोग नाशपाती के पेड़ों में भी पनप रहा है।
इससे बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि फलदार पौधों का उपचार कैंकर रोग की रोकथाम के लिए संतुलित खाद, मिट्टी की जांच के बाद विशेषज्ञ के परामर्श अनुसार तय समय पर डालनी चाहिए। सेब के पौधे की कांट-छांट वैज्ञानिक तरीके से करनी चाहिए।

ज्यादा माटी टहनियों की न काटे। आधा इंच से मोटे कट पर तुरंत चौबटिया पेस्ट लगाएं, कैंकर के घाव पर तेज चाकू से साफ करके उस पर कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का पेस्ट तैयार करके लगाया जा सकता है। कैंकर की रोकथाम समय पर करने से पौधों को बचाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed