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छितकुल-रक्षम में पर्यटक सरकारी भूमि पर लगा रहे मोबाइल कैंप : संघ
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रिकांगपिओ(किन्नौर)। कोरोना संकट के दौर में प्रमुख पर्यटन स्थल छितकुल और रक्षम में पर्यटक सरकारी भूमि पर मोबाइल कैंप लगा रहे हैं। इस मामले को लेकर किन्नौर होटल और पर्यटन संघ भड़क उठा है। इसी कड़ी में शनिवार को संघ ने जिला पर्यटन अधिकारी एवं एसडीएम कल्पा डॉ. अवनिंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई करने की मांग उठाई।
ज्ञापन में कहा कि छितकुल और रक्षम में पर्यटकों द्वारा सरकारी जमीन पर मोबाइल कैंप लगाने की शिकायतें संघ को मिल रही हैं। वहीं एसडीएम ने भी मौके पर ही जिला वन अधिकारी चमन राव को फोन द्वारा छितकुल-रक्षम में मोबाइल कैंप रोकने के निर्देश दिए। वहीं राव ने रेंजर, बीओ और फॉरेस्ट गार्ड को सरकारी जमीन पर मोबाइल कैंप लगाने वालों को तुरंत हटाने और आगामी एक नवंबर तक जिले के किसी भी क्षेत्र में मोबाइल कैंप नहीं लगाने की बात कही। जिला वन अधिकारी ने कहा कि कोई भी पर्यटक सरकारी क्षेत्र में मोबाइल कैंप लगाने से पहले वन विभाग से अनुमति लेना सुनिश्चित करे। संघ ने कहा कि किन्नौर में 1 नवंबर तक कोई होटल और होम स्टे को खोलने नहीं दिया जाएगा। जिले में सेब, मेवे सहित अन्य फसलों का कार्य जोर शोर से शुरू हो गया है। इस दौरान अगर कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पर्यटकों के रूप में किन्नौर के विभिन्न होटलों और होम स्टे में ठहर जाए तो इससे कोरोना वायरस का सामाजिक संक्रमण हो सकता है। होटल संघ के मुख्य प्रवक्ता शांता कुमार नेगी ने कहा कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए संघ ने 1 नवंबर तक किसी भी प्रकार की पर्यटन गतिविधियां न करवाने का फैसला लिया है। अगर किसी होटल या होम स्टे के मालिकों द्वारा इसकी अवहेलना की जाती है, तो वह स्वयं ही जिम्मेदार होंगे। इस मौके पर किन्नौर पर्यटन संघ अध्यक्ष चंद्र मोहन नेगी मौजूद रहे। इस दौरान संघ ने प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटल किन्नर कैलाश कल्पा को भी 1 नवंबर तक किसी प्रकार की बुकिंग नहीं करने की मांग रखी। पर्यटन अधिकारी ने कहा कि इस बारे शिमला स्थित प्रदेश पर्यटन निगम के अधिकारी को सूचित कर दिया जाएगा।
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ज्ञापन में कहा कि छितकुल और रक्षम में पर्यटकों द्वारा सरकारी जमीन पर मोबाइल कैंप लगाने की शिकायतें संघ को मिल रही हैं। वहीं एसडीएम ने भी मौके पर ही जिला वन अधिकारी चमन राव को फोन द्वारा छितकुल-रक्षम में मोबाइल कैंप रोकने के निर्देश दिए। वहीं राव ने रेंजर, बीओ और फॉरेस्ट गार्ड को सरकारी जमीन पर मोबाइल कैंप लगाने वालों को तुरंत हटाने और आगामी एक नवंबर तक जिले के किसी भी क्षेत्र में मोबाइल कैंप नहीं लगाने की बात कही। जिला वन अधिकारी ने कहा कि कोई भी पर्यटक सरकारी क्षेत्र में मोबाइल कैंप लगाने से पहले वन विभाग से अनुमति लेना सुनिश्चित करे। संघ ने कहा कि किन्नौर में 1 नवंबर तक कोई होटल और होम स्टे को खोलने नहीं दिया जाएगा। जिले में सेब, मेवे सहित अन्य फसलों का कार्य जोर शोर से शुरू हो गया है। इस दौरान अगर कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पर्यटकों के रूप में किन्नौर के विभिन्न होटलों और होम स्टे में ठहर जाए तो इससे कोरोना वायरस का सामाजिक संक्रमण हो सकता है। होटल संघ के मुख्य प्रवक्ता शांता कुमार नेगी ने कहा कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए संघ ने 1 नवंबर तक किसी भी प्रकार की पर्यटन गतिविधियां न करवाने का फैसला लिया है। अगर किसी होटल या होम स्टे के मालिकों द्वारा इसकी अवहेलना की जाती है, तो वह स्वयं ही जिम्मेदार होंगे। इस मौके पर किन्नौर पर्यटन संघ अध्यक्ष चंद्र मोहन नेगी मौजूद रहे। इस दौरान संघ ने प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटल किन्नर कैलाश कल्पा को भी 1 नवंबर तक किसी प्रकार की बुकिंग नहीं करने की मांग रखी। पर्यटन अधिकारी ने कहा कि इस बारे शिमला स्थित प्रदेश पर्यटन निगम के अधिकारी को सूचित कर दिया जाएगा।
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