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मजदूरों की मांगों को लेकर पंचायतों में छेड़ा जाएगा अभियान
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किसान मजदूर भवन चाटी में सीटू के कार्यकर्ता बैठक् में चर्चा करते हुए
- फोटो : RAMPUR-HP
रामपुर बुशहर। हिमाचल भवन एवं सड़क निर्माण मजदूर यूनियन के चाटी में आयोजित सम्मेलन में सुनील मेहता को अध्यक्ष पद की कमान सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त अमित महासचिव, रामप्रकाश कोषाध्यक्ष, प्रेम, संसार और कुलदीप उपाध्यक्ष, नरेश, रणजीत, हरदयाल और कश्मीरी को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में परमिंद्र, परसराम, बलवीर, काकू, रमेश, सुनील, प्रेम सिंह, मोहर सिंह, सुरेश, कंचन, नरेश, रोशन लाल, अंजली, अनिल, यशवंत और गुड्डू को चुना गया है।
सम्मेलन में हिमाचल भवन एवं सड़क निर्माण मजदूर यूनियन राज्य के अध्यक्ष जोगिंद्र ने कहा कि
मोदी सरकार मजदूर, कर्मचारी, किसान, महिला, नौजवान, छात्र और में कार्य कर रही है और मजदूर विरोधी निर्णय ले रही है। बीते सौ सालों में बने 44 श्रम कानूनों को खत्म करके मजदूर विरोधी 4 श्रम संहिताएं और लेबर कोड बनाना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह पूंजीपतियों के साथ खड़ी है और आर्थिक संसाधनों को आम जनता से छीनकर अमीरों के हवाले मुफ्त में देने के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।
मनरेगा मजदूरों के साथ हिमाचल सरकार भेदभाव कर रही है और उन्हें अन्य दिहाड़ीदार के बराबर न्यूनतम वेतन भी नहीं दे रही है। सरकार ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड के बजट में करोड़ों रुपए प्रचार सामग्री पर खर्च कर दिए हैं और मुख्यमंत्री से लेकर विधायक और सत्ताधारी पार्टी के नेता बोर्ड के पैसे से लोगों को इकट्ठा कर रहे हैं।
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सम्मेलन में फैसला लिया गया कि मनरेगा और निर्माण मजदूरों की मांगों को लेकर यूनियन जून माह में गांव और पंचायत स्तर पर अभियान चलाएगी। 4 से 7 जुलाई को खंड स्तर पर प्रदर्शन करेगी। इस मौके पर सीटू राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, जिला अध्यक्ष कुलदीप डोगरा, जिला सचिव अजय दुल्टा और बिहारी सेवगी मौजूद रहे।
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सम्मेलन में हिमाचल भवन एवं सड़क निर्माण मजदूर यूनियन राज्य के अध्यक्ष जोगिंद्र ने कहा कि
मोदी सरकार मजदूर, कर्मचारी, किसान, महिला, नौजवान, छात्र और में कार्य कर रही है और मजदूर विरोधी निर्णय ले रही है। बीते सौ सालों में बने 44 श्रम कानूनों को खत्म करके मजदूर विरोधी 4 श्रम संहिताएं और लेबर कोड बनाना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह पूंजीपतियों के साथ खड़ी है और आर्थिक संसाधनों को आम जनता से छीनकर अमीरों के हवाले मुफ्त में देने के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।
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मनरेगा मजदूरों के साथ हिमाचल सरकार भेदभाव कर रही है और उन्हें अन्य दिहाड़ीदार के बराबर न्यूनतम वेतन भी नहीं दे रही है। सरकार ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड के बजट में करोड़ों रुपए प्रचार सामग्री पर खर्च कर दिए हैं और मुख्यमंत्री से लेकर विधायक और सत्ताधारी पार्टी के नेता बोर्ड के पैसे से लोगों को इकट्ठा कर रहे हैं।
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सम्मेलन में फैसला लिया गया कि मनरेगा और निर्माण मजदूरों की मांगों को लेकर यूनियन जून माह में गांव और पंचायत स्तर पर अभियान चलाएगी। 4 से 7 जुलाई को खंड स्तर पर प्रदर्शन करेगी। इस मौके पर सीटू राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, जिला अध्यक्ष कुलदीप डोगरा, जिला सचिव अजय दुल्टा और बिहारी सेवगी मौजूद रहे।