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Rampur Bushahar News: पुल ध्वस्त, सांगला की डगर मुश्किल, सेब ढुलाई पर संकट
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आपदा के एक माह बाद भी सांगला में शुरू नहीं हुआ पुल का निर्माण
संकीर्ण मार्ग पर लग रहा जाम, लोग झेल रहे परेशानियां
कैसे हजारों सेब की पेटियां पहुंचेगी मंडी, बागवानों को सता रही चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला में 14 जुलाई को पुल ध्वस्त हो गया था। आपदा के एक माह बाद भी इस पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इससे स्थानीय लोगों और बागवानों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छितकुल और सांगलावैली को जोड़ने वाला यह पुल सेना और सीमा सड़क संगठन ने बनाया था। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद से वाहनों की आवाजाही वैकल्पिक मार्ग वाया पुलिस थाना और राजस्व कार्यालय से हो रही है। यह मार्ग संकीर्ण होने के कारण अक्सर जाम लग जाता है, जिससे यातायात प्रभावित होता है। पुलिस की तैनाती न होने से जाम की स्थिति और बिगड़ रही है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने दौरे के दौरान पुलिस की तैनाती और मार्ग को एकतरफा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अमल नहीं हुआ। बागवानों को चिंता सता रही है कि सेब सीजन शुरू होने पर हजारों सेब की पेटियां मंडी तक कैसे पहुंचेंगीं। इसके बाद पर्यटन सीजन भी आएगा, जिससे समस्या और बढ़ सकती है। वैकल्पिक मार्ग संकीर्ण है और वाहनों की आवाजाही के लिए पर्याप्त नहीं है। पुलिस की अनुपस्थिति में यहां अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। इससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं। सेब सीजन नजदीक होने से बागवानों की चिंताएं बढ़ गई हैं कि उनकी उपज मंडी तक कैसे पहुंचेगी।
इनसेट
लोग जान जोखिम में डालकर इस पुल से पैदल गुजर रहे
क्षतिग्रस्त पुल पर सुरक्षा के लिए रस्सी बांधकर पैदल आवाजाही रोकी गई है। हालांकि, लोग जान जोखिम में डालकर इस पुल से पैदल गुजर रहे हैं। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिस पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। सीमा सड़क संगठन के ओसी पोवारी अक्षय दुबे ने बताया कि पुल निर्माण का सामान मंगवाया गया है। सामान पहुंचते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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संकीर्ण मार्ग पर लग रहा जाम, लोग झेल रहे परेशानियां
कैसे हजारों सेब की पेटियां पहुंचेगी मंडी, बागवानों को सता रही चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला में 14 जुलाई को पुल ध्वस्त हो गया था। आपदा के एक माह बाद भी इस पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इससे स्थानीय लोगों और बागवानों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छितकुल और सांगलावैली को जोड़ने वाला यह पुल सेना और सीमा सड़क संगठन ने बनाया था। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद से वाहनों की आवाजाही वैकल्पिक मार्ग वाया पुलिस थाना और राजस्व कार्यालय से हो रही है। यह मार्ग संकीर्ण होने के कारण अक्सर जाम लग जाता है, जिससे यातायात प्रभावित होता है। पुलिस की तैनाती न होने से जाम की स्थिति और बिगड़ रही है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने दौरे के दौरान पुलिस की तैनाती और मार्ग को एकतरफा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अमल नहीं हुआ। बागवानों को चिंता सता रही है कि सेब सीजन शुरू होने पर हजारों सेब की पेटियां मंडी तक कैसे पहुंचेंगीं। इसके बाद पर्यटन सीजन भी आएगा, जिससे समस्या और बढ़ सकती है। वैकल्पिक मार्ग संकीर्ण है और वाहनों की आवाजाही के लिए पर्याप्त नहीं है। पुलिस की अनुपस्थिति में यहां अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। इससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं। सेब सीजन नजदीक होने से बागवानों की चिंताएं बढ़ गई हैं कि उनकी उपज मंडी तक कैसे पहुंचेगी।
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लोग जान जोखिम में डालकर इस पुल से पैदल गुजर रहे
क्षतिग्रस्त पुल पर सुरक्षा के लिए रस्सी बांधकर पैदल आवाजाही रोकी गई है। हालांकि, लोग जान जोखिम में डालकर इस पुल से पैदल गुजर रहे हैं। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिस पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। सीमा सड़क संगठन के ओसी पोवारी अक्षय दुबे ने बताया कि पुल निर्माण का सामान मंगवाया गया है। सामान पहुंचते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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