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आराध्य देवता ब्रह्मा ऋषि पहुंचे अपने निवास स्थान शाकटी
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आराध्य देवता ब्रह्मा ऋषि पहुंचे अपने निवास स्थान शाकटी
- फोटो : RAMPUR-HP
नित्थर (कुल्लू)। जिला कुल्लू की सैंज घाटी में स्थित शाकटी मरौउड़ के आराध्य देवता ब्रह्मा ऋषि दो माह के दौरे पर नित्थर, आनी, कुठेड़ और लोट आए थे। अब वापस अपने निवास स्थान शाकटी पहुंच गए हैं। देवता अपने देवलुओं के साथ आनी क्षेत्र के दौरे पर थे। उन्होंने अपना यह दौरा चवाई के गाड़ गांव से शुरू किया था।
उसके बाद डीम शिकारी, कुठेड़, कटार, जाबन, गौरा, ग्वाल, लोट, तराला, जलोड़ी, खनाग और बंजार में लोगों ने अपनी श्रद्धा अनुरूप देवता साहिब की आवभगत की। जलोड़ी दर्रे पर चार फीट से भी ज्यादा बर्फबारी को पार सैंज की न्यूली जगह से 15 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर अपने देवलू के साथ शाकटी अपने मंदिर पहुंच गए हैं। 16 साल बाद बाह्य आउटर सिराज का दौरा हुआ है। देवलू निमत राम और लगन सिंह ने कहा कि देवलुओं की श्रद्धा इतनी है कि चार फीट से ज्यादा बर्फ भी देवलुओं का हौसला नहीं डिगा पाई।
निवास स्थान शाकटी पहुंच कर ग्रामीणों ने अपने आराध्य देवता के दर्शन किए। देवता को अपने स्थान पर बैठाकर पारंपरिक रूप से पूजा-अर्चना की गई। देवता ब्रह्मा ऋषि कारदार तीर्थ राम ने कहा कि इस दौरे में हमने सात सौ किलोमीटर से ज्यादा की पैदल यात्रा की है और शाकटी पहुंचे हैं। मकर संक्रांति के पर्व के दिन देवता साहिब अपने स्थान पर बैठ गए हैं।
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उसके बाद डीम शिकारी, कुठेड़, कटार, जाबन, गौरा, ग्वाल, लोट, तराला, जलोड़ी, खनाग और बंजार में लोगों ने अपनी श्रद्धा अनुरूप देवता साहिब की आवभगत की। जलोड़ी दर्रे पर चार फीट से भी ज्यादा बर्फबारी को पार सैंज की न्यूली जगह से 15 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर अपने देवलू के साथ शाकटी अपने मंदिर पहुंच गए हैं। 16 साल बाद बाह्य आउटर सिराज का दौरा हुआ है। देवलू निमत राम और लगन सिंह ने कहा कि देवलुओं की श्रद्धा इतनी है कि चार फीट से ज्यादा बर्फ भी देवलुओं का हौसला नहीं डिगा पाई।
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निवास स्थान शाकटी पहुंच कर ग्रामीणों ने अपने आराध्य देवता के दर्शन किए। देवता को अपने स्थान पर बैठाकर पारंपरिक रूप से पूजा-अर्चना की गई। देवता ब्रह्मा ऋषि कारदार तीर्थ राम ने कहा कि इस दौरे में हमने सात सौ किलोमीटर से ज्यादा की पैदल यात्रा की है और शाकटी पहुंचे हैं। मकर संक्रांति के पर्व के दिन देवता साहिब अपने स्थान पर बैठ गए हैं।
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