{"_id":"676aa41591f725ae8607ee42","slug":"ban-on-selling-apples-and-fruit-plants-in-open-in-kinnaur-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1031-127127-2024-12-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: किन्नौर में खुले में सेब और फलदार पौधे बेचने पर प्रतिबंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: किन्नौर में खुले में सेब और फलदार पौधे बेचने पर प्रतिबंध
विज्ञापन
जिले में चौरा बैरियर के पास कर्मचारी किए नियुक्त, बर्फबारी होने से पौधरोपण करने में नमी उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला किन्नौर में बागवानी विभाग ने चौरा बैरियर में कर्मचारी नियुक्त किए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी युक्त और अप्रमाणित सेब समेत अन्य प्रकार के पौधे न बेचे जा सकें। इसके अलावा किन्नौर में अप्रमाणित नर्सरियों को बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। उद्यान विभाग जिला किन्नौर ने वर्ष 2024-25 में शरद काल में बागवानों के लिए विभिन्न सेब की किस्मों की नर्सरी तैयार की है, जिन्हें जिले के बागवानों को जनवरी के दूसरे सप्ताह से उपलब्ध करवाएं जाएंगे। हल्की बर्फबारी के कारण पौधरोपण के लिए नमी उपलब्ध रहेगी। इस कारण जिले में पौधों की मांग बढ़ेगी। उद्यान विभाग ने पहली बार जिले में सेब की 26 किस्मों की नर्सरी तैयार की है। विभाग के पास अब तक 40,000 सेब के पौधों की मांग आई है। इसके अलावा 10,000 पौधमें में नाशपाती, नेक्ट्रीन, पलम, खुमानी, बादाम, जापानी फल, अखरोट, हेजल नट के उत्तम किस्म के पौध जिले के विभिन्न विकास खंडों के विभिन्न प्रसार केंद्रों के जरिये आवंटित किए जाएंगे। कुछ पौधे जिले के बाहर विभागीय नर्सरियों से आवंटित किए गए हैं। काफी साल के बाद इस साल जिले में निचार-काफनू, किल्बा, बोक्टू, ज्ञाबुंग, रिब्बा और पूह के केंद्रों में नर्सरियां तैयार की गई हैं।
निजी पंजीकृत नर्सरियों में भी उपलब्ध होंगे पौधे
जिले में 15 प्राइवेट पंजीकृत नर्सरियों में फलों के 13 प्रकार के करीब 96,000 पौधे उपलब्ध हैं। इसमें रॉयल डिलिशियस, सुपर चीफ, ग्रेनी स्मीथ, स्कार्टलेट स्पर-11, गैलगाला, किंग रोट, जेरोमाईन, डार्क बेरन गाला, रेडलम गाला, अर्ली रेड वन, फैन जेड (जेड वन), रेड वेलोक्स और गालावल शामिल हैं। इसके अलावा सेब के मुख्य किस्में एडमस, रॉयल डैलिशियस, सुपर चीफ, जैरोमाइन, रेड वेलोक्स, रेडकेप वालटोड, किंग रॉट, औरेगन स्पर-।।, स्कार्टलेट स्पर 11, शेलेट स्पर, चेलान स्पर, मेमा मास्टर 2284, हेप्का, गोल्डन डैलिशियस, ग्रेनी स्मीथ, ग्रेनी स्मीथ चेलेनजर, गाला शनिका शनिको रेड, शनिको गाला, गेल गाला, गालावल, बकआई गाला, अलटीमा गाला, रेडलम गाला, टी रेक्स गाला, डार्क बेरन गाला, फेन प्लस गाला आदि रूटस्टॉक सीडलिंग पर कलमी और क्लोनल रुटस्टॉक का मूूल्य विभाग ने 180 से 200 रुपये प्रति पौध निर्धारित किया है। 3 से 5 शाखा वाले पौध की कीमत 200 से 300 रुपये और्र 5 शाखा से ज्यादा सेब के पौध 300 से 400 रुपये निर्धारित किया है। पिछले वर्ष अमेरिका से आयातित पौधे, जिसमें बादाम, पल्म और अखरोट का मूल्य 300 रुपये प्रति पौध निर्धारित किया है।
पहली बार चौरा बैरियर में उद्यान विभाग ने गलत नर्सरियों के प्रवेश को रोकने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है, ताकि हर नर्सरी विक्रेता पर नजर रख सकें। किन्नौर में खुले में अप्रमाणित सेब और फलदार पौधों को बेचने पर प्रतिबंध लगाया है। - डॉ. उपेंद्र सिंह नेगी उप निदेशक, उद्यान विभाग किन्नौर
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला किन्नौर में बागवानी विभाग ने चौरा बैरियर में कर्मचारी नियुक्त किए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी युक्त और अप्रमाणित सेब समेत अन्य प्रकार के पौधे न बेचे जा सकें। इसके अलावा किन्नौर में अप्रमाणित नर्सरियों को बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। उद्यान विभाग जिला किन्नौर ने वर्ष 2024-25 में शरद काल में बागवानों के लिए विभिन्न सेब की किस्मों की नर्सरी तैयार की है, जिन्हें जिले के बागवानों को जनवरी के दूसरे सप्ताह से उपलब्ध करवाएं जाएंगे। हल्की बर्फबारी के कारण पौधरोपण के लिए नमी उपलब्ध रहेगी। इस कारण जिले में पौधों की मांग बढ़ेगी। उद्यान विभाग ने पहली बार जिले में सेब की 26 किस्मों की नर्सरी तैयार की है। विभाग के पास अब तक 40,000 सेब के पौधों की मांग आई है। इसके अलावा 10,000 पौधमें में नाशपाती, नेक्ट्रीन, पलम, खुमानी, बादाम, जापानी फल, अखरोट, हेजल नट के उत्तम किस्म के पौध जिले के विभिन्न विकास खंडों के विभिन्न प्रसार केंद्रों के जरिये आवंटित किए जाएंगे। कुछ पौधे जिले के बाहर विभागीय नर्सरियों से आवंटित किए गए हैं। काफी साल के बाद इस साल जिले में निचार-काफनू, किल्बा, बोक्टू, ज्ञाबुंग, रिब्बा और पूह के केंद्रों में नर्सरियां तैयार की गई हैं।
निजी पंजीकृत नर्सरियों में भी उपलब्ध होंगे पौधे
जिले में 15 प्राइवेट पंजीकृत नर्सरियों में फलों के 13 प्रकार के करीब 96,000 पौधे उपलब्ध हैं। इसमें रॉयल डिलिशियस, सुपर चीफ, ग्रेनी स्मीथ, स्कार्टलेट स्पर-11, गैलगाला, किंग रोट, जेरोमाईन, डार्क बेरन गाला, रेडलम गाला, अर्ली रेड वन, फैन जेड (जेड वन), रेड वेलोक्स और गालावल शामिल हैं। इसके अलावा सेब के मुख्य किस्में एडमस, रॉयल डैलिशियस, सुपर चीफ, जैरोमाइन, रेड वेलोक्स, रेडकेप वालटोड, किंग रॉट, औरेगन स्पर-।।, स्कार्टलेट स्पर 11, शेलेट स्पर, चेलान स्पर, मेमा मास्टर 2284, हेप्का, गोल्डन डैलिशियस, ग्रेनी स्मीथ, ग्रेनी स्मीथ चेलेनजर, गाला शनिका शनिको रेड, शनिको गाला, गेल गाला, गालावल, बकआई गाला, अलटीमा गाला, रेडलम गाला, टी रेक्स गाला, डार्क बेरन गाला, फेन प्लस गाला आदि रूटस्टॉक सीडलिंग पर कलमी और क्लोनल रुटस्टॉक का मूूल्य विभाग ने 180 से 200 रुपये प्रति पौध निर्धारित किया है। 3 से 5 शाखा वाले पौध की कीमत 200 से 300 रुपये और्र 5 शाखा से ज्यादा सेब के पौध 300 से 400 रुपये निर्धारित किया है। पिछले वर्ष अमेरिका से आयातित पौधे, जिसमें बादाम, पल्म और अखरोट का मूल्य 300 रुपये प्रति पौध निर्धारित किया है।
विज्ञापन
पहली बार चौरा बैरियर में उद्यान विभाग ने गलत नर्सरियों के प्रवेश को रोकने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है, ताकि हर नर्सरी विक्रेता पर नजर रख सकें। किन्नौर में खुले में अप्रमाणित सेब और फलदार पौधों को बेचने पर प्रतिबंध लगाया है। - डॉ. उपेंद्र सिंह नेगी उप निदेशक, उद्यान विभाग किन्नौर
विज्ञापन