{"_id":"60f6d2098ebc3e698c134e22","slug":"asha-worker-meet-cm-at-nirmand-demand-policy-rampur-hp-news-sml377520653","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीटीए की तर्ज पर आशा वर्करों के लिए बने स्थायी नीति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीटीए की तर्ज पर आशा वर्करों के लिए बने स्थायी नीति
विज्ञापन
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से निरमंड में आशा कार्यकर्ता संघ का एक प्रतिनिधिमंडल मिलते हुए
- फोटो : RAMPUR-HP
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्रौ (रामपुर बुशहर)। आशा कार्यकर्ता संघ निरमंड ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आशा कार्यकर्ताओं के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग उठाई है। संघ ने इसमें आशा कार्यकर्ता को 10 हजार रुपये मासिक मानदेय सहित कई अन्य मांगें उनके समक्ष रखी। मंगलवार को निरमंड पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को आशा कार्यकर्ता संघ के प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलकर मांगें रखी। प्रतिनिधिमंडल ने उनके समक्ष विभिन्न मांगें रखी। इन्हें पूरा करने का मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है।
अध्यक्ष प्रमिला ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नियुक्त सभी आशा कार्यकर्ताओं के लिए एक स्थायी पॉलिसी बनाई जाए। इससे प्रत्येक कार्य दिवस में उनकी उपस्थिति और ड्यूटी टाइम भी हो सके। स्वास्थ्य विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं का सराहनीय कार्य और जरूरत को देखते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सरकार से नीति बनाने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हिमाचल प्रदेश सरकार ने पीटीए अध्यापकों के नियमित किया है, उसी तर्ज पर आशा कार्यकर्ताओं के लिए भी पॉलिसी बनाई जा रही है।
आशा कार्यकर्ताओं को वर्तमान में 2750 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो महंगाई के इस दौर में नाकाफी है। इसे कम से कम दस हजार रुपये प्रतिमाह किया जाना चाहिए। सरकार से आशा कार्यकर्ताओं को पीपीई किट उपलब्ध करवाने की मांग भी उठाई गई। इसके साथ ही अन्य मांगों को रखा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अध्यक्ष प्रमिला ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नियुक्त सभी आशा कार्यकर्ताओं के लिए एक स्थायी पॉलिसी बनाई जाए। इससे प्रत्येक कार्य दिवस में उनकी उपस्थिति और ड्यूटी टाइम भी हो सके। स्वास्थ्य विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं का सराहनीय कार्य और जरूरत को देखते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सरकार से नीति बनाने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हिमाचल प्रदेश सरकार ने पीटीए अध्यापकों के नियमित किया है, उसी तर्ज पर आशा कार्यकर्ताओं के लिए भी पॉलिसी बनाई जा रही है।
विज्ञापन
आशा कार्यकर्ताओं को वर्तमान में 2750 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो महंगाई के इस दौर में नाकाफी है। इसे कम से कम दस हजार रुपये प्रतिमाह किया जाना चाहिए। सरकार से आशा कार्यकर्ताओं को पीपीई किट उपलब्ध करवाने की मांग भी उठाई गई। इसके साथ ही अन्य मांगों को रखा गया।
विज्ञापन