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आशा कार्यकर्ताओं के लिए बने स्थायी नीति : संघ
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निरमंड में आशा कार्यकर्ता बैठक के दौरान
- फोटो : RAMPUR-HP
ब्रौ (रामपुर बुशहर)। प्रदेश की 7500 से अधिक आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार से स्थायी नीति की मांग उठाई है। आशा कार्यकर्ता यूनियन इकाई निरमंड की बैठक में प्रदेश सरकार के समक्ष विभिन्न मांगें रखीं। यह बैठक संघ की अध्यक्ष प्रमीला ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना महामारी का दौर शुरू होने के बाद आशा कार्यकर्ताओं का काम बढ़ गया है।
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सेवाएं देकर आशा कार्यकर्ता सरकार के संक्रमण मुक्त अभियान को सफल बनाने में जुटी हैं। अपनी सुरक्षा की परवाह किए बगैर आशा कार्यकर्ता कोरोना वैक्सीनेशन अभियान को अमलीजामा पहनाने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि आशाकार्यकर्ता निरंतर अपनी सेवाएं दे रही हैं। मासिक बैठक में उन्हें केवल 150 रुपये अलाउंस और 2750 रुपये प्रतिमाह वेतन सरकार दे रही है। इसमें परिवार का चलाना मुश्किल है।
उन्होंने टीकाकरण अभियान में जुटी आशा कार्यकर्ताओं को 300 रुपये प्रतिदिन देने की सरकार से मांग उठाई है। संघ ने पीटीए की तर्ज पर आशा कार्यकर्ताओं के लिए भी स्थायी नीति बनाने की मांग उठाई है। अध्यक्ष प्रमीला ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर 17 अगस्त को निरमंड पहुंचे मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा गया था लेकिन सरकार बीते छह वर्ष से आशा कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रही है। इसको लेकर प्रदेश की हजारों आशा कार्यकर्ताओं में रोष का माहौल है।
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उन्होंने कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर जल्द से जल्द उचित कार्रवाई अमल में लाने की मांग की है। इस मौके पर सुषमा, बबिता, सोमी, प्रमिला, मंजू, टिकमा, प्रेमा, राधा, रीता देवी, टिकमा देवी, अनीता, बिमला देवी, पुष्पा, प्रेम कुमारी, अनिला, संतोष कुमारी, मीरा देवी, संतोष, लता कुमारी, सुमना देवी, कला देवी, लीला देवी, राजकुमारी, किरना देवी, स्नेहलता, नोरमा देवी, संतोष और पिंगला सहित अन्य मौजूद रहे।
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कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सेवाएं देकर आशा कार्यकर्ता सरकार के संक्रमण मुक्त अभियान को सफल बनाने में जुटी हैं। अपनी सुरक्षा की परवाह किए बगैर आशा कार्यकर्ता कोरोना वैक्सीनेशन अभियान को अमलीजामा पहनाने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि आशाकार्यकर्ता निरंतर अपनी सेवाएं दे रही हैं। मासिक बैठक में उन्हें केवल 150 रुपये अलाउंस और 2750 रुपये प्रतिमाह वेतन सरकार दे रही है। इसमें परिवार का चलाना मुश्किल है।
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उन्होंने टीकाकरण अभियान में जुटी आशा कार्यकर्ताओं को 300 रुपये प्रतिदिन देने की सरकार से मांग उठाई है। संघ ने पीटीए की तर्ज पर आशा कार्यकर्ताओं के लिए भी स्थायी नीति बनाने की मांग उठाई है। अध्यक्ष प्रमीला ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर 17 अगस्त को निरमंड पहुंचे मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा गया था लेकिन सरकार बीते छह वर्ष से आशा कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रही है। इसको लेकर प्रदेश की हजारों आशा कार्यकर्ताओं में रोष का माहौल है।
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उन्होंने कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर जल्द से जल्द उचित कार्रवाई अमल में लाने की मांग की है। इस मौके पर सुषमा, बबिता, सोमी, प्रमिला, मंजू, टिकमा, प्रेमा, राधा, रीता देवी, टिकमा देवी, अनीता, बिमला देवी, पुष्पा, प्रेम कुमारी, अनिला, संतोष कुमारी, मीरा देवी, संतोष, लता कुमारी, सुमना देवी, कला देवी, लीला देवी, राजकुमारी, किरना देवी, स्नेहलता, नोरमा देवी, संतोष और पिंगला सहित अन्य मौजूद रहे।