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सेब मार्केट धड़ाम, 500 से 1600 रुपये पेटी मिल रहे दाम
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कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। सेब के दामों में गिरावट लगातार जारी है। इसके चलते ऊंचाई वाले क्षेत्रों के बागवानों को तगड़ा झटका लगा है। मंगलवार को नारकंडा और मतियाना की सेब मंडियों में सेब के दाम 500 से लेकर 1600 रुपये तक प्रति पेटी रहे।
मंडियों मे कुछ लॉट ही 1600 से लेकर 1900 रुपये तक बिक पाते हैं। जबकि, आम मार्केट की बात करें तो 1600 रुपये प्रति पेटी तक ही दाम मिल रहे हैं। हालांकि, सितंबर में दो सप्ताह तक मंडियों में सेब की आमद बढ़ी थी, जिसके चलते दाम गिरे थे। लेकिन, पिछले तीन-चार दिनों से अब सेब की आमद घट गई है, फिर भी रेट बढ़ने के बजाय लगातार गिर रहे हैं। वहीं, आढ़ती लालचंद डोगरा, मनीष मखैक, दलीप कैंथला, अमर मेहता और अमिताभ धवन का कहना है कि उच्च गुणवत्ता के सेब का दाम मंडियों में आज भी 1900 रुपये प्रति पेटी चल रहा है, लेकिन बागवान अच्छा सेब कंपनियों को दे रहे हैं और कलरलेस, रसटिंग, ओले वाला और हल्का दो नंबर का माल मंडियों में ला रहे हैं। इसका भाव 500 से लेकर 1500 रुपये प्रति पेटी ही मिल पाता है। आढ़तियों की मानें तो कश्मीर का सेब भी मंडियों में आना शुरू हो गया है और आगे वाली मंडियां में भी मंदी चल रही है। आने वाले समय में दाम बढ़ने की संभावना भी कम है।
इस बार कंपनियां हाई रिस्क पर
कंपनियों का मत है कि इससे पहले कभी भी कंपनियों ने 90 रुपये प्रति किलो तक सेब के रेट नहीं खोले थे। इस बार कंपनियां हाई रिस्क पर हैं। 25 से 30 रुपये प्रति किलो 6 माह तक सीए स्टोर सहित अन्य खर्चों में लग जाता है और इस बार सेब 110 रुपये से ऊपर प्रति किलो कंपनियों को बैठेगा। अगर मार्च के बाद सेब का बाजार मंदा रहता है तो कंपनियों को नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। कंपनियों का दावा है कि इस बार बागवानों को मंडियों से बेहतर रेट कंपनियां दे रही हैं, जिसके चलते बागवानों ने कंपनियों की ओर रुख किया है।
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मंडियों मे कुछ लॉट ही 1600 से लेकर 1900 रुपये तक बिक पाते हैं। जबकि, आम मार्केट की बात करें तो 1600 रुपये प्रति पेटी तक ही दाम मिल रहे हैं। हालांकि, सितंबर में दो सप्ताह तक मंडियों में सेब की आमद बढ़ी थी, जिसके चलते दाम गिरे थे। लेकिन, पिछले तीन-चार दिनों से अब सेब की आमद घट गई है, फिर भी रेट बढ़ने के बजाय लगातार गिर रहे हैं। वहीं, आढ़ती लालचंद डोगरा, मनीष मखैक, दलीप कैंथला, अमर मेहता और अमिताभ धवन का कहना है कि उच्च गुणवत्ता के सेब का दाम मंडियों में आज भी 1900 रुपये प्रति पेटी चल रहा है, लेकिन बागवान अच्छा सेब कंपनियों को दे रहे हैं और कलरलेस, रसटिंग, ओले वाला और हल्का दो नंबर का माल मंडियों में ला रहे हैं। इसका भाव 500 से लेकर 1500 रुपये प्रति पेटी ही मिल पाता है। आढ़तियों की मानें तो कश्मीर का सेब भी मंडियों में आना शुरू हो गया है और आगे वाली मंडियां में भी मंदी चल रही है। आने वाले समय में दाम बढ़ने की संभावना भी कम है।
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इस बार कंपनियां हाई रिस्क पर
कंपनियों का मत है कि इससे पहले कभी भी कंपनियों ने 90 रुपये प्रति किलो तक सेब के रेट नहीं खोले थे। इस बार कंपनियां हाई रिस्क पर हैं। 25 से 30 रुपये प्रति किलो 6 माह तक सीए स्टोर सहित अन्य खर्चों में लग जाता है और इस बार सेब 110 रुपये से ऊपर प्रति किलो कंपनियों को बैठेगा। अगर मार्च के बाद सेब का बाजार मंदा रहता है तो कंपनियों को नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। कंपनियों का दावा है कि इस बार बागवानों को मंडियों से बेहतर रेट कंपनियां दे रही हैं, जिसके चलते बागवानों ने कंपनियों की ओर रुख किया है।
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