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सेब के बगीचों में पतझड़ रोग का प्रकोप
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रोहड़ू। क्षेत्र के सेब बगीचों में पतझड़ रोग तेज से फैलना शुरू हो गया है। सेब सीजन के शुरुआती दौर में बीमारी के फैलने से बागवान चिंतित हैं। बागवानों ने सरकार से इसके लिए सरकारी केंद्रों पर दवाइयां उपलब्ध करवाने की मांग की है। समय से पहले पतझड़ ने बागवानों की परेशानी फिर बढ़ा दी है।
बारिश के बाद सेब बगीचों में पत्तों पर पीले और हलके काले धब्बे पड़ने शुरू हो गए हैं। धीरे-धीरे पत्तों पर बीमारी का संक्रमण तेज होने से पत्ते जमीन पर गिर रहे हैं।
पत्ते झड़ने के बाद फल का विकास रुक रहा है। बागवान हरी चंद, सूरत राम, वीरेंद्र सिंह, प्रेम कुमार ने बताया कि उद्यान विभाग की समयसारिणी के अनुसार विशेषज्ञ की राय के बाद बगीचों में एक महीने तक लगातार दवाइयों का छिड़काव किया पर बीमारी का संक्रमण आजकल तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बगीचों में पतझड़ की बीमारी नहीं रुक रही है। सेब सीजन पूरा होने में अभी एक महीने का समय बचा है। यदि समय पर बीमारी को नहीं रोका गया तो उनकी फसल बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सरकारी केंद्रों में इसकी रोकथाम के लिए दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएं।
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विशेषज्ञों की राय लेकर करें छिड़काव
कृषि विज्ञान केंद्र रोहड़ू के प्रभारी एवं बागवानी विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र कायथ का कहना है कि बारिश के बाद मार्सोनिना और अल्टरनेरिया की बीमारी का संक्रमण पत्तों पर तेजी से फैलता है। उनका कहना है कि यदि बीमारी को रोका नहीं गया तो फसल खराब होने की संभावना रहती है। समय से पहले पत्ते गिरने से पौधा कमजोर हो जाता है। इस कारण अगले साल भी फसल प्रभावित होने की संभावना रहती है। उन्होंने बागवानों को सलाह दी है कि इसकी रोकथाम के लिए उद्यान विभाग की ओर से जारी की गई छिड़काव सारिणी के अनुसार दवाइयों का प्रयोग करें। जानकारी के लिए विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं। गलत छिड़काव से बागवानों को नुकसान का संभावना रहेगी।
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बारिश के बाद सेब बगीचों में पत्तों पर पीले और हलके काले धब्बे पड़ने शुरू हो गए हैं। धीरे-धीरे पत्तों पर बीमारी का संक्रमण तेज होने से पत्ते जमीन पर गिर रहे हैं।
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पत्ते झड़ने के बाद फल का विकास रुक रहा है। बागवान हरी चंद, सूरत राम, वीरेंद्र सिंह, प्रेम कुमार ने बताया कि उद्यान विभाग की समयसारिणी के अनुसार विशेषज्ञ की राय के बाद बगीचों में एक महीने तक लगातार दवाइयों का छिड़काव किया पर बीमारी का संक्रमण आजकल तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बगीचों में पतझड़ की बीमारी नहीं रुक रही है। सेब सीजन पूरा होने में अभी एक महीने का समय बचा है। यदि समय पर बीमारी को नहीं रोका गया तो उनकी फसल बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सरकारी केंद्रों में इसकी रोकथाम के लिए दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएं।
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विशेषज्ञों की राय लेकर करें छिड़काव
कृषि विज्ञान केंद्र रोहड़ू के प्रभारी एवं बागवानी विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र कायथ का कहना है कि बारिश के बाद मार्सोनिना और अल्टरनेरिया की बीमारी का संक्रमण पत्तों पर तेजी से फैलता है। उनका कहना है कि यदि बीमारी को रोका नहीं गया तो फसल खराब होने की संभावना रहती है। समय से पहले पत्ते गिरने से पौधा कमजोर हो जाता है। इस कारण अगले साल भी फसल प्रभावित होने की संभावना रहती है। उन्होंने बागवानों को सलाह दी है कि इसकी रोकथाम के लिए उद्यान विभाग की ओर से जारी की गई छिड़काव सारिणी के अनुसार दवाइयों का प्रयोग करें। जानकारी के लिए विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं। गलत छिड़काव से बागवानों को नुकसान का संभावना रहेगी।