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निरमंड, रामपुर, रोहड़ू और ठियोग में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेगी सभा
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रामपुर बुशहर। किसान सभा और दुग्ध उत्पादक लंबे समय से दूध के दाम में बढ़ोतरी करने की मांग उठा रहे हैं। बावजूद इसके प्रदेश सरकार इस मांग को दरकिनार कर रही है। इसी कड़ी में वीरवार को किसान सभा और दुग्ध उत्पादक निरमंड, रामपुर, करसोग, रोहड़ू, ठियोग और कसुम्पटी में प्रदर्शन करेंगे। साथ ही इस दौरान मांगों को लेकर ज्ञापन दिया जाएगा।
हिमाचल किसान सभा जिला शिमला के महासचिव देवकी नंद और उपाध्यक्ष पूर्ण ठाकुर ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के चलते उत्पादकों को दूध का दाम पानी से भी कम मिल रहा है। आज भी दूध के दाम 16 रुपये से लेकर 22 रुपये तक मिल रहे हैं। इससे लागत भी पूरी नहीं होती। दूसरी तरफ, कम दाम होने के साथ दूध की पेमेंट भी समय पर नहीं मिल रही है। ऐसे में गुजारा करना भी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से दूध का दाम 30 रुपये प्रति लीटर और पेमेंट हर माह 10 तारीख से पहले देने की मांग उठाई है। वहीं किसान सभा ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं के प्रति गंभीर है तो फरवरी में शुरू होने वाले बजट सत्र में दुग्ध उत्पादकों के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
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हिमाचल किसान सभा जिला शिमला के महासचिव देवकी नंद और उपाध्यक्ष पूर्ण ठाकुर ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के चलते उत्पादकों को दूध का दाम पानी से भी कम मिल रहा है। आज भी दूध के दाम 16 रुपये से लेकर 22 रुपये तक मिल रहे हैं। इससे लागत भी पूरी नहीं होती। दूसरी तरफ, कम दाम होने के साथ दूध की पेमेंट भी समय पर नहीं मिल रही है। ऐसे में गुजारा करना भी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से दूध का दाम 30 रुपये प्रति लीटर और पेमेंट हर माह 10 तारीख से पहले देने की मांग उठाई है। वहीं किसान सभा ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं के प्रति गंभीर है तो फरवरी में शुरू होने वाले बजट सत्र में दुग्ध उत्पादकों के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
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