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तीन पीढ़ियों से जीवन निर्वहन करने वालों को मिलेगी वनभूमि : एसडीएम
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चौपाल में जन प्रतिनिधियों और वन अधिकार समितियों की हुई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू )। उपमंडल चौपाल में शनिवार को जन प्रतिनिधियों और वन अधिकार समितियों (एफआरसी) की बैठक हुई। बैठक में एसडीएम हेमचंद वर्मा ने वन अधिकार अधिनियम, 2006 (एफआरए) के बारे में जानकारी प्रदान की। एसडीएम ने कहा कि यह कानून वन भूमि पर अवैध कब्जे के लिए नहीं बल्कि वन भूमि पर गुजारा कर रहे पात्र लोगों को उस भूमि का अधिकार मान्यता पत्र देने के लिए है। समितियां इस अधिनियम की जानकारी प्रदान करने के लिए विशेष प्रचार अभियान चलाएंगी। एसडीएम ने कहा कि वर्ष 2005 से पूर्व वन भूमि पर लगातार तीन पीढि़यों से जो अपना जीवन निर्वहन कर रहे हैं, ऐसे व्यक्ति ग्राम सभा में दो गवाह पेश कर अपने दावे प्रस्तुत कर सकते हैं। तय समय सीमा के भीतर उनको अधिकार मान्यता पत्र मिलेगा। प्राप्त वन अधिकार पीढ़ी-दर-पीढ़ी विरासत में जाएंगे। यह अधिकार किसी को बेचे या हस्तांतरित नहीं किए जा सकते हैं। वन भूमि पर कानूनी अधिकार प्राप्त करने के लिए निर्धारित फार्म पर अभी भी दावा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा सभी अनुमोदित मामले सत्यापन के लिए उपमंडल स्तरीय समिति को भेजेगी। उपमंडल स्तरीय समिति सभी मामलों के सत्यापन के बाद जिला स्तरीय समिति को भेजेगी। उपायुक्त की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति दावों का निपटारा और दस्तावेजीकरण कर स्वीकृति देगी जिसके बाद दावेदार को वन अधिकार मान्यता पत्र प्रदान किया जाएगा। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू )। उपमंडल चौपाल में शनिवार को जन प्रतिनिधियों और वन अधिकार समितियों (एफआरसी) की बैठक हुई। बैठक में एसडीएम हेमचंद वर्मा ने वन अधिकार अधिनियम, 2006 (एफआरए) के बारे में जानकारी प्रदान की। एसडीएम ने कहा कि यह कानून वन भूमि पर अवैध कब्जे के लिए नहीं बल्कि वन भूमि पर गुजारा कर रहे पात्र लोगों को उस भूमि का अधिकार मान्यता पत्र देने के लिए है। समितियां इस अधिनियम की जानकारी प्रदान करने के लिए विशेष प्रचार अभियान चलाएंगी। एसडीएम ने कहा कि वर्ष 2005 से पूर्व वन भूमि पर लगातार तीन पीढि़यों से जो अपना जीवन निर्वहन कर रहे हैं, ऐसे व्यक्ति ग्राम सभा में दो गवाह पेश कर अपने दावे प्रस्तुत कर सकते हैं। तय समय सीमा के भीतर उनको अधिकार मान्यता पत्र मिलेगा। प्राप्त वन अधिकार पीढ़ी-दर-पीढ़ी विरासत में जाएंगे। यह अधिकार किसी को बेचे या हस्तांतरित नहीं किए जा सकते हैं। वन भूमि पर कानूनी अधिकार प्राप्त करने के लिए निर्धारित फार्म पर अभी भी दावा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा सभी अनुमोदित मामले सत्यापन के लिए उपमंडल स्तरीय समिति को भेजेगी। उपमंडल स्तरीय समिति सभी मामलों के सत्यापन के बाद जिला स्तरीय समिति को भेजेगी। उपायुक्त की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति दावों का निपटारा और दस्तावेजीकरण कर स्वीकृति देगी जिसके बाद दावेदार को वन अधिकार मान्यता पत्र प्रदान किया जाएगा। संवाद