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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   A dozen rural routes of Ani not restored even after one and a half month

Rampur Bushahar News: डेढ़ माह बाद भी बहाल नहीं हुए आनी के एक दर्जन ग्रामीण रूट

Sun, 08 Oct 2023 06:27 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Oct 2023 06:27 PM IST
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डेढ़ माह से हजारों ग्रामीण निगम की बस सेवाओं को तरसे
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लंबा समय बीतने के बाद भी नहीं लगे सड़कों के गिरे डंगे

कहीं कार्य शुरू तो कहीं डंगे लगने की राह ताक रही है क्षेत्र की जनता

संवाद न्यूज एजेंसी

आनी(कुल्लू)। डेढ़ माह पूर्व आनी क्षेत्र में हुई भारी बरसात ने जहां कई लोगों को बेघर कर दिया, वहीं अधिकतर ग्रामीण सड़कें भी अवरूद्ध हो गई थी, लेकिन आपदा के डेढ़ माह बीतने के बावजूद अभी तक एक दर्जन बस रूट प्रभावित चल रहे हैं। परिवहन निगम की बसें गंतव्यों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। एक दर्जन रूटों पर आधे रास्तों में जहां डंगे गिरे हैं, वहां से बसें वापस हो रही हैं। ऐसे में हजारों ग्रामीणों को या तो यहां से अपने गंतव्य स्थल तक पैदल जाना पड़ रहा है या फिर छोटी गाड़ियों को भारी भरकम पैसा देकर पहुंचना पड़ रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आनी के करीब एक दर्जन रूट भारी बरसात के डेढ़ माह गुजर जाने के बाद भी आधे रास्तों तक बहाल हो पाए हैं। इनमें आनी-पनेउ बस कुंगश तक, आनी-जाबो बस कराणा तक, आनी-रूहाचडा माशनुनाला से आगे बंद हैं। अमरबाग-बारवी-दलाश सड़क बारवी से आगे बंद है। करशेईगाड को जाने वाली बस जैबाग से आगे बंद है, बांशा रूट खैनवी कैंची से आगे बंद है। करशाला लोशटी से आगे बंद है, डुगाशिगान रूट च्वाई से आगे बंद है, दलाश वाया निगाड़ी कैंची धार से आगे बंद है। तराला रूट जाओं बंद है, जबकि कुटवा रूट धार कैंची से आगे बंद है। यह करीब एक दर्जन रूट हैं, जो लंबे अरसे बाद भी यातायात के लिए अवरुद्ध हैं। क्षेत्र के जीत कुमार, अश्वनी, चांद, संजय कुमार, नानक चंद, कौल राम, राम सिंह, अमर चंद सहित अन्य का कहना है कि डेढ़ माह की अवधि के बाद भी हजारों ग्रामीण बस सेवाओं के लाभ से वंचित हैं। ग्रामीणों को आवाजाही करने में खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों को जरूरत का सामान घर पहुंचाना, खासकर मरीजों को अस्पताल पहुंचाना चुनौतियों भरा बना हुआ है। उन्होंने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से बाधित सड़कों को जल्द बहाल करने की मांग उठाई है। हालांकि सड़कों में कुछ जगहों पर डंगे लगाए जा रहे हैं, लेकिन कई स्थान ऐसे हैं, जहां अभी तक भी डंगे लगाने का कार्य शुरू नहीं किया गया है।
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उधर, परिवहन निगम के अड्डा प्रभारी रमेश ठाकुर ने कहा कि जहां तक संभव है, वहां तक निगम की बसों को भेजा जा रहा है। जहां तक सड़कें ठीके हैं, वहां तक बसों को भेजा जा रहा है। जिन सड़कों के डंगे टूटे हुए हैं वहां गंतव्यों तक बसें नहीं जा पा रही।
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