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सेब के पेड़ काटने बंद करे विभाग ः सभा
Updated Mon, 08 Jan 2018 09:33 PM IST
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रोहड़ू। पांच बीघा तक भूमि सभी बागवानों को निशुल्क दी जाए। सेब के पौधों को काटने के अपेक्षा पांच बीघा से अधिक सरकारी भूमि कब्जाधारकों को लीज पर देनी चाहिए। वन विभाग सेब के पौधों को काटकर बागवानी को संकट में डाल रहा है। अगर प्रदेश सरकार ने सेब के पेड़-पौधों को काटना बंद नहीं किया तो किसान सभा विधानसभा का घेराव करेगी। यह बात किसान सभा के प्रदेश वित्त सचिव व शिमला के पूर्व मेयर संजय चौहान ने रोहड़ू में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कही।
संजय चौहान ने कहा कि पर्यटन के नाम पर कारोबार करने वालों व विद्युत परियोजनाओं को सरकार लीज पर वन भूमि दे रही है। लेकिन बागवानों से कब्जों को छुड़ाकर उन्हें उजाड़ा जा रहा है। लीज योजना में किसानों व बागवानों को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 46 प्रतिशत ऐसे बागवान व किसान है, जिनके पास पांच बीघा से कम भूमि है। प्रदेश की 84 प्रतिशत भूमि आज भी सरकार के पास है। मात्र 16 प्रतिशत भूमि पर ही कृषि व बागवानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल के लोग बागवानी व कृषि पर निर्भर है। सेब के पौधों को काटने से लोगों में दहशत है। इसी दहशत के कारण टिक्कर में एक व्यक्ति ने आत्महत्या की है। पांवटा में भी इस तरह का एक मामला सामने आ चुका है। इस संबंध में 12 जनवरी को हाटकोटी में भी बैठक आयोजित की जाएगी। इस दौरान किसान सभा के समन्वयक सुंदर सिंह नैंटा, जिला उपाध्यक्ष राज कमल जिंटा, रोहड़ू इकाई अध्यक्ष सुखदेव चौहान, जुब्बल के संयोजक राजिंद्र तेजटा सहित सभा के कई सदस्य उपस्थित रहे।
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संजय चौहान ने कहा कि पर्यटन के नाम पर कारोबार करने वालों व विद्युत परियोजनाओं को सरकार लीज पर वन भूमि दे रही है। लेकिन बागवानों से कब्जों को छुड़ाकर उन्हें उजाड़ा जा रहा है। लीज योजना में किसानों व बागवानों को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 46 प्रतिशत ऐसे बागवान व किसान है, जिनके पास पांच बीघा से कम भूमि है। प्रदेश की 84 प्रतिशत भूमि आज भी सरकार के पास है। मात्र 16 प्रतिशत भूमि पर ही कृषि व बागवानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल के लोग बागवानी व कृषि पर निर्भर है। सेब के पौधों को काटने से लोगों में दहशत है। इसी दहशत के कारण टिक्कर में एक व्यक्ति ने आत्महत्या की है। पांवटा में भी इस तरह का एक मामला सामने आ चुका है। इस संबंध में 12 जनवरी को हाटकोटी में भी बैठक आयोजित की जाएगी। इस दौरान किसान सभा के समन्वयक सुंदर सिंह नैंटा, जिला उपाध्यक्ष राज कमल जिंटा, रोहड़ू इकाई अध्यक्ष सुखदेव चौहान, जुब्बल के संयोजक राजिंद्र तेजटा सहित सभा के कई सदस्य उपस्थित रहे।
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