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प्रशासनिक अधिकारी को शिक्षा निदेशक तैनात करने का विरोध
Updated Thu, 22 Mar 2018 09:10 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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रामपुर बुशहर।
हिमाचल राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ इकाई रामपुर ने सरकार के शिक्षा निदेशक पद पर प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति पर विचार करने के बयान की निंदा की है। संघ ने महाविद्यालय प्राध्यापकों के लिए बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाने के निर्णय की भी आलोचना की है। इस बारे में संघ ने प्रस्ताव पारित कर राज्य कार्यकारिणी और उच्चाधिकारियों को भेज दिया है।
राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ रामपुर इकाई की बैठक वीरवार को पीजी कॉलेज रामपुर में हुई। बैठक में प्राध्यापकों के मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि राज्य सरकार द्वारा जो शिक्षा निदेशक पद पर प्रशासनिक अधिकारी तैनाती की जा रही है, उसकी संघ ने कड़ी निंदा की है। संघ ने कहा कि अभी तक शिक्षा सहित अन्य सभी विभागों में निदेशक उसी काडर का होता है। इसके अलावा प्राध्यापकों ने कॉलेज में लगने वाली बायोमिट्रिक मशीनों की भी आलोचना की है।
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बैठक में राज्य सह सचिव डॉ. लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि महाविद्यालय के प्राध्यापकों का कार्य समय और कार्ययोजना अन्य विभागों के कर्मचारियों से अलग है। परीक्षाएं, प्रेक्टिकल और सह संज्ञानात्मक गतिविधियों में समय से हटकर काम करना पड़ता है। शोधकार्य और व्याख्यान तैयार करने के साथ-साथ प्राध्यापकों को अराजपत्रित अधिकारियों का भी दर्जा भी प्राप्त है। ऐसे में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मापदंडों को भी नहीं अपनाया जा रहा है। न ही प्राध्यापकों की मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। संघ की सचिव डॉ. राजन नेगी, सह सचिव प्रो. संदीप ठाकुर ने बताया कि इस मौके पर डॉ. एसएन स्नेही सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
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