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Rampur Bushahar News: रामपुर की 26 सड़कें अभी भी यातायात के लिए नहीं हुईं बहाल
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नोगली तकलेच मार्ग पर बसों की आवाजाही न होने से लोग पिकअप सवार होेकर अपने घरों की जाने के लिए मज
दुर्गम 15/20 क्षेत्र के कई गांवों में नहीं बिजली, नहीं थम रहीं दुश्वारियां
बस सुविधाएं ठप, छोटे वाहनों में जोखिमभरा सफर कर रहे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। बारिश को थमे एक सप्ताह का समय बीत गया है, लेकिन रामपुर उपमंडल के ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन अस्त-व्यस्त पड़ा है। अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र अभी भी यातायात सुविधा से कटे हुए हैं। उपमंडल की 26 ग्रामीण सड़कें बंद पड़ी हैं और ग्रामीण खतरों के साये में सफर कर रहे हैं। बस सुविधाएं ठप होने के कारण ग्रामीणों को आवाजाही करने के लिए छोटे वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है, लेकिन खस्ताहाल सड़कों पर इन वाहनों में सफर खतरों भरा बना हुआ है। वहीं, दुर्गम 15/20 क्षेत्र के कई इलाकें में अभी भी बिजली आपूर्ति ठप है। यहां क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में लोक निर्माण विभाग को समय लग सकता है। इस वर्ष तीन महीने में हुई भारी बरसात से रामपुर उपमंडल में भारी नुकसान हुआ है। आपदा से सबसे अधिक क्षति क्षेत्र की सड़कों को पहुंची है। कई ग्रामीण सड़कों के डंगे ढह गए हैं, कई सड़कें टूट हो गई हैं और कई सड़कों पर भारी भरकम मलबा आने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर से उतर गई है। कई सड़कों का नामोनिशान ही मिट गया है। इस कारण ग्रामीणों खासकर मरीजों को अस्पताल पहुंचाना, ग्रामीण क्षेत्रों में राशन और रसोई गैस सिलिंडर ले जाना कठिन हो गया है।
इन सड़कों पर यातायात ठप
उपमंडल की डंसा-पनोली, मशनू, फूंजा-शाह, शमकोर-जघोरी, गानवी, शालून-ब्युंथल, कोटला-कुनी, ननखड़ी-खमाडी, चड़ी-ढारण, खल्टूधार-छलाण, जवालडा-खड़ेला और गाहन-खड़ाहन पर यातायात ठप है। इसके अलावा खोलीघाट-रेस्तुधार, कोफरधार-छछीधार, खड़ाहन-लाहरू, थुआ-बनोगा, खड़ाहन-कोटाधार, चमाडा-धांशा, मझोली-कलेडा, शोली-धरागला, झिंझणू-शरोग, रामपुर-पांडाधार, तकलेच-देवठी, तकलेच-काशापाट, तकलेच-बाहली, उरमण-मुनीश, बरकल-थड़ा और तकलेच-दरकाली सड़क पर यातायात ठप है।
सड़ने लगा बागवानों का सेब
यातायात सुविधा ठप होने से बागवानों का सेब बगीचे में सड़ने के कगार पर पहुंच गया है। बागवान वैकल्पिक व्यवस्था कर सेब की फसल मंडी पहुंचाने में जुटे हुए हैं। भारी बरसात से सड़कों को हुई भारी क्षति पहुंची है। लोक निर्माण विभाग को सड़कें बहाल करने में अभी समय लग रहा है। हालांकि, विभाग ने रामपुर और ननखड़ी तहसील में 25 मशीनें और कई मजदूर तैनात किए हैं। कई इलाकों में भूस्खलन सिलसिला जारी है। इस कारण सड़क बहाल करना विभाग के लिए मुश्किल साबित हो रहा है।
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बिजली गुल, परेशान लोग
उपमंडल के 15/20 क्षेत्र में यातायात के साथ बिजली आपूर्ति भी बाधित है। क्षेत्र के नौ ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। इस कारण पशगांव, कांदरी, फांचा, नंती, टिक्कर, शमकोर और जघोरी गांव में कई दिनों से बिजली गुल है और ग्रामीण बिना बिजली के परेशानी झेल रहे हैं।
जल्द सड़कों की बहाली के दिए निर्देश
एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने बताया कि बाधित सड़कों को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। लोक निर्माण विभाग को जल्द सड़कों को बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने 25 मशीनें सड़कों को बहाल करने में लगाई हैं। जल्द ही सड़कों को बहाल कर दिया जाएगा।
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बस सुविधाएं ठप, छोटे वाहनों में जोखिमभरा सफर कर रहे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। बारिश को थमे एक सप्ताह का समय बीत गया है, लेकिन रामपुर उपमंडल के ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन अस्त-व्यस्त पड़ा है। अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र अभी भी यातायात सुविधा से कटे हुए हैं। उपमंडल की 26 ग्रामीण सड़कें बंद पड़ी हैं और ग्रामीण खतरों के साये में सफर कर रहे हैं। बस सुविधाएं ठप होने के कारण ग्रामीणों को आवाजाही करने के लिए छोटे वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है, लेकिन खस्ताहाल सड़कों पर इन वाहनों में सफर खतरों भरा बना हुआ है। वहीं, दुर्गम 15/20 क्षेत्र के कई इलाकें में अभी भी बिजली आपूर्ति ठप है। यहां क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में लोक निर्माण विभाग को समय लग सकता है। इस वर्ष तीन महीने में हुई भारी बरसात से रामपुर उपमंडल में भारी नुकसान हुआ है। आपदा से सबसे अधिक क्षति क्षेत्र की सड़कों को पहुंची है। कई ग्रामीण सड़कों के डंगे ढह गए हैं, कई सड़कें टूट हो गई हैं और कई सड़कों पर भारी भरकम मलबा आने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर से उतर गई है। कई सड़कों का नामोनिशान ही मिट गया है। इस कारण ग्रामीणों खासकर मरीजों को अस्पताल पहुंचाना, ग्रामीण क्षेत्रों में राशन और रसोई गैस सिलिंडर ले जाना कठिन हो गया है।
इन सड़कों पर यातायात ठप
उपमंडल की डंसा-पनोली, मशनू, फूंजा-शाह, शमकोर-जघोरी, गानवी, शालून-ब्युंथल, कोटला-कुनी, ननखड़ी-खमाडी, चड़ी-ढारण, खल्टूधार-छलाण, जवालडा-खड़ेला और गाहन-खड़ाहन पर यातायात ठप है। इसके अलावा खोलीघाट-रेस्तुधार, कोफरधार-छछीधार, खड़ाहन-लाहरू, थुआ-बनोगा, खड़ाहन-कोटाधार, चमाडा-धांशा, मझोली-कलेडा, शोली-धरागला, झिंझणू-शरोग, रामपुर-पांडाधार, तकलेच-देवठी, तकलेच-काशापाट, तकलेच-बाहली, उरमण-मुनीश, बरकल-थड़ा और तकलेच-दरकाली सड़क पर यातायात ठप है।
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सड़ने लगा बागवानों का सेब
यातायात सुविधा ठप होने से बागवानों का सेब बगीचे में सड़ने के कगार पर पहुंच गया है। बागवान वैकल्पिक व्यवस्था कर सेब की फसल मंडी पहुंचाने में जुटे हुए हैं। भारी बरसात से सड़कों को हुई भारी क्षति पहुंची है। लोक निर्माण विभाग को सड़कें बहाल करने में अभी समय लग रहा है। हालांकि, विभाग ने रामपुर और ननखड़ी तहसील में 25 मशीनें और कई मजदूर तैनात किए हैं। कई इलाकों में भूस्खलन सिलसिला जारी है। इस कारण सड़क बहाल करना विभाग के लिए मुश्किल साबित हो रहा है।
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बिजली गुल, परेशान लोग
उपमंडल के 15/20 क्षेत्र में यातायात के साथ बिजली आपूर्ति भी बाधित है। क्षेत्र के नौ ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। इस कारण पशगांव, कांदरी, फांचा, नंती, टिक्कर, शमकोर और जघोरी गांव में कई दिनों से बिजली गुल है और ग्रामीण बिना बिजली के परेशानी झेल रहे हैं।
जल्द सड़कों की बहाली के दिए निर्देश
एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने बताया कि बाधित सड़कों को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। लोक निर्माण विभाग को जल्द सड़कों को बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने 25 मशीनें सड़कों को बहाल करने में लगाई हैं। जल्द ही सड़कों को बहाल कर दिया जाएगा।