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मूरंग में चार माह से पेयजल संकट गहराया
Updated Wed, 28 Nov 2018 10:03 PM IST
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मूरंग में चार माह से पेयजल संकट गहराया
एक किलोमीटर दूर से नाले से पानी ढोकर ला रहे हैं ग्रामीण
आईपीएच विभाग पर लगाया समस्या की अनदेखी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के पूह खंड की मूरंग पंचायत में चार माह से ग्रामीणों पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। करीब दो हजार आबादी को मजबूरन नाले से पानी ढोकर गुजारा करना पड़ रहा है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर रोष है कि इस संबंध में कई बार आईपीएच के अधिकारियों को समस्या से अवगत करवाया गया, बावजूद इसके अभी तक समस्या बरकरार है।
क्षेत्र के ग्रामीण करीब एक किमी दूर कारजांग के नजदीक बलती के चश्मे से पानी ढोकर गुजारा कर रहे हैं। मूरंग पंचायत के चापू नाला से थवारिंग, ग्रामंग, लानेन और कारजांग में कई जगह पेयजल पाइपें टूटी हुई हैं। वही दूसरी लाइन में किरंग से माकारमंग में करीब 200 मीटर लाइनें पूरी तरह ब्लॉक हैं, तीसरी लाइन में रामचांग नाले से शिलिंग और चौथी लाइन लावैन से ब्यूसौमंग कैंची मोड़ रूवंग के लिए इस तरह से चारों स्रोतों से आईपीएच विभाग की नाकामियों के चलते ग्रामीणों को नियमित सप्लाई नहीं मिल पा रही है।
मूरंग पंचायत के थवारिंग, लानेन, ग्रामंग, कारजांग, माकैरमंग, कारवा, शिलिंग, सुसरा, खोकपा, मूरंग झूला, कैंची मोड़, जावर, रूवंग, ब्यूरसौमंग गांव की करीब 2000 की आबादी वाले लोगों को पेयजल किल्लत की परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। पूह ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान मूरंग प्रेमकुमार नेगी, ग्राम कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष संडुप नेगी, चंद्रलाल नेगी, मोहन सिंह नेगी, इंद्र सिंह नेगी, प्रवीन नेगी, यशवंत सिंह, नेगी, कर्मा नेगी, राजकुमारी नेगी, सीता देवी नेगी, पंछी लाल नेगी सहित कई अन्य ग्रामीणों के अनुसार विभाग की नाकामियों के चलते उन्हें पेयजल की नियमित आपूर्ति नहीं मिल रही है। यदि समय रहते बर्फबारी से पूर्व गांव में पानी की सप्लाई नियमित नहीं मिल पाई तो सर्दियों के दिनों में नदी, नालों और चश्मों के पानी या फिर बर्फ पिघलाकर गुजारा करना पड़ सकता है। वहीं उन्होंने कहा कि आईपीएच विभाग के खिलाफ कोर्ट जाने को मजबूर होंगे।
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इस संबंध में आईपीएच विभाग पूह के अधिशाषी अभियंता आरएस नेगी ने कहा कि पहले कुछ समस्या थी, लेकिन अब सप्लाई नियमित चल रही है। फिलहाल ऐसी कोई समस्या नहीं है। यदि ग्रामीणों को ऐसी कोई दिक्कत पेश आ रही है तो जल्द ही दूर की जाएगी।
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एक किलोमीटर दूर से नाले से पानी ढोकर ला रहे हैं ग्रामीण
आईपीएच विभाग पर लगाया समस्या की अनदेखी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के पूह खंड की मूरंग पंचायत में चार माह से ग्रामीणों पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। करीब दो हजार आबादी को मजबूरन नाले से पानी ढोकर गुजारा करना पड़ रहा है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर रोष है कि इस संबंध में कई बार आईपीएच के अधिकारियों को समस्या से अवगत करवाया गया, बावजूद इसके अभी तक समस्या बरकरार है।
क्षेत्र के ग्रामीण करीब एक किमी दूर कारजांग के नजदीक बलती के चश्मे से पानी ढोकर गुजारा कर रहे हैं। मूरंग पंचायत के चापू नाला से थवारिंग, ग्रामंग, लानेन और कारजांग में कई जगह पेयजल पाइपें टूटी हुई हैं। वही दूसरी लाइन में किरंग से माकारमंग में करीब 200 मीटर लाइनें पूरी तरह ब्लॉक हैं, तीसरी लाइन में रामचांग नाले से शिलिंग और चौथी लाइन लावैन से ब्यूसौमंग कैंची मोड़ रूवंग के लिए इस तरह से चारों स्रोतों से आईपीएच विभाग की नाकामियों के चलते ग्रामीणों को नियमित सप्लाई नहीं मिल पा रही है।
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मूरंग पंचायत के थवारिंग, लानेन, ग्रामंग, कारजांग, माकैरमंग, कारवा, शिलिंग, सुसरा, खोकपा, मूरंग झूला, कैंची मोड़, जावर, रूवंग, ब्यूरसौमंग गांव की करीब 2000 की आबादी वाले लोगों को पेयजल किल्लत की परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। पूह ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान मूरंग प्रेमकुमार नेगी, ग्राम कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष संडुप नेगी, चंद्रलाल नेगी, मोहन सिंह नेगी, इंद्र सिंह नेगी, प्रवीन नेगी, यशवंत सिंह, नेगी, कर्मा नेगी, राजकुमारी नेगी, सीता देवी नेगी, पंछी लाल नेगी सहित कई अन्य ग्रामीणों के अनुसार विभाग की नाकामियों के चलते उन्हें पेयजल की नियमित आपूर्ति नहीं मिल रही है। यदि समय रहते बर्फबारी से पूर्व गांव में पानी की सप्लाई नियमित नहीं मिल पाई तो सर्दियों के दिनों में नदी, नालों और चश्मों के पानी या फिर बर्फ पिघलाकर गुजारा करना पड़ सकता है। वहीं उन्होंने कहा कि आईपीएच विभाग के खिलाफ कोर्ट जाने को मजबूर होंगे।
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इस संबंध में आईपीएच विभाग पूह के अधिशाषी अभियंता आरएस नेगी ने कहा कि पहले कुछ समस्या थी, लेकिन अब सप्लाई नियमित चल रही है। फिलहाल ऐसी कोई समस्या नहीं है। यदि ग्रामीणों को ऐसी कोई दिक्कत पेश आ रही है तो जल्द ही दूर की जाएगी।