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हरिद्वार से कम नहीं त्रिवेणी संगम शमशर की मान्यता
Updated Mon, 27 Aug 2018 11:18 PM IST
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हरिद्वार से कम नहीं त्रिवेणी संगम शमशर की मान्यता
विद्वानों एवं समाजसेवियों ने संगम के विकास पर किया मंथन
अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)। जिला कुल्लू के आउटर सिराज क्षेत्र की पवित्र नदियों का संगम स्थल त्रिवेणी घाट शमशर में है। त्रिवेणी संगम शमशर में क्षेत्र के पुरोहितों एवं विद्वानों ने बैठक कर त्रिवेणी संगम के विकास पर चर्चा की। त्रिवेणी घाट कमेटी के सचिव शिवराम ने बताया कि शमशर के त्रिवेणी संगम में क्षेत्र की प्रसिद्ध जलोड़ी नदी, गुगरा नदी सहित देवी माता बूढ़ी नागन सरेऊलसर का पवित्र जल का संगम स्थल है।
देवी माता बूढ़ी नागन के पवित्र पानी की बावड़ी का सुधार किया गया और देश-विदेश के धार्मिक पर्यटकों के लिए पवित्र स्नान करने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश का मणिकर्ण और भारत के गंगा स्थल हरिद्वार की तरह त्रिवेणी घाट का विस्तार किया जाएगा। आनी मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर एनएच 305 सडक मार्ग पर शमशर नामक स्थान पर त्रिवेणी घाट संगम स्थल है। आम धार्मिक पर्यटकों के लिए 24 घंटे खुला रहेगा। आने जाने वाले लोग कभी भी त्रिवेणी घाट शमशर में पवित्र स्नान कर सकते हैं। देवता शमशरी महादेव का ऐतिहासिक मंदिर भी यहां पर मौजूद है। धार्मिक मान्यता के अनुसार देवता शमशरी महादेव दर्शन के साथ त्रिवेणी घाट पर स्नान करने से पुण्य मिलता है। त्रिवेणी घाट स्थल का जीर्णोद्धार कमांद पंचायत और स्थानीय कमेटी की ओर से किया जा रहा है। हिम संस्कृति के अध्यक्ष एसआर शर्मा ने बताया कि त्रिवेणी संगम पर एक पुस्तक प्रकाशित की जाएगी, जिसमें देवता शमशरी महादेव एवं त्रिवेणी घाट की मान्यता और परंपरा की जानकारी मुहैया करवाई जाएगी।
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विद्वानों एवं समाजसेवियों ने संगम के विकास पर किया मंथन
अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)। जिला कुल्लू के आउटर सिराज क्षेत्र की पवित्र नदियों का संगम स्थल त्रिवेणी घाट शमशर में है। त्रिवेणी संगम शमशर में क्षेत्र के पुरोहितों एवं विद्वानों ने बैठक कर त्रिवेणी संगम के विकास पर चर्चा की। त्रिवेणी घाट कमेटी के सचिव शिवराम ने बताया कि शमशर के त्रिवेणी संगम में क्षेत्र की प्रसिद्ध जलोड़ी नदी, गुगरा नदी सहित देवी माता बूढ़ी नागन सरेऊलसर का पवित्र जल का संगम स्थल है।
देवी माता बूढ़ी नागन के पवित्र पानी की बावड़ी का सुधार किया गया और देश-विदेश के धार्मिक पर्यटकों के लिए पवित्र स्नान करने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश का मणिकर्ण और भारत के गंगा स्थल हरिद्वार की तरह त्रिवेणी घाट का विस्तार किया जाएगा। आनी मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर एनएच 305 सडक मार्ग पर शमशर नामक स्थान पर त्रिवेणी घाट संगम स्थल है। आम धार्मिक पर्यटकों के लिए 24 घंटे खुला रहेगा। आने जाने वाले लोग कभी भी त्रिवेणी घाट शमशर में पवित्र स्नान कर सकते हैं। देवता शमशरी महादेव का ऐतिहासिक मंदिर भी यहां पर मौजूद है। धार्मिक मान्यता के अनुसार देवता शमशरी महादेव दर्शन के साथ त्रिवेणी घाट पर स्नान करने से पुण्य मिलता है। त्रिवेणी घाट स्थल का जीर्णोद्धार कमांद पंचायत और स्थानीय कमेटी की ओर से किया जा रहा है। हिम संस्कृति के अध्यक्ष एसआर शर्मा ने बताया कि त्रिवेणी संगम पर एक पुस्तक प्रकाशित की जाएगी, जिसमें देवता शमशरी महादेव एवं त्रिवेणी घाट की मान्यता और परंपरा की जानकारी मुहैया करवाई जाएगी।
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