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ग्रेफ से निकाले मजदूरों की वापसी की मांग
Updated Mon, 25 Jun 2018 09:02 PM IST
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नोगली में सीटू के बैनर तले प्रदर्शन करते मजदूर।
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
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रामपुर बुशहर। दीपक प्रोजेक्ट वर्कर यूनियन नोगली ने सोमवार सुबह 7 से 8 बजे तक छंटनी के विरोध में प्रदर्शन किया। मजदूरों ने नोगली मैन गेट के बाहर ग्रेफ प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। मजदूरों ने परियोजना में कार्य कर रहे मजदूरों को श्रम कानूनों के तहत लाभ न देने के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सीटू क्षेत्रीय समिति के सचिव कुलदीप और साइड कमेटी के अध्यक्ष भूप राम ने कहा कि ग्रेफ प्रबंधन ने हायर और फायर की नीति अपनाई है। वह जब चाहे मजदूरों को नौकरी पर रखता है और जब चाहे मजदूर निकाल दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि दो वर्ष से अवेरी डेट में काम कर रहे मजदूरों को नौकरी से निकाला गया है। अब इन्हें फिर से नौकरी पर नहीं रखा जा रहा है। प्रबंधन मजदूरों को साप्ताहिक अवकाश के अलावा कोई छुट्टी नहीं देता है। निकाले गए मजदूरों को पहले नौकरी पर रखने बात कही गई। बाद में जेई ने उन्हें रखने पर हामी नहीं भरी। सीटू ने कहा कि ग्रेफ प्रबंधन कानूनों और श्रम कानूनों को नहीं मान रहा है। साइट पर काम करवा रहे जेई मनमानी कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि ग्रेफ प्रबंधन को दीपक प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन की तरफ से 14 नवंबर 2016 को औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के तहत मांग पत्र दिया गया है। चंडीगढ़ में केंद्रीय श्रम आयुक्त के पास समझौता वार्ता चल रही है। इस स्थिति में मजदूरों को न तो निकाला जा सकता और न ही नौकरी में परिवर्तन किया जा सकता है। इसके बावजूद नियमों को दरकिनार कर ग्रेफ प्रबंधन श्रम कानूनों की पालना न कर मनमर्जी से कार्य कर रही है। मजदूरों को 15 तारीख के बाद वेतन दिया जा रहा है। मेडिकल की सुविधा नहीं है। इसके अलावा फैक्टरी एक्ट के तहत मिलने वाली छुट्टियां सिक लीव, कैजुअल लीव, फेस्टिवल हॉली-डे नहीं दी जाती। यदि कोई मजदूर बीमार होकर 2-4 दिन में नहीं आता है तो उसे नौकरी से निकाला जाता है। उन्होंने चेताया कि यदि जल्द ही इन मजदूरों को नौकरी पर नहीं गया तो सीटू ग्रेफ प्रबंधन ज्यूरी से धामी तक काम बंद कर देगी। इस मौके पर सचिव राजेंद्र, शशि कांति, पिंकी, सुंदर, ममता, असरिता, रमेश, जुलेश्वर सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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