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सता के साथ चलता है जुब्बल-कोटखाई विस क्षेत्र
Updated Sat, 28 Oct 2017 07:31 PM IST
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जुब्बल (रोहड़ू)।
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जुब्बल-कोटखाई विधानसभा वर्ष 2003 से प्रदेश की सत्ता के साथ चलती आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर रामलाल ने काफी समय तक जुब्बल-कोटखाई का प्रतिनिधित्व किया। उनके बाद जुब्बल-कोटखाई का विधायक कभी विपक्ष में नहीं बैठा है। इससे जिला शिमला में जुब्बल-कोटखाई विधानसभा सीट हमेशा सुर्खियों में बनी रहती है।
जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र अपने अनोखे रिकॉर्ड से जिला शिमला की सबसे हाट सीट है। इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशियों में कड़ी टक्कर होती है। पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर राम लाल के निधन के बाद वर्ष 2003 से लगातार जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र प्रदेश की सत्ता के साथ चल रही है। पिछले आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में स्व. ठाकुर रामलाल के पोते रोहित ठाकुर ने पहली बार कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। रोहित ठाकुर ने भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र बरागटा को मात दी। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्तासीन हुई। इसमें विधायक रोहित ठाकुर ने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में दोनो प्रत्याशी फिर एक बार आमने-सामने हुए। उन चुनावों में नरेंद्र बरागटा ने रोहित ठाकुर को हराया। प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्तासीन हुई। नरेंद्र बरागटा को भाजपा सरकार में बागवानी मंत्री बनाया गया। उन्होंने पांच वर्ष भाजपा सरकार में जुब्बल-कोटखाई का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव में फिर एक बार दोनों प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इसमें रोहित ठाकुर ने नरेंद्र बरागटा को फिर से हराया। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई। रोहित ठाकुर को कांग्रेस सरकार में मुख्य संसदीय सचिव चुना गया। अब फिर से इन विधानसभा चुनाव में दोनों प्रत्याशी आमने-सामने हैं। इस बार जुब्बल-कोटखाई के सत्ता में रहने की परंपरा जारी रहेगी या नहीं इसका पता तो चुनाव नतीजों के आने के बाद ही चल पाएगा।
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