{"_id":"5b97ead9867a557f373db1b3","slug":"201536682713-rampur-bushahar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वर्ष 2000 से नहीं सुधरी पुराना तिब्बत मार्ग की खस्ताहालत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वर्ष 2000 से नहीं सुधरी पुराना तिब्बत मार्ग की खस्ताहालत
Updated Tue, 11 Sep 2018 09:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नहीं सुधरी पुराना तिब्बत मार्ग की खस्ता हालत
आपदा के समय काफी कारगर साबित होता है यह वैकल्पिक मार्ग
पूह और कल्पा खंड की 47 पंचायतों के लोग झेल रहे परेशानी
बीरबल नेगी
सांगला (किन्नौर)। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पुराने तिब्बत मार्ग की हालत काफी खस्ता है। चीन के साथ युद्ध के समय भारतीय सेना को राहत देने और वर्ष 2000 में बाढ़ से हुई त्रासदी में कारगर साबित होने वाले पुराने तिब्बत मार्ग की हालत बीते 18 वर्षों से जस की तस है। किन्नौर जिले के कल्पा खंड के चुगलिंग से रूनंग, मीरू के रांगले, उरनी, चगांव होते हुए टापरी पहुंचाने वाले इस 37 किलोमीटर मार्ग की हालत सुधारना बेहद जरूरी है। सड़क खस्ताहाल होने के कारण सुरक्षा के दृष्टिगत पूह और कल्पा खंड की 47 पंचायतों सहित ताबो, काजा, स्पीति और मनाली सहित जिले के सीमा से सटे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
गौर हो कि वर्ष 2000 में सतलुज नदी में बाढ़ आने से मची त्रासदी के दौरान समदू के खाब से लेकर चौरा तक 108 पुल बाढ़ की चपेट में आ गए थे, जिस कारण कई मीलों तक नेशनल हाईवे क्षतिग्रस्त हो गया था। कल्पा और पूह खंड के हजारों बागवानों और ग्रामीणों का कई टन फसल सेब और मटर की फसल इसी मार्ग होकर मंडियों तक पहुंची थी। वर्ष 2004 में आपात के दौरान भी इसी सड़क से जिले भर के लोगों को खाद्य सामग्री और अन्य जरूरतों का सामान लाया ले जाया गया था। रोघी के पूर्व प्रधान सुभाष नेगी के अनुसार वर्ष 1962 के भारत-तिब्बत युद्ध के दौरान भी आर्मी ने इसी वैकल्पिक सड़क का इस्तेमाल किया था। सरकार को चाहिए कि वह जल्द से जल्द बजट का प्रावधान कर सड़क की खस्ता हालत को सुधारा जाए।
कल्पा के राजकुमार नेगी, पूह प्रधान सुमन साना, राजेश नेगी, दिलीप नेगी, हिम्मतराय नेगी, अजीत नेगी, दीपक नेगी, दिव्या नेगी, प्रभाकर नेगी सहित अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से पुराने तिब्बत मार्ग को जल्द से जल्द दुरुस्त करने की मांग की है।
विज्ञापन
वहीं इस संबंध में लोक निर्माण विभाग कल्पा के अधिशाषी अभियंता वीरेंद्र गुलेरिया और भावानगर अधिशाषी अभियंता आरएल चौहान ने बताया कि इस सड़क को दुरुस्त रखने की सख्त आवश्यकता है। सड़क के रखरखाव और मरम्मत को लेकर एस्टीमेट बनाकर विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। बजट का प्रावधान होते ही सड़क की मरम्मत के साथ-साथ क्रश बैरियर, दीवार लगाने का कार्य शुरू हो पाएगा।
विज्ञापन
आपदा के समय काफी कारगर साबित होता है यह वैकल्पिक मार्ग
पूह और कल्पा खंड की 47 पंचायतों के लोग झेल रहे परेशानी
बीरबल नेगी
सांगला (किन्नौर)। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पुराने तिब्बत मार्ग की हालत काफी खस्ता है। चीन के साथ युद्ध के समय भारतीय सेना को राहत देने और वर्ष 2000 में बाढ़ से हुई त्रासदी में कारगर साबित होने वाले पुराने तिब्बत मार्ग की हालत बीते 18 वर्षों से जस की तस है। किन्नौर जिले के कल्पा खंड के चुगलिंग से रूनंग, मीरू के रांगले, उरनी, चगांव होते हुए टापरी पहुंचाने वाले इस 37 किलोमीटर मार्ग की हालत सुधारना बेहद जरूरी है। सड़क खस्ताहाल होने के कारण सुरक्षा के दृष्टिगत पूह और कल्पा खंड की 47 पंचायतों सहित ताबो, काजा, स्पीति और मनाली सहित जिले के सीमा से सटे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
गौर हो कि वर्ष 2000 में सतलुज नदी में बाढ़ आने से मची त्रासदी के दौरान समदू के खाब से लेकर चौरा तक 108 पुल बाढ़ की चपेट में आ गए थे, जिस कारण कई मीलों तक नेशनल हाईवे क्षतिग्रस्त हो गया था। कल्पा और पूह खंड के हजारों बागवानों और ग्रामीणों का कई टन फसल सेब और मटर की फसल इसी मार्ग होकर मंडियों तक पहुंची थी। वर्ष 2004 में आपात के दौरान भी इसी सड़क से जिले भर के लोगों को खाद्य सामग्री और अन्य जरूरतों का सामान लाया ले जाया गया था। रोघी के पूर्व प्रधान सुभाष नेगी के अनुसार वर्ष 1962 के भारत-तिब्बत युद्ध के दौरान भी आर्मी ने इसी वैकल्पिक सड़क का इस्तेमाल किया था। सरकार को चाहिए कि वह जल्द से जल्द बजट का प्रावधान कर सड़क की खस्ता हालत को सुधारा जाए।
विज्ञापन
कल्पा के राजकुमार नेगी, पूह प्रधान सुमन साना, राजेश नेगी, दिलीप नेगी, हिम्मतराय नेगी, अजीत नेगी, दीपक नेगी, दिव्या नेगी, प्रभाकर नेगी सहित अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से पुराने तिब्बत मार्ग को जल्द से जल्द दुरुस्त करने की मांग की है।
विज्ञापन
वहीं इस संबंध में लोक निर्माण विभाग कल्पा के अधिशाषी अभियंता वीरेंद्र गुलेरिया और भावानगर अधिशाषी अभियंता आरएल चौहान ने बताया कि इस सड़क को दुरुस्त रखने की सख्त आवश्यकता है। सड़क के रखरखाव और मरम्मत को लेकर एस्टीमेट बनाकर विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। बजट का प्रावधान होते ही सड़क की मरम्मत के साथ-साथ क्रश बैरियर, दीवार लगाने का कार्य शुरू हो पाएगा।