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हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ चौपाल का एक प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
Updated Fri, 03 Aug 2018 09:56 PM IST
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हर पंचायत में खुले आदर्श प्राथमिक विद्यालय
प्रदेश शिक्षक महासंघ चौपाल ने सरकार को भेजा मांगपत्र
पीजीटी के स्थान पर प्रवक्ता पद किया जाए बहाल
अमर उजाला ब्यूरो
नेरवा। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ चौपाल ने सरकार से मांग की है कि जगह जगह प्राथमिक विद्यालय खोलने के बजाए प्रत्येक पंचायत में एक आदर्श प्राथमिक विद्यालय खोला जाए। उस विद्यालय में कम से कम पांच अध्यापक और एक मुख्याध्यापक की नियुक्ति की जाए। महासंघ का प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को खंड के अध्यक्ष केवल राम कांटा की अध्यक्षता में एसडीएम से मिला। इस दौरान 45 सूत्रीय मांगपत्र एसडीएम के माध्यम से सरकार को सौंपा।
शिक्षक महासंघ चौपाल ने मांग रखी कि तीन वर्षों तक कोई अध्यापक 25 फीसदी से कम परिणाम देता तो उसे तीन साल की चेतावनी देने के बाद चौथे साल उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। स्कूल में छात्रों के लिए वाहन की व्यवस्था की जाए। सभी शिक्षकों की एक जनवरी 2004 से पहले की पेंशन योजना बहाल की जाए। शिक्षकों के पद खाली होने की स्थिति से निपटने के लिए वरिष्ठ अध्यापकों के अनुभव का लाभ उठाने तथा शिक्षा सेवा में प्रवेश की आयु में हो रहे विलंब को देखते हुए अध्यापकों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 60 वर्ष करने की मांग भी की गई।
मांग पत्र में कहा गया कि मूल्यांकन पद्धति शिक्षा के स्तर में गिरावट के लिए उत्तरदायी है। परीक्षा मूल्यांकन पद्धति पर पुनर्विचार कर आठवीं तक विद्यार्थी को अनुत्तीर्ण न करने के निर्णय को वापस लेकर पांचवीं से लेकर आठवीं तक पुरानी शिक्षा पद्धति लागू की जाए। पीजीटी के स्थान पर प्रवक्ता पद बहाल किया जाए व जमा एक व जमा दो के अतिरिक्त अन्य कक्षाओं को पढ़ाने की शर्त समाप्त करते हुए पीजीटी को पूर्व की भांति 24 लेक्चर का कार्यभार दिया जाए। महासंघ द्वारा सरकार से यह भी मांग की गई कि 7-7 -14 की अधिसूचना को निरस्त कर पहले वाली स्थिति बहाल की जाए। प्रतिनिधिमंडल में जिला शिक्षक प्रकोष्ठ प्रभारी संजीव दफराइक, चौपाल खंड मीडिया प्रभारी प्रदीप चौहान, जिला कार्यकारिणी सदस्य विशेष चंद शर्मा, प्रेम शर्मा और सुरेंद्र तंगड़ाइक भी शामिल थे।
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प्रदेश शिक्षक महासंघ चौपाल ने सरकार को भेजा मांगपत्र
पीजीटी के स्थान पर प्रवक्ता पद किया जाए बहाल
अमर उजाला ब्यूरो
नेरवा। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ चौपाल ने सरकार से मांग की है कि जगह जगह प्राथमिक विद्यालय खोलने के बजाए प्रत्येक पंचायत में एक आदर्श प्राथमिक विद्यालय खोला जाए। उस विद्यालय में कम से कम पांच अध्यापक और एक मुख्याध्यापक की नियुक्ति की जाए। महासंघ का प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को खंड के अध्यक्ष केवल राम कांटा की अध्यक्षता में एसडीएम से मिला। इस दौरान 45 सूत्रीय मांगपत्र एसडीएम के माध्यम से सरकार को सौंपा।
शिक्षक महासंघ चौपाल ने मांग रखी कि तीन वर्षों तक कोई अध्यापक 25 फीसदी से कम परिणाम देता तो उसे तीन साल की चेतावनी देने के बाद चौथे साल उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। स्कूल में छात्रों के लिए वाहन की व्यवस्था की जाए। सभी शिक्षकों की एक जनवरी 2004 से पहले की पेंशन योजना बहाल की जाए। शिक्षकों के पद खाली होने की स्थिति से निपटने के लिए वरिष्ठ अध्यापकों के अनुभव का लाभ उठाने तथा शिक्षा सेवा में प्रवेश की आयु में हो रहे विलंब को देखते हुए अध्यापकों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 60 वर्ष करने की मांग भी की गई।
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मांग पत्र में कहा गया कि मूल्यांकन पद्धति शिक्षा के स्तर में गिरावट के लिए उत्तरदायी है। परीक्षा मूल्यांकन पद्धति पर पुनर्विचार कर आठवीं तक विद्यार्थी को अनुत्तीर्ण न करने के निर्णय को वापस लेकर पांचवीं से लेकर आठवीं तक पुरानी शिक्षा पद्धति लागू की जाए। पीजीटी के स्थान पर प्रवक्ता पद बहाल किया जाए व जमा एक व जमा दो के अतिरिक्त अन्य कक्षाओं को पढ़ाने की शर्त समाप्त करते हुए पीजीटी को पूर्व की भांति 24 लेक्चर का कार्यभार दिया जाए। महासंघ द्वारा सरकार से यह भी मांग की गई कि 7-7 -14 की अधिसूचना को निरस्त कर पहले वाली स्थिति बहाल की जाए। प्रतिनिधिमंडल में जिला शिक्षक प्रकोष्ठ प्रभारी संजीव दफराइक, चौपाल खंड मीडिया प्रभारी प्रदीप चौहान, जिला कार्यकारिणी सदस्य विशेष चंद शर्मा, प्रेम शर्मा और सुरेंद्र तंगड़ाइक भी शामिल थे।
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