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सगौथ के प्रेम ठाकुर एसपी से बने डीआईजी
Updated Tue, 22 May 2018 09:31 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)।
निरमंड खंड के दूरदराज गांव सगौथ के प्रेम ठाकुर हाल ही में डीआईजी पदोन्नत हुए हैं। वर्ष 1992 बैच के एचपीएस अफसर रहे प्रेम ठाकुर को प्रदेश सरकार ने 2004 बैच का आईपीएस कैडर देकर उन्हें डीआईजी के पद पर तैनात किया है। प्रेम ठाकुर की आठवीं तक की प्रारंभिक शिक्षा निरमंड के अरसू स्कूल से हुई है, जबकि नौंवी कक्षा के बाद उनकी पढ़ाई चंडीगढ़ से हुई। बीए भी पंजाब यूनिवर्सिटी से की और जियोग्राफी हॉनर्स में पंजाब यूनिवर्सिटी में गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुके हैं।
प्रेम ठाकुर वकालत की पढ़ाई करने दिल्ली यूनिवर्सिटी चले गए। वे लाहुल स्पीति, मंडी, सोलन जिला और सतर्कता विभाग में बतौर एसपी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी इच्छा सिविल सर्विसेज में जाकर देश सेवा और नाम कमाने की थी। लेकनि एचएएस में चौथी रैंकिंग होने के चलते उन्हें एचपीएस कैडर मिला। वर्तमान में नाहन स्थित छठीं बटालियन में बतौर एसपी सेवाएं दे रहे प्रेम ठाकुर ने सफलता का श्रेय अपने पिता स्व. हमीर दास ठाकुर को दिया है। प्रेम ठाकुर ने कहा कि उनके पिता ने उनसे कहा कि ऐसा काम करो जिससे उनका नाम रोशन हो। उनकी पत्नी कविता ठाकुर वर्तमान में ऐसी टू डीसी बिलासपुर है। बड़े भाई दलजीत ठाकुर गत वर्ष ही सीआईडी में आईजी बने हैं। दलजीत ठाकुर की पत्नी अर्चना ठाकुर लोनिवि विभाग शिमला में बतौर एसई तैनात है।
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आनी (कुल्लू)।
निरमंड खंड के दूरदराज गांव सगौथ के प्रेम ठाकुर हाल ही में डीआईजी पदोन्नत हुए हैं। वर्ष 1992 बैच के एचपीएस अफसर रहे प्रेम ठाकुर को प्रदेश सरकार ने 2004 बैच का आईपीएस कैडर देकर उन्हें डीआईजी के पद पर तैनात किया है। प्रेम ठाकुर की आठवीं तक की प्रारंभिक शिक्षा निरमंड के अरसू स्कूल से हुई है, जबकि नौंवी कक्षा के बाद उनकी पढ़ाई चंडीगढ़ से हुई। बीए भी पंजाब यूनिवर्सिटी से की और जियोग्राफी हॉनर्स में पंजाब यूनिवर्सिटी में गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुके हैं।
प्रेम ठाकुर वकालत की पढ़ाई करने दिल्ली यूनिवर्सिटी चले गए। वे लाहुल स्पीति, मंडी, सोलन जिला और सतर्कता विभाग में बतौर एसपी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी इच्छा सिविल सर्विसेज में जाकर देश सेवा और नाम कमाने की थी। लेकनि एचएएस में चौथी रैंकिंग होने के चलते उन्हें एचपीएस कैडर मिला। वर्तमान में नाहन स्थित छठीं बटालियन में बतौर एसपी सेवाएं दे रहे प्रेम ठाकुर ने सफलता का श्रेय अपने पिता स्व. हमीर दास ठाकुर को दिया है। प्रेम ठाकुर ने कहा कि उनके पिता ने उनसे कहा कि ऐसा काम करो जिससे उनका नाम रोशन हो। उनकी पत्नी कविता ठाकुर वर्तमान में ऐसी टू डीसी बिलासपुर है। बड़े भाई दलजीत ठाकुर गत वर्ष ही सीआईडी में आईजी बने हैं। दलजीत ठाकुर की पत्नी अर्चना ठाकुर लोनिवि विभाग शिमला में बतौर एसई तैनात है।
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