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Rampur Bushahar News: शिपकी ला के रास्ते 20 भारतीय, 35 चीनी वस्तुओं का होगा कारोबार
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शिपकिला के रास्ते व्यापार शुरू करने से संबंधित बैठक में उपस्थित कारोबारी और प्रशासनिक अधिकारी।
भारत से हथकरघा शाॅल, कृषि उपकरण, आयुर्वेदिक दवाइयां होंगी निर्यात
चीन से जूते, याक की ऊन और पश्मीना ऊन का आयात होगा
इसी माह से होगा शुरू, प्रशासन ने कारोबारियों को दिया गया प्रशिक्षण
गृह मंत्रालय से दस्तावेज सत्यापन होने के बाद कारोबारियों को जारी होंगे पास
सीमा तक जाने वाली नमज्ञा-शिपकिला सड़क को भी किया जा रहा दुरुस्त
प्रकाश ठाकुर
रामपुर बुशहर। जनजातीय जिले किन्नौर के पूह उपमंडल में पड़ने वाले शिपकी ला के रास्ते भारतीय कारोबारी 20 तरह की वस्तुएं चीन ले जा सकेंगे, जबकि चीन से 35 तरह का सामान भारत लाया जा सकेगा। भारत से हथकरघा शॉल, कृषि उपकरण, आयुर्वेदिक दवाइयां निर्यात होंगी, जबकि चीन से जूते, याक ऊन और पश्मीना ऊन का आयात होगा। शिपकी ला के रास्ते भारत और चीन के बीच इसी माह से व्यापार शुरू होगा। कारोबार करने के लिए 60 कारोबारियों ने दस्तावेज दिए हैं। गृह मंत्रालय से दस्तावेज सत्यापन के बाद कारोबारियों को किन्नौर प्रशासन की ओर से परमिट जारी किए जाएंगे। सीमा तक जाने वाली नमज्ञा-शिपकिला सड़क को भी दुरुस्त किया जा रहा है। जल्द ही सीमा शुल्क विभाग की लुधियाना इकाई की ओर से शिपकी ला में कर्मचारियों की तैनाती कर दी जाएगी। किन्नौर प्रशासन ने पंजीकरण के लिए आवेदन करने वाले पूह के कारोबारियों को इस संबंध में प्रशिक्षण दिया है। किन्नौर के सहायक उपायुक्त विपिन कुमार की अध्यक्षता में पूह के मिनी सचिवालय में स्थानीय व्यापारियों की बुधवार को एक बैठक हुई। सहायक उपायुक्त ने भारत-चीन व्यापार के संदर्भ में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने आयात और निर्यात उत्पादों की सूची पर जानकारी दी। बैठक में लुधियाना सीमा शुल्क के सहायक आयुक्त मुकेश कुमार मीणा, शिपकी ला व्यापार अधिकारी एवं तहसीलदार पूह भीम सिंह नेगी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
छह साल बाद शुरू हो रहा व्यापार
बता दें कि शिपकी ला के रास्ते चीन से व्यापार छह साल बाद शुरू हो रहा है। कोविड के समय साल 2020 में शिपकी ला के रास्ते व्यापार बंद कर दिया गया था। पिछले साल केंद्र सरकार ने शिपki ला के रास्ते फिर से व्यापार शुरू करने की राजनीतिक मंजूरी दी थी। किन्नौर प्रशासन ने व्यापार शुरू करने को लेकर तैयारियां पिछले साल दिसंबर से शुरू कर दी थीं। हालांकि, शिपकी ला के रास्ते 1 जून से व्यापार शुरू किया जाना था, लेकिन गृह मंत्रालय से अभी कारोबारियों के दस्तावेजों का सत्यापन कार्य पूरा नहीं हो पाया है। माना जा रहा यह कार्य कुछ दिनों में पूरा हो जाएगा। इसके बाद कारोबारियों को परमिट जारी होंगे।
शिपकी ला के रास्ते करीब 55 वस्तुओं को आयात और निर्यात होगा। कारोबार को इसी माह शुरू किया जाएगा। कारोबारियों के दस्तावेज जांच के लिए गृह मंत्रालय को भेजे हैं। दस्तावेज सत्यापन के बाद कारोबारियों को परमिट जारी होंगे।
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भीम सिंह नेगी, शिपकी ला व्यापार अधिकारी एवं तहसीलदार, पूह
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चीन से जूते, याक की ऊन और पश्मीना ऊन का आयात होगा
इसी माह से होगा शुरू, प्रशासन ने कारोबारियों को दिया गया प्रशिक्षण
गृह मंत्रालय से दस्तावेज सत्यापन होने के बाद कारोबारियों को जारी होंगे पास
सीमा तक जाने वाली नमज्ञा-शिपकिला सड़क को भी किया जा रहा दुरुस्त
प्रकाश ठाकुर
रामपुर बुशहर। जनजातीय जिले किन्नौर के पूह उपमंडल में पड़ने वाले शिपकी ला के रास्ते भारतीय कारोबारी 20 तरह की वस्तुएं चीन ले जा सकेंगे, जबकि चीन से 35 तरह का सामान भारत लाया जा सकेगा। भारत से हथकरघा शॉल, कृषि उपकरण, आयुर्वेदिक दवाइयां निर्यात होंगी, जबकि चीन से जूते, याक ऊन और पश्मीना ऊन का आयात होगा। शिपकी ला के रास्ते भारत और चीन के बीच इसी माह से व्यापार शुरू होगा। कारोबार करने के लिए 60 कारोबारियों ने दस्तावेज दिए हैं। गृह मंत्रालय से दस्तावेज सत्यापन के बाद कारोबारियों को किन्नौर प्रशासन की ओर से परमिट जारी किए जाएंगे। सीमा तक जाने वाली नमज्ञा-शिपकिला सड़क को भी दुरुस्त किया जा रहा है। जल्द ही सीमा शुल्क विभाग की लुधियाना इकाई की ओर से शिपकी ला में कर्मचारियों की तैनाती कर दी जाएगी। किन्नौर प्रशासन ने पंजीकरण के लिए आवेदन करने वाले पूह के कारोबारियों को इस संबंध में प्रशिक्षण दिया है। किन्नौर के सहायक उपायुक्त विपिन कुमार की अध्यक्षता में पूह के मिनी सचिवालय में स्थानीय व्यापारियों की बुधवार को एक बैठक हुई। सहायक उपायुक्त ने भारत-चीन व्यापार के संदर्भ में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने आयात और निर्यात उत्पादों की सूची पर जानकारी दी। बैठक में लुधियाना सीमा शुल्क के सहायक आयुक्त मुकेश कुमार मीणा, शिपकी ला व्यापार अधिकारी एवं तहसीलदार पूह भीम सिंह नेगी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
छह साल बाद शुरू हो रहा व्यापार
बता दें कि शिपकी ला के रास्ते चीन से व्यापार छह साल बाद शुरू हो रहा है। कोविड के समय साल 2020 में शिपकी ला के रास्ते व्यापार बंद कर दिया गया था। पिछले साल केंद्र सरकार ने शिपki ला के रास्ते फिर से व्यापार शुरू करने की राजनीतिक मंजूरी दी थी। किन्नौर प्रशासन ने व्यापार शुरू करने को लेकर तैयारियां पिछले साल दिसंबर से शुरू कर दी थीं। हालांकि, शिपकी ला के रास्ते 1 जून से व्यापार शुरू किया जाना था, लेकिन गृह मंत्रालय से अभी कारोबारियों के दस्तावेजों का सत्यापन कार्य पूरा नहीं हो पाया है। माना जा रहा यह कार्य कुछ दिनों में पूरा हो जाएगा। इसके बाद कारोबारियों को परमिट जारी होंगे।
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शिपकी ला के रास्ते करीब 55 वस्तुओं को आयात और निर्यात होगा। कारोबार को इसी माह शुरू किया जाएगा। कारोबारियों के दस्तावेज जांच के लिए गृह मंत्रालय को भेजे हैं। दस्तावेज सत्यापन के बाद कारोबारियों को परमिट जारी होंगे।
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भीम सिंह नेगी, शिपकी ला व्यापार अधिकारी एवं तहसीलदार, पूह