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जड़ सड़न रोग से बचाएं बगीचा
Updated Mon, 13 Nov 2017 06:15 PM IST
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रोहड़ू। सर्दियां आते ही अब बागवान बागीचों के कार्यों में जुट गए हैं। इन दिनों बागीचे में जड़ सड़न रोग की रोकथाम करना आवश्यक है। इस रोग से पौधे की जड़े सड़ने लगती हैं। नमीदार व छायादार बागीचों में यह रोग अधिक तेजी से फैलता है। रोग की चपेट में आने से पौधे का विकास पूरी तरह से रुक जाता है।
जड़ सड़न रोग की रोकथाम सर्दियों में की जा सकती है। बागवान सेब के उन पौधों की जड़ों को जहां रोग ग्रस्त होने की संभावना है, वहां से मिट्टी हटाकर धूप लगाने के लिए जड़ों को खोल दें। यह सुनिश्चित करें कि सेब के पौधों का कलमी भाग मिट्टी में न दबे। जो बागीचे अधिक नमीदार व छायादार हैं, उनमें जड़ सड़न रोग फैलने की संभावना अधिक रहती है। समय पर रोकथाम न होने के कारण पौधा खत्म भी हो जाता है। विशेषज्ञ बागवानों को रोग की समय पर रोकथाम करने की सलाह दे रहे हैं। उद्यान विकास अधिकारी रोहड़ू डॉ. आगर दास ने कहा कि जड़ सड़न रोग अधिकतर नमीदार व छायादार बागीचों में पनपता है। इस रोग की रोकथाम बहुत आवश्यक है। अगर समय पर रोग की रोकथाम न की जाए तो पौधा शीघ्र मर जाता है।
फफूंदी नाशक पेस्ट लगाएं : आगर
उद्यान विकास अधिकारी रोहड़ू डॉ. आगर दास ने कहा कि बागवान सर्दियों मे रोग ग्रस्त पौधों की जड़ों से मिट्टी हटाकर धूप लगने के लिए खोल दें। रोग ग्रस्त पौधों की जड़ों से जख्म को साफ कर उस पर फफूंदी नाशक पेस्ट लगाएं। पौधों की जड़ों में पानी को न रुकने दें। पानी की निकासी के लिए नालियां बनाएं। बागीचे में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। खरपतवार सेब की जड़ों में न उगने दें। रोग के अधिक पनपने पर बागवानी विशेषज्ञ से सलाह लें।
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जड़ सड़न रोग की रोकथाम सर्दियों में की जा सकती है। बागवान सेब के उन पौधों की जड़ों को जहां रोग ग्रस्त होने की संभावना है, वहां से मिट्टी हटाकर धूप लगाने के लिए जड़ों को खोल दें। यह सुनिश्चित करें कि सेब के पौधों का कलमी भाग मिट्टी में न दबे। जो बागीचे अधिक नमीदार व छायादार हैं, उनमें जड़ सड़न रोग फैलने की संभावना अधिक रहती है। समय पर रोकथाम न होने के कारण पौधा खत्म भी हो जाता है। विशेषज्ञ बागवानों को रोग की समय पर रोकथाम करने की सलाह दे रहे हैं। उद्यान विकास अधिकारी रोहड़ू डॉ. आगर दास ने कहा कि जड़ सड़न रोग अधिकतर नमीदार व छायादार बागीचों में पनपता है। इस रोग की रोकथाम बहुत आवश्यक है। अगर समय पर रोग की रोकथाम न की जाए तो पौधा शीघ्र मर जाता है।
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फफूंदी नाशक पेस्ट लगाएं : आगर
उद्यान विकास अधिकारी रोहड़ू डॉ. आगर दास ने कहा कि बागवान सर्दियों मे रोग ग्रस्त पौधों की जड़ों से मिट्टी हटाकर धूप लगने के लिए खोल दें। रोग ग्रस्त पौधों की जड़ों से जख्म को साफ कर उस पर फफूंदी नाशक पेस्ट लगाएं। पौधों की जड़ों में पानी को न रुकने दें। पानी की निकासी के लिए नालियां बनाएं। बागीचे में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। खरपतवार सेब की जड़ों में न उगने दें। रोग के अधिक पनपने पर बागवानी विशेषज्ञ से सलाह लें।
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