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उपचार न मिलने से लौट रहे मायूस
Updated Sat, 16 Dec 2017 06:52 PM IST
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रामपुर बुशहर। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में बीते एक वर्ष से नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो पाई है। नेत्र रोग विशेषज्ञ कब तक आएगा, इसका किसी को पता नहीं है। लोग विशेषज्ञ की आस में रोज अस्पताल पहुंच जाते हैं। लेकिन यहां पर चिकित्सक नहीं मिलने से उनको मायूसी हाथ लग रही है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से हजारों लोग परेशान हो रहे। साथ ही उनको उपचार के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर शिमला जाना पड़ रहा है। महात्मा गांधी चिकित्सा परिसर खनेरी में एक वर्ष से नेत्र रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त पड़ा है।
प्रदेश सरकार ने कई माह पूर्व यहां नेत्र चिकित्सक को स्थानांतरित कर भेजा था। लेकिन उसने अस्पताल में पदभार ग्रहण करने से पहले ही किसी दूसरे अस्पताल में अपना तबादला करवा दिया। इसके बाद अस्पताल में कोई और नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं भेजा गया। खनेरी अस्पताल शिमला, कुल्लू, किन्नौर और मंडी जिले के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवा रहा है। अस्पताल में रोज 30 से 40 लोग नेत्र रोग से पीड़ित पहुंचते हैं। किन्नौर, कुल्लू और मंडी जिले से सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर रामपुर पहुंचने वाले नेत्र रोगियों को 130 किलोमीटर दूर शिमला या मायूस होकर वापस जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में मरीजों को अतिरिक्त सफर और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खनेरी अस्पताल पहुंचे यशवंत शर्मा, राज कायथ, यशपाल चौहान, सतीश, खेमराज नेगी, नेसू राम, संजीव कुमार, राजेंद्र सिंह, प्रदीप नेगी सहित अन्य लोगों का कहना है कि रोज अस्पताल पहुंच रहे नेत्र रोगियों को विशेषज्ञ नहीं मिलने पर वापस लौटना पड़ रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में रिक्त पड़े नेत्र रोग विशेषज्ञ के पद को जल्द भरने की मांग की है। उधर, इस बारे में खनेरी अस्पताल के एमएस सुनील शर्मा ने बताया कि अस्पताल में रिक्त पड़े नेत्र चिकित्सक का पद भरने को समय-समय पर विभाग के अधिकारियों को सूचित किया जाता है। उन्होंने बताया कि जल्द ही अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती होगी।
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प्रदेश सरकार ने कई माह पूर्व यहां नेत्र चिकित्सक को स्थानांतरित कर भेजा था। लेकिन उसने अस्पताल में पदभार ग्रहण करने से पहले ही किसी दूसरे अस्पताल में अपना तबादला करवा दिया। इसके बाद अस्पताल में कोई और नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं भेजा गया। खनेरी अस्पताल शिमला, कुल्लू, किन्नौर और मंडी जिले के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवा रहा है। अस्पताल में रोज 30 से 40 लोग नेत्र रोग से पीड़ित पहुंचते हैं। किन्नौर, कुल्लू और मंडी जिले से सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर रामपुर पहुंचने वाले नेत्र रोगियों को 130 किलोमीटर दूर शिमला या मायूस होकर वापस जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में मरीजों को अतिरिक्त सफर और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खनेरी अस्पताल पहुंचे यशवंत शर्मा, राज कायथ, यशपाल चौहान, सतीश, खेमराज नेगी, नेसू राम, संजीव कुमार, राजेंद्र सिंह, प्रदीप नेगी सहित अन्य लोगों का कहना है कि रोज अस्पताल पहुंच रहे नेत्र रोगियों को विशेषज्ञ नहीं मिलने पर वापस लौटना पड़ रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में रिक्त पड़े नेत्र रोग विशेषज्ञ के पद को जल्द भरने की मांग की है। उधर, इस बारे में खनेरी अस्पताल के एमएस सुनील शर्मा ने बताया कि अस्पताल में रिक्त पड़े नेत्र चिकित्सक का पद भरने को समय-समय पर विभाग के अधिकारियों को सूचित किया जाता है। उन्होंने बताया कि जल्द ही अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती होगी।
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