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पर्यटन स्थल को संवारेंगे, सफाई करेंगे
Updated Wed, 04 Apr 2018 09:44 PM IST
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रामपुर बुशहर।
सतलुज जल विद्युत निगम के 1500 मेगावाट का नाथपा झाकड़ी बिजली परियोजना प्रबंधन कुफरी से लेकर जनजातीय जिला किन्नौर तक के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की हालत सुधारने की तैयारी कर रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत एसजेवीएन कुफरी से किन्नौर तक स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा और साथ ही कचरा वैज्ञानिक तरीके से ठिकाने लगाकर बिजली की पैदावार भी की जाएगी। कूड़ा संयंत्र से बिजली पैदा की जाएगी और इस बिजली को सात रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बेचा जाएगा।
कुफरी से लेकर किन्नौर जिले तक अभी कूड़े को वैज्ञानिक तरीके से ठिकाने नहीं लगाया जा रहा है। कई पंचायतों से जुड़े गांवों से निकलने वाले कचरे को अवैज्ञानिक तरीके से नालों और खड्डों में फेंकने से सतलुज और अन्य सहायक नदियां प्रदूषित हो रही हैं। इससे प्रदूषण भी फैल रहा है और क्षेत्र खासकर पर्यटक स्थलों की सूरत भी बिगड़ रही है। इस गंभीर समस्या से निजात दिलाने के लिए नाथपा झाकड़ी बिजली प्रोजेक्ट प्रबंधन ने कमर कसी है। इसमें पंचायतों सहित नगर परिषद रामपुर और अन्य नगर पंचायतों का भी सहयोग लिया जाना है। अभी तक इन क्षेत्रों में कूड़ा वैज्ञानिक तरीके से ठिकाने नहीं लगाया जा रहा और प्रदूषण की समस्या गंभीर बनी हुई है।
इन क्षेत्रों की पंचायतों का कचरा भी एकत्र कर नाथपा झाकड़ी प्रोजेक्ट के कूड़ा संयंत्र में पहुंचाया जाएगा। 15 करोड़ की लागत से बधाल में बिजली संयंत्र लगाया जाना है। इससे पहले सर्वे किया जाएगा कि संयंत्र को चलाने के लिए हर रोज कितना कूड़ा चाहिए। नाथपा झाकड़ी बिजली परियोजना प्रमुख और मुख्य महाप्रबंधक संजीव सूद ने बताया कि कुफरी से लेकर किन्नौर क्षेत्र में प्रोजेक्ट के तहत स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जमा होने वाले कचरे को वैज्ञानिक तरीके से ठिकाने लगाया जाएगा। बधाल में 15 करोड़ की लागत से संयंत्र लगाया जाएगा। इससे पैदा होने वाली बिजली को सात रुपये प्रति यूनिट बेचा जाएगा। इससे पहले पंचायतों के प्रतिनिधियों से बातचीत की जाएगी। पंचायतों को एनएच तक कूड़ा देने होगा। नगर परिषद रामपुर को कूड़ा संयंत्र तक पहुंचाया होगा। इसके बाद प्रोजेक्ट के वाहन संयंत्र तक कूड़ा ले जाएंगे। कूड़ा कितना एकत्र होगा, उसी क्षमता का संयंत्र लगाया जाएगा।
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सतलुज जल विद्युत निगम के 1500 मेगावाट का नाथपा झाकड़ी बिजली परियोजना प्रबंधन कुफरी से लेकर जनजातीय जिला किन्नौर तक के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की हालत सुधारने की तैयारी कर रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत एसजेवीएन कुफरी से किन्नौर तक स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा और साथ ही कचरा वैज्ञानिक तरीके से ठिकाने लगाकर बिजली की पैदावार भी की जाएगी। कूड़ा संयंत्र से बिजली पैदा की जाएगी और इस बिजली को सात रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बेचा जाएगा।
कुफरी से लेकर किन्नौर जिले तक अभी कूड़े को वैज्ञानिक तरीके से ठिकाने नहीं लगाया जा रहा है। कई पंचायतों से जुड़े गांवों से निकलने वाले कचरे को अवैज्ञानिक तरीके से नालों और खड्डों में फेंकने से सतलुज और अन्य सहायक नदियां प्रदूषित हो रही हैं। इससे प्रदूषण भी फैल रहा है और क्षेत्र खासकर पर्यटक स्थलों की सूरत भी बिगड़ रही है। इस गंभीर समस्या से निजात दिलाने के लिए नाथपा झाकड़ी बिजली प्रोजेक्ट प्रबंधन ने कमर कसी है। इसमें पंचायतों सहित नगर परिषद रामपुर और अन्य नगर पंचायतों का भी सहयोग लिया जाना है। अभी तक इन क्षेत्रों में कूड़ा वैज्ञानिक तरीके से ठिकाने नहीं लगाया जा रहा और प्रदूषण की समस्या गंभीर बनी हुई है।
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इन क्षेत्रों की पंचायतों का कचरा भी एकत्र कर नाथपा झाकड़ी प्रोजेक्ट के कूड़ा संयंत्र में पहुंचाया जाएगा। 15 करोड़ की लागत से बधाल में बिजली संयंत्र लगाया जाना है। इससे पहले सर्वे किया जाएगा कि संयंत्र को चलाने के लिए हर रोज कितना कूड़ा चाहिए। नाथपा झाकड़ी बिजली परियोजना प्रमुख और मुख्य महाप्रबंधक संजीव सूद ने बताया कि कुफरी से लेकर किन्नौर क्षेत्र में प्रोजेक्ट के तहत स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जमा होने वाले कचरे को वैज्ञानिक तरीके से ठिकाने लगाया जाएगा। बधाल में 15 करोड़ की लागत से संयंत्र लगाया जाएगा। इससे पैदा होने वाली बिजली को सात रुपये प्रति यूनिट बेचा जाएगा। इससे पहले पंचायतों के प्रतिनिधियों से बातचीत की जाएगी। पंचायतों को एनएच तक कूड़ा देने होगा। नगर परिषद रामपुर को कूड़ा संयंत्र तक पहुंचाया होगा। इसके बाद प्रोजेक्ट के वाहन संयंत्र तक कूड़ा ले जाएंगे। कूड़ा कितना एकत्र होगा, उसी क्षमता का संयंत्र लगाया जाएगा।
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