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टकरासी में विकास कार्यों में गड़बड़ी
Updated Tue, 27 Mar 2018 10:15 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
आनी( कुल्लू)।
आनी उपमंडल की दूरदराज पंचायत टकरासी में वर्तमान उप प्रधान ने अपनी ही पंचायत में हो रहे विकास कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री से गड़बड़ की जांच करवाने की मांग की है। खंड विकास अधिकारी आनी, जिलाधीश से लेकर मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजा है। ग्राम पंचायत टकरासी उप प्रधान प्रकाश चंद ने कहा कि मनरेगा के तहत टकरासी पंचायत में पानी के टैंकों की छत बनाने में इस्तेमाल किया सरिया आठ मिली मीटर व्यास का है, जबकि कागजों में यह दस एमएम का दर्शा कर बिल बनाया गया है।
रोहड़ी गांव में जो जल टैंकों की छत बनी है, उनकी दूरी सड़क से मात्र 30 मीटर के आसपास है। टैंक के निर्माण में सारा सामान मजदूरों ने ढोया है, जबकि बिल के वाउचर में यह ढुलाई खच्चरों से दर्शाई गई है। शिकायतकर्ता प्रकाश चंद ने शिकायत में यह भी कहा है कि 14वें वित्तायोग के तहत जो पांच वार्डों में निकासी नाली, रास्ते और बावड़ी का काम हुआ है, उसमें फर्जी बिलों का इस्तेमाल हुआ है। टकरासी पंचायत की प्रधान आशा ठाकुर का कहना है कि इन कामों में कोई भी फर्जीवाड़ा नहीं हुआ है। इसकी जांच पहले भी सामाजिक अंकेक्षण कमेटी कर चुकी है। ऑडिट में भी काम सही पाया गया है। शिकायतकर्ता के सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
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आनी( कुल्लू)।
आनी उपमंडल की दूरदराज पंचायत टकरासी में वर्तमान उप प्रधान ने अपनी ही पंचायत में हो रहे विकास कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री से गड़बड़ की जांच करवाने की मांग की है। खंड विकास अधिकारी आनी, जिलाधीश से लेकर मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजा है। ग्राम पंचायत टकरासी उप प्रधान प्रकाश चंद ने कहा कि मनरेगा के तहत टकरासी पंचायत में पानी के टैंकों की छत बनाने में इस्तेमाल किया सरिया आठ मिली मीटर व्यास का है, जबकि कागजों में यह दस एमएम का दर्शा कर बिल बनाया गया है।
रोहड़ी गांव में जो जल टैंकों की छत बनी है, उनकी दूरी सड़क से मात्र 30 मीटर के आसपास है। टैंक के निर्माण में सारा सामान मजदूरों ने ढोया है, जबकि बिल के वाउचर में यह ढुलाई खच्चरों से दर्शाई गई है। शिकायतकर्ता प्रकाश चंद ने शिकायत में यह भी कहा है कि 14वें वित्तायोग के तहत जो पांच वार्डों में निकासी नाली, रास्ते और बावड़ी का काम हुआ है, उसमें फर्जी बिलों का इस्तेमाल हुआ है। टकरासी पंचायत की प्रधान आशा ठाकुर का कहना है कि इन कामों में कोई भी फर्जीवाड़ा नहीं हुआ है। इसकी जांच पहले भी सामाजिक अंकेक्षण कमेटी कर चुकी है। ऑडिट में भी काम सही पाया गया है। शिकायतकर्ता के सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
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