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फल मंडियों में होने वाली धांधलियों को रोके प्रदेश सरकार: किसान सभा

Mon, 24 Jun 2019 10:16 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jun 2019 10:16 PM IST
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मुआवजा न मिलने के विरोध में
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सड़कों पर उतरी किसान सभा
रामपुर, नारकंडा, ननखड़ी, निरमंड, रोहडू, कोटखाई, ठियोग में जोरदार प्रदर्शन
फल मंडियों में होने वाली धांधलियों को रोकने की प्रदेश सरकार से मांग उठाई
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। ऊपरी शिमला में तूफान और ओलावृष्टि से बागवानों की नकदी फसलों के नुकसान और मंडियों में सेब मंडियों में सेब उत्पादकों के साथ होने वाली धांधलियों के विरोध में हिमाचल किसान सभा ने रामपुर में प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। किसान सभा ने एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा।

किसान सभा ने सोमवार को रामपुर, नारकंडा, ननखड़ी निरमंड, रोहडू, कोटखाई और ठियोग में इसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। ब्लॉक स्तर पर हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान किसान सभा ने प्रदेश सरकार को मांग पत्र भी सौंपा, जिसमें सभा ने बागवानों को फसलों के नुकसान का मुआवजा देने और फल मंडियों में होने वाली धांधलियों को रोकने की मांग रखी। किसान सभा के जिला शिमला महासचिव देवकी नंद और किसान सभा जिला अध्यक्ष सत्यवान पुंडीर ने कहा कि ऊपरी शिमला के इन ब्लॉकों में ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ है। सेब, पलम, खुमानी अन्य नकदी फसल लगभग 30 प्रतिशत तक बर्बाद हो चुकी है। ऊपरी शिमला विशेषकर रामपुर, नारकंडा, ननखड़ी, निरमंड, रोहडू, कोटखाई और ठियोग के अधिकतर ग्रामीणों की आर्थिकी नकदी फसलों पर ही निर्भर है। ऐसे में यदि उनकी फसल को नुकसान होता है तो उन्हें अपने परिवार को साल भर का गुजारा चलाना भी मुश्किल हो जाता है। यह सब जानते हुए भी प्रदेश सरकार ने अब तक न तो इन ब्लॉकों में फसल को हुए नुकसान का मुआयना किया और न ही बागवानों को किसी तरह की सहायता देने की बात कही है। बागवानों से लोडिंग अनलोडिंग के नाम पर 20 से 25 रुपये काटे जा रहे हैं जबकि नियमानुसार 5 रुपये से अधिक नहीं काटे जा सकते। आढ़ती अपनी मनमानी से बागवानों को उनकी फसल का भुगतान करते है, कई बागवानों को तो पिछले दो तीन साल से सेब के पैसे की अदायगी नहीं हो पाई है। प्रदर्शन के दौरान पूर्ण ठाकुर, जगदीश, देवकी नंद, कुलदीप, परस राम, भगत राम, सोहन लाल, भीम सैन, श्याम लाल, दौलत राम, कुंदन, कबीर चंद, अमर चंद, रीना, किरना देवी, मुनीशा, सुभद्रा देवी, कांता देवी, लता, सरोजनी, बुद्धि देवी, गोयला देवी, बेगा नंद, फुला देवी, चेत राम, कमला, देवी, रमिला देवी, प्रेम चंद, हितेेश हस्टा, दिनेश, बीडीसी सदस्य नारायण खन्ना, डेनी कायथ, भारत कानटू, इंद्र, कलमा नंद, देवी सिंह, रविंद्र, नितिन, विकास मौजूद रहे।
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