फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   प्रतिष्ठा में तीन देवता के गुरों ने 6 एमएम छड़ की गाल के आर-पार

प्रतिष्ठा में तीन देवता के गुरों ने 6 एमएम छड़ की गाल के आर-पार

Sat, 22 Jun 2019 09:56 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jun 2019 09:56 PM IST
विज्ञापन
बामण से पड़े छेद का गूर नहीं करवातेे कोई इलाज
विज्ञापन

प्रतिष्ठा में तीन देवता के गूरों ने छड़ की गाल के आर-पार
अष्टधातु से बनी लंबी और मोटी छड़ को कहते हैं बामण
मोहन मेहता
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। 15/20 क्षेत्र के फांचा में नव निर्मित मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में देवताओं के गूरों ने अपने गाल में छेद कर अष्टधातु की छड़ को आर-पार किया। देवताओं के इन गूरों ने छड़ को गाल में डालकर घंटों तक देवताओं की पूजा पूरे जोश के साथ की। इस धार्मिक अनुष्ठान में गूरों ने देव परंपरा और आस्था का बखूबी निर्वहन किया।
गौरतलब है कि गूर करीब 6 एमएम मोटी और करीब आठ इंच लंबी छड़ को पूजा कार्य पूरा होने के बाद निकाल कर थोड़ा सा घी का सेवन कर छोड़ देते हैं। इतनी छड़ को स्थानीय भाषा में बामण कहा जाता है। उससे इतना बड़ा छेद करने के बाद भी न तो दर्द होता है और न ही इससे कोई खून निकलता है। इस घाव को भरने के लिए किसी तरह की न तो दवाई का प्रयोग होता है और न ही किसी डॉक्टर को दिखाया जाता है।
विज्ञापन

देवता के गूरों आलम चंद सरपारा, रतन जगोरी और राजू काओबिल के अनुसार यहसारी देवता की शक्ति है। वे पिछले करीब 15 से 20 सालों से देवता के गूर का काम संभाल रहे हैं। उन्हें आज तक न तो कभी दर्द हुआ और न ही उन्होंने कभी इसका इलाज करवाया। यह मुंह में गाल से बामण डालने का कार्य देवता के किसी खास कार्य के दिन ही किया जाता है। यह सारी देवता की ही शक्ति है, जो इतनी मोटी छड़ (बामण) डालते हुए उन्हें कोई परेशानियां पेश नहीं आती।
विज्ञापन
विज्ञापन

लाहरुवीर देवता गानवीं मंदिर कमेटी के प्रधान अरविंद सुनेल और सचिव सत्य प्रकाश नेगी, नाग देवता के प्रधान गोपाल मुखिया, मस्तराम, काओबिल के देवी सिंह और मनोज टोल्टा ने बताया कि यह बामण डालने की प्रक्रिया सदियों से चली आ रही है। देवता खास पूजा के समय में अपने गूर में प्रवेश करता है। इसीलिए न तो गूर को दर्द होता है और न ही उसे किसी तरह के इलाज की जरूरत पड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed