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ग्रांगे में रही फागुली त्यौहार की धूम
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ग्रांगे में रही फागुली त्यौहार की धूम
स्थानीय महिलाओं ने स्वांग नृत्य पेश कर बांधा समा
अब लोग अपने खेतों में करेंगे बिजाई का काम शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
भावानगर (किन्नौर)। किन्नौर जिले के ग्रांगे में फागुली त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। फागुली त्यौहार के आखिरी दिन ग्रांगे में पारंपरिक स्वांग नृत्य का आयोजन किया गया। इस दौरान नाच गाने पर मनोरंजन कर ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक पर्व को खुशी के साथ मनाया। स्वांग नृत्य शुरू करने से पहले ग्रामीणों ने अपने ईष्ट नाग देवता से समूचे क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की।
फागुली त्यौहार के दौरान ग्रामीण सात दिनों तक अपने घरों में किसी प्रकार का शोर शराबा नहीं करते हैं और न ही घरों में जोर से गाने बजाते हैं। इस त्यौहार को लोग बदलते दौर में भी पारंपरिक ढंग से मनाते हैं। मान्यता है कि फागुली के दौरान लोगों के घरों में स्वर्गलोक से परियां मेहमान बन कर आती हैं। उक्त त्यौहार के बाद लोग अपने खेतों में बिजाई का कार्य शुरू करते हैं। ग्रामीण सात दिन तक अपने घरों में हर दिन स्थानीय अनाजों के अलग-अलग पकवान बना कर अपने ईष्ट देवता की पूजा अर्चना कर अच्छी फसल की पैदावार होने की कामना करते हैं। मेले के दौरान आकर्षण का प्रमुख केंद्र स्वांग नृत्य पेश करने के बाद किन्नौरी लोक गायिका सुमन गीता ने किन्नौरी और पहाड़ी गानों पर प्रस्तुतियां देकर लोगों का खूब मनोरंजन किया।
फागुली त्यौहार की आयोजन समिति के अध्यक्ष नरेंद्र नेगी ने मेले के अंतिम दिन सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों के सहयोग और नाग देवता जी के आशीर्वाद से ग्रांगे में फागुली त्यौहार हर वर्ष धूमधाम से मनाया जाता है। वहीं इस मौके पर नाग देवता मंदिर कमेटी अध्यक्ष दौलत राम, उपाध्यक्ष कमला नंद, कारदार लाली चंद, रिंज लाल, हिम्मत सिंह, कृष्ण कुमार, कृष्ण लाल, प्रीतम, हिरपाल, राजेश, मोहन लाल, सुरजीत, सुरेंद्र और फूल चंद सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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स्थानीय महिलाओं ने स्वांग नृत्य पेश कर बांधा समा
अब लोग अपने खेतों में करेंगे बिजाई का काम शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
भावानगर (किन्नौर)। किन्नौर जिले के ग्रांगे में फागुली त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। फागुली त्यौहार के आखिरी दिन ग्रांगे में पारंपरिक स्वांग नृत्य का आयोजन किया गया। इस दौरान नाच गाने पर मनोरंजन कर ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक पर्व को खुशी के साथ मनाया। स्वांग नृत्य शुरू करने से पहले ग्रामीणों ने अपने ईष्ट नाग देवता से समूचे क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की।
फागुली त्यौहार के दौरान ग्रामीण सात दिनों तक अपने घरों में किसी प्रकार का शोर शराबा नहीं करते हैं और न ही घरों में जोर से गाने बजाते हैं। इस त्यौहार को लोग बदलते दौर में भी पारंपरिक ढंग से मनाते हैं। मान्यता है कि फागुली के दौरान लोगों के घरों में स्वर्गलोक से परियां मेहमान बन कर आती हैं। उक्त त्यौहार के बाद लोग अपने खेतों में बिजाई का कार्य शुरू करते हैं। ग्रामीण सात दिन तक अपने घरों में हर दिन स्थानीय अनाजों के अलग-अलग पकवान बना कर अपने ईष्ट देवता की पूजा अर्चना कर अच्छी फसल की पैदावार होने की कामना करते हैं। मेले के दौरान आकर्षण का प्रमुख केंद्र स्वांग नृत्य पेश करने के बाद किन्नौरी लोक गायिका सुमन गीता ने किन्नौरी और पहाड़ी गानों पर प्रस्तुतियां देकर लोगों का खूब मनोरंजन किया।
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फागुली त्यौहार की आयोजन समिति के अध्यक्ष नरेंद्र नेगी ने मेले के अंतिम दिन सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों के सहयोग और नाग देवता जी के आशीर्वाद से ग्रांगे में फागुली त्यौहार हर वर्ष धूमधाम से मनाया जाता है। वहीं इस मौके पर नाग देवता मंदिर कमेटी अध्यक्ष दौलत राम, उपाध्यक्ष कमला नंद, कारदार लाली चंद, रिंज लाल, हिम्मत सिंह, कृष्ण कुमार, कृष्ण लाल, प्रीतम, हिरपाल, राजेश, मोहन लाल, सुरजीत, सुरेंद्र और फूल चंद सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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