{"_id":"5c507d46bdec224af71510e0","slug":"15487789381-rampur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी कंप्यूटर संस्थानों के खिलाफ लाया अधिनियम वापस ले सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी कंप्यूटर संस्थानों के खिलाफ लाया अधिनियम वापस ले सरकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार द्वारा 14 जनवरी को अधिसूचना जारी कर निजी कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों के डिप्लोमा/प्रमाणपत्रों को अमान्य घोषित करने के फैसले का प्रदेश भर के निजी कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों ने विरोध किया है। इन प्रशिक्षण संस्थानों ने सरकार से तुरंत प्रभाव से इस अनियम को वापस लेने की मांग की है ताकि प्रदेश के लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित होने से बचाया जा सके। इसी मांग को लेकर तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण संघ रामपुर ने एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान के माध्यम से राज्यपाल और प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा है। संघ ने चेताया है कि यदि उनकी मांगों को लेकर जल्द कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई तो निजी कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थान प्रदेश भर में सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
हिमाचल प्रदेश तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण संघ रामपुर ने मंगलवार को उपमंडलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल और प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन के माध्यम से संघ ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कर्मचारी अधीनस्थ बोर्ड हमीरपुर द्वारा जूनियर ऑफिसर असिस्टेंट भर्ती अधिनियम 2017 में संशोधन किया गया है, जिसे प्रदेश सरकार नेन 14 जनवरी 2019 से लागू किया है। इस अधिनियम के तहत निजी कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्था के डिप्लोमा और प्रमाणपत्रों को अमान्य घोषित किया गया है और यह अधिसूचित किया गया कि एक वर्ष का कंप्यूटर एप्लीकेशन डिप्लोमा बोर्ड अथवा यूनिवर्सिटी से ही मान्य माना जाएगा। इस अधिनियम से प्रदेश भर के लाखों के युवाओं और हजारों निजी प्रशिक्षण संस्थानों को गहरा आघात लगा है। संघ ने कहा कि अभी तक प्रदेश में कोई भी ऐसा बोर्ड या फिर विश्वविद्यालय नहीं खुला है जो एक वर्ष का कंप्यूटर डिप्लोमा कोर्स करवाती हो। अभी तक विभिन्न विभागों में कार्यरत डिप्लोमा धारक निजी प्रशिक्षण संस्थानों से निकले हैं। इस अधिनियम से सरकार ने युवाओं और संस्थानों के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
संघ ने प्रदेश सरकार से इस अधिनियम को निरस्त करने, सरकार द्वारा किसी बोर्ड अथवा यूनिवर्सिटी का गठन करने, जो निजी संस्थानों को संबधता प्रदान करे और पूर्व में प्रशिक्षित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों को मान्य करने की मांग उठाई है। संघ ने चेताया कि यदि जल्द ही इन मांगों को लेकर कोई सकारात्मक कदम सरकार द्वारा नहीं उठाया गया तो आने वाले समय में प्रदेश स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी। इस मौके पर संघ के प्रधान विरेंद्र शर्मा, अशोक ध्रैक, रवि महाजन, कृष्ण ठाकुर, गुरदास जोशी, सुकेश राणा, विशाल मेहता, दीप भलूनी, कमलेश मेहता, किरण शर्मा, कुलदीप मेहता, सुमेश श्याम, रंजीत सिंह, खेमराज, राजेंद्र कुमार, प्रकाश डोगरा, विकास श्याम सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण संघ रामपुर ने मंगलवार को उपमंडलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल और प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन के माध्यम से संघ ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कर्मचारी अधीनस्थ बोर्ड हमीरपुर द्वारा जूनियर ऑफिसर असिस्टेंट भर्ती अधिनियम 2017 में संशोधन किया गया है, जिसे प्रदेश सरकार नेन 14 जनवरी 2019 से लागू किया है। इस अधिनियम के तहत निजी कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्था के डिप्लोमा और प्रमाणपत्रों को अमान्य घोषित किया गया है और यह अधिसूचित किया गया कि एक वर्ष का कंप्यूटर एप्लीकेशन डिप्लोमा बोर्ड अथवा यूनिवर्सिटी से ही मान्य माना जाएगा। इस अधिनियम से प्रदेश भर के लाखों के युवाओं और हजारों निजी प्रशिक्षण संस्थानों को गहरा आघात लगा है। संघ ने कहा कि अभी तक प्रदेश में कोई भी ऐसा बोर्ड या फिर विश्वविद्यालय नहीं खुला है जो एक वर्ष का कंप्यूटर डिप्लोमा कोर्स करवाती हो। अभी तक विभिन्न विभागों में कार्यरत डिप्लोमा धारक निजी प्रशिक्षण संस्थानों से निकले हैं। इस अधिनियम से सरकार ने युवाओं और संस्थानों के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
विज्ञापन
संघ ने प्रदेश सरकार से इस अधिनियम को निरस्त करने, सरकार द्वारा किसी बोर्ड अथवा यूनिवर्सिटी का गठन करने, जो निजी संस्थानों को संबधता प्रदान करे और पूर्व में प्रशिक्षित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों को मान्य करने की मांग उठाई है। संघ ने चेताया कि यदि जल्द ही इन मांगों को लेकर कोई सकारात्मक कदम सरकार द्वारा नहीं उठाया गया तो आने वाले समय में प्रदेश स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी। इस मौके पर संघ के प्रधान विरेंद्र शर्मा, अशोक ध्रैक, रवि महाजन, कृष्ण ठाकुर, गुरदास जोशी, सुकेश राणा, विशाल मेहता, दीप भलूनी, कमलेश मेहता, किरण शर्मा, कुलदीप मेहता, सुमेश श्याम, रंजीत सिंह, खेमराज, राजेंद्र कुमार, प्रकाश डोगरा, विकास श्याम सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन