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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   निरमंड के सर्किट कोर्ट के लिए हुआ 3 बीघा जमीन का चयन

निरमंड के सर्किट कोर्ट भवन के लिए 3 बीघा जमीन चयनित

Sat, 19 Jan 2019 12:11 PM IST
Arvind Thakur अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 19 Jan 2019 12:11 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो

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ब्रौ (रामपुर बुशहर)। दशकों बाद निरमंड में प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद शुरू हुए सर्किट कोर्ट का जल्द ही अपना भवन तैयार होगा। शुक्रवार को संयुक्त कमेटी ने सर्किट कोर्ट के भवन निर्माण के लिए जमीन का चयन किया है। यह भवन प्रांतीय सरकार की भूमि पर बनना प्रस्तावित है। सिविल जज आनी रवि की अध्यक्षता में एक संयुक्त कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें सभी विभागों के अधिकारियों को सदस्य बनाया गया है। इस कवायद से जल्द ही निरमंड तहसील की 26 पंचायतों के हजारों ग्रामीणों को इसका लाभ मिलेगा।
शुक्रवार को सिविल जज रवि, बार एसोसिएशन निरमंड के अध्यक्ष सीएल डोगरा, सचिव सुरेश कुमार, लोनिवि एसडीओ एमडी अकेला, आईपीएच एसडीओ नवल किशोर, विद्युत बोर्ड एसडीओ सोहन लाल पाठक, नायब तहसीलदार सोनम अंगरूप, फिल्ड कानूनगो कांशी राम, वन विभाग अधिकारी अमर चंद ठाकुर, रोशन लाल सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। तहसील मुख्यालय के साथ ही सर्किट कोर्ट भवन के लिए करीब तीन बीघा जमीन का टीम ने निरीक्षण किया। जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर भवन निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा।
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बार एसोसिएशन निरमंड के अध्यक्ष सीएल डोगरा, सचिव सुरेश कुमार, प्रधान बाहवा रामचंद्र, विदेश निगम, राकेश ठाकुर, अशोक ठाकुर, पूर्ण ठाकुर, जगदीश कुमार, ताराचंद शर्मा, मनसा राम ठाकुर, रामलाल चौहान सहित अन्य लोगों ने प्रदेश उच्च न्यायालय की ओर से निरमंड में सर्किट कोर्ट चलाने और सर्किट कोर्ट भवन के निर्माण के लिए आभार जताया है।
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वर्ष 2000 में बंद हो गया था कोर्ट
निरमंड में आनी सिविल जज का सर्किट कोर्ट 1996 से लेकर 2000 तक चला था। वर्ष 2000 में सतलुज नदी में बाढ़ आने कारण क्षेत्र के पुलों और मार्गों के बाधित होने के कारण इस कोर्ट को निरमंड में चलाना बंद कर दिया गया था, जिसके बाद क्षेत्र के लोग इस कोर्ट को फिर से बहाल करने की मांग उठा रहे थे।
नवंबर 2018 में फिर हुआ था शुरू
बीते वर्ष नवंबर माह में प्रदेश हाईकोर्ट ने निरमंड में सर्किट कोर्ट चलाने के आदेश पारित किए थे। सर्किट कोर्ट शुरू होने से निरमंड तहसील की दुर्गम पंचायतों के लोगों को 200 किलोमीटर का सफर तय करने से निजात मिली थी। सुप्रीम कोर्ट के घरद्वार पर न्याय प्रणाली का लाभ देने के आदेशों के बाद इस सर्किट कोर्ट को मंजूरी मिली थी।
निरमंड में अभी चल रहा है सर्किट कोर्ट
निरमंड में हर माह के दूसरे सप्ताह में सोमवार से लेकर शनिवार तक सर्किट कोर्ट चल रहा है, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को लाभ पहुंच रहा है। शुक्रवार को राजस्व विभाग ने मौके पर पहुंची टीम को जमीन की निशानदेही कर संबंधित कागजात कमेटी को सौंपे।

ये पंचायतें होंगी लाभान्वित
इस भवन बनने के बाद क्षेत्र की हजारों की आबादी को न्याय लेने में आसानी होगी। इसका सबसे अधिक लाभ आउटर सिराज की दुर्गम पंचायतों डीम, सराहन, चायल, कुशवा, सरघा, खरगा और नित्थर क्षेत्र की गौरा गवाड़ के लोगों को मिलेगा।

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