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पुरानी पेंशन स्कीम की जाए बहाल
Updated Sun, 08 Jul 2018 10:01 PM IST
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रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश एनपीएस कर्मचारी संघ पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग को लेकर अड़ गया है। संघ ने चेतावनी दी है कि अगर पुरानी पेंशन योजना लागू न की गई तो कर्मचारियों का आंदोलन जारी रहेगा।
रामपुर स्थित लोनिवि के सर्किट हाउस में संघ के प्रदेश प्रवक्ता कुशाल शर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के लिए प्रदेश सरकार पर बराबर दबाव बनाया जा रहा है, ताकि कर्मचारियों के आर्थिक हितों की रक्षा की जा सके। लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार पुरानी पेंशन लागू करे। उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर संघ ने विधायकों से मिलने की मुहिम भी छेड़ रखी है। अभी तक संघ ने 28 विधायकों से मुलाकात की है। संघ प्रदेश के 68 विधानसभा सीटों के विधायकों से मिलकर पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग उठाएगा। संघ ने प्रदेश सरकार से चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादे को जल्द पूरा करने की मांग की है। सरकार ने कर्मचारी समिति के गठन का जो वादा किया है उसे भी जल्द पूरा किया जाए। इस समिति में एनपीएस के पदाधिकारियों को भी शामिल करने की मांग उठाई है।
शर्मा ने कहा कि सरकार ने एनपीएस नीति लागू कर हजारों कर्मचारियों के साथ अन्याय किया है। प्रदेश के विभिन्न विभागों में तैनात करीब 80 हजार एनपीएस कर्मचारियों को नई पेंशन योजना के तहत लाया गया है। पुरानी पेंशन नीति के मुकाबले इसमें काफी खामियां हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के वेतन से 10 प्रतिशत कटौती की जा रही है। सरकार इस पैसे को निजी कंपनी में जमा कर रही है। सेवानिवृत्ति के समय जहां कर्मचारी को 60 प्रतिशत की अदायगी की जाएगी, वहीं शेष 40 प्रतिशत राशि पेंशन के रूप में दी जानी है। जिन निजी कंपनियों के पास यह राशि जमा की जा रही है, उसे कंपनी द्वारा शेयर मार्केट में लगाया जा रहा है। यदि कर्मचारियों की पेंशन को विशेष विभाग के अधीन जमा किया जाए तो प्रदेश में बजट की कोई कमी नहीं रहेगी। संघ ने चेताया है कि यदि जल्द पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल नहीं किया जाता तो संघ आगामी समय में और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा। संघ केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी मिल चुका है। उन्होंने संघ की मांग पर गौर करने का आश्वासन दिया है।
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इस मौके पर कमल शर्मा, रमेश मेहता, महेंद्र सिंह कनैन, योगेश गुप्ता, श्याम द्रैक, लीला देवी, राम सिंह, लायक राम, बलदेव, सुनील शर्मा, संजय नेगी सहित अन्य मौजूद रहे।
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रामपुर स्थित लोनिवि के सर्किट हाउस में संघ के प्रदेश प्रवक्ता कुशाल शर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के लिए प्रदेश सरकार पर बराबर दबाव बनाया जा रहा है, ताकि कर्मचारियों के आर्थिक हितों की रक्षा की जा सके। लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार पुरानी पेंशन लागू करे। उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर संघ ने विधायकों से मिलने की मुहिम भी छेड़ रखी है। अभी तक संघ ने 28 विधायकों से मुलाकात की है। संघ प्रदेश के 68 विधानसभा सीटों के विधायकों से मिलकर पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग उठाएगा। संघ ने प्रदेश सरकार से चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादे को जल्द पूरा करने की मांग की है। सरकार ने कर्मचारी समिति के गठन का जो वादा किया है उसे भी जल्द पूरा किया जाए। इस समिति में एनपीएस के पदाधिकारियों को भी शामिल करने की मांग उठाई है।
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शर्मा ने कहा कि सरकार ने एनपीएस नीति लागू कर हजारों कर्मचारियों के साथ अन्याय किया है। प्रदेश के विभिन्न विभागों में तैनात करीब 80 हजार एनपीएस कर्मचारियों को नई पेंशन योजना के तहत लाया गया है। पुरानी पेंशन नीति के मुकाबले इसमें काफी खामियां हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के वेतन से 10 प्रतिशत कटौती की जा रही है। सरकार इस पैसे को निजी कंपनी में जमा कर रही है। सेवानिवृत्ति के समय जहां कर्मचारी को 60 प्रतिशत की अदायगी की जाएगी, वहीं शेष 40 प्रतिशत राशि पेंशन के रूप में दी जानी है। जिन निजी कंपनियों के पास यह राशि जमा की जा रही है, उसे कंपनी द्वारा शेयर मार्केट में लगाया जा रहा है। यदि कर्मचारियों की पेंशन को विशेष विभाग के अधीन जमा किया जाए तो प्रदेश में बजट की कोई कमी नहीं रहेगी। संघ ने चेताया है कि यदि जल्द पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल नहीं किया जाता तो संघ आगामी समय में और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा। संघ केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी मिल चुका है। उन्होंने संघ की मांग पर गौर करने का आश्वासन दिया है।
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इस मौके पर कमल शर्मा, रमेश मेहता, महेंद्र सिंह कनैन, योगेश गुप्ता, श्याम द्रैक, लीला देवी, राम सिंह, लायक राम, बलदेव, सुनील शर्मा, संजय नेगी सहित अन्य मौजूद रहे।