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बरसात में स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने को आईपीएच ने कसी कमर
Updated Wed, 04 Jul 2018 09:28 PM IST
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रामपुर बुशहर। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग रामपुर उपमंडल की विभिन्न पंचायतों के हजारों लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने के लिए प्रयासरत है। रामपुर विकास खंड की 31 और ननखड़ी खंड की 17 पंचायतों के लोगों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति मुहैया करवाने के लिए आईपीएच विभाग विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
इन कार्यक्रमों के तहत पंचायत जनप्रतिनिधियों, महिला मंडल, युवक मंडलों सहित ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की जांच को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हर तिमाही में इन लोगों को पेयजल की जांच की पेयजल की जांच करने के विभाग ने निर्देश भी जारी किए हैं। विभाग ने बीआरसी की अध्यक्षता में टीम गठित कर जल स्रोतों, पेयजल भंडारण टैंक और प्राकृतिक जल स्रोतों के पानी की जांच करने की मुहिम छेड़ रखी है। वहीं पंचायत प्रधानों को पेयजल जांच के बारे में प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। विभाग पानी की शुद्धता बनाए रखने को लेकर भी विभिन्न सामग्री उपलब्ध करवा रहा है, जिससे बरसात के मौसम में जल जनित रोगों से बचा जा सके। विभाग ने जन प्रतिनिधियों, महिला मंडल और युवक मंडलों को पानी की जांच के लिए कीट भी आवंटित की हैं, जिससे पेयजल से होने वाली बीमारियों के बारे में पता लगाया जा सके। बीआरसी की टीम भी ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर पानी की जांच कर लोगों को अपनाई जाने वाली सावधानियों से भी अवगत कराया जा रहा है।
आईपीएच मंडल रामपुर के अधिशाषी अभियंता बीएस राजपूत ने बताया कि हर तिमाही में जन प्रतिनिधियों को पेयजल की जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानों को पानी की जांच को लेकर लगातार प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। महिला मंडल और युवक मंडलों को भी पानी की जांच के लिए कीट आवंटित की गई हैं। पेयजल स्रोतों में ब्लीचिंग पाउडर और आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से प्राकृतिक स्रोतों की जांच के बाद ही पेयजल का इस्तेमाल करने की अपील की है।
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इन कार्यक्रमों के तहत पंचायत जनप्रतिनिधियों, महिला मंडल, युवक मंडलों सहित ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की जांच को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हर तिमाही में इन लोगों को पेयजल की जांच की पेयजल की जांच करने के विभाग ने निर्देश भी जारी किए हैं। विभाग ने बीआरसी की अध्यक्षता में टीम गठित कर जल स्रोतों, पेयजल भंडारण टैंक और प्राकृतिक जल स्रोतों के पानी की जांच करने की मुहिम छेड़ रखी है। वहीं पंचायत प्रधानों को पेयजल जांच के बारे में प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। विभाग पानी की शुद्धता बनाए रखने को लेकर भी विभिन्न सामग्री उपलब्ध करवा रहा है, जिससे बरसात के मौसम में जल जनित रोगों से बचा जा सके। विभाग ने जन प्रतिनिधियों, महिला मंडल और युवक मंडलों को पानी की जांच के लिए कीट भी आवंटित की हैं, जिससे पेयजल से होने वाली बीमारियों के बारे में पता लगाया जा सके। बीआरसी की टीम भी ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर पानी की जांच कर लोगों को अपनाई जाने वाली सावधानियों से भी अवगत कराया जा रहा है।
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आईपीएच मंडल रामपुर के अधिशाषी अभियंता बीएस राजपूत ने बताया कि हर तिमाही में जन प्रतिनिधियों को पेयजल की जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानों को पानी की जांच को लेकर लगातार प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। महिला मंडल और युवक मंडलों को भी पानी की जांच के लिए कीट आवंटित की गई हैं। पेयजल स्रोतों में ब्लीचिंग पाउडर और आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से प्राकृतिक स्रोतों की जांच के बाद ही पेयजल का इस्तेमाल करने की अपील की है।
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