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आग से बगीचे को बचाते समय झुलसी रेगणू की मौत
Updated Tue, 29 May 2018 09:58 PM IST
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दलाश (कुल्लू)।
दलाश क्षेत्र की डिंगीधार पंचायत के ओडी गांव की अभागी रेगणू देवी को क्या मालूम था कि जिस घास की टोली और बगीचे को बचाने वह जा रही है, वही उसकी मौत का कारण बन जाएंगे। रेगणू देवी के बेटे की शादी एक माह बाद है। लेकिन बहू का मुंह देखने से पहले ही वह दुनिया को छोड़ गई है। शादी की तैयारियों में जुटे रेगणू देवी के परिवार में उस समय मातम छा गया, जब परिजनों को यह सूचना मिली कि आईजीएमसी में उसकी मौत हो गई है। वह अपने बेटे के सिर पर सेहरा नहीं देख सकी।
रेगणू देवी अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी को छोड़ गई है। बेटी की शादी कुछ वर्ष पूर्व हो गई है। अब रेगणू देवी घर में बहु लाने का सपना देख रही थी। रेगणू देवी का एक माह बाद सपना पूरा होने वाला था। लेकिन समय को कुछ और ही मंजूर था। डिंगीधार पंचायत के जंगल में सोमवार को भयंकर आग फैली हुई थी, जिसमें सैकड़ों सेब के पेड़ और लाखों की वन संपदा सहित दर्जनों घास की टोलियां जलकर राख हो गई। आग जब ओडी गांव की तरफ बढ़ी तो रेगणू देवी अपने खेतों में लगी घास की टोली और बगीचे को बचाने के लिए गई। इससे पहले रेगणू देवी घास की टोली को बचा पाती, आग ने उसे ही अपने आगोश में ले लिया। इससे महिला का 80 प्रतिशत शरीर बुरी तरह झुलस गया था। ग्रामीणों की मदद से परिवार के सदस्यों ने उसे आनी अस्पताल पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया और रात करीब 11 बजे रेगणू देवी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। क्षेत्र में पांच माह के भीतर यह दूसरा हादसा है।
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दलाश क्षेत्र की डिंगीधार पंचायत के ओडी गांव की अभागी रेगणू देवी को क्या मालूम था कि जिस घास की टोली और बगीचे को बचाने वह जा रही है, वही उसकी मौत का कारण बन जाएंगे। रेगणू देवी के बेटे की शादी एक माह बाद है। लेकिन बहू का मुंह देखने से पहले ही वह दुनिया को छोड़ गई है। शादी की तैयारियों में जुटे रेगणू देवी के परिवार में उस समय मातम छा गया, जब परिजनों को यह सूचना मिली कि आईजीएमसी में उसकी मौत हो गई है। वह अपने बेटे के सिर पर सेहरा नहीं देख सकी।
रेगणू देवी अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी को छोड़ गई है। बेटी की शादी कुछ वर्ष पूर्व हो गई है। अब रेगणू देवी घर में बहु लाने का सपना देख रही थी। रेगणू देवी का एक माह बाद सपना पूरा होने वाला था। लेकिन समय को कुछ और ही मंजूर था। डिंगीधार पंचायत के जंगल में सोमवार को भयंकर आग फैली हुई थी, जिसमें सैकड़ों सेब के पेड़ और लाखों की वन संपदा सहित दर्जनों घास की टोलियां जलकर राख हो गई। आग जब ओडी गांव की तरफ बढ़ी तो रेगणू देवी अपने खेतों में लगी घास की टोली और बगीचे को बचाने के लिए गई। इससे पहले रेगणू देवी घास की टोली को बचा पाती, आग ने उसे ही अपने आगोश में ले लिया। इससे महिला का 80 प्रतिशत शरीर बुरी तरह झुलस गया था। ग्रामीणों की मदद से परिवार के सदस्यों ने उसे आनी अस्पताल पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया और रात करीब 11 बजे रेगणू देवी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। क्षेत्र में पांच माह के भीतर यह दूसरा हादसा है।
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