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आशा वर्करों ने उठाई 6750 रुपये न्यूनतम मानदेय देने की मांग

Fri, 03 Aug 2018 09:56 PM IST
Updated Fri, 03 Aug 2018 09:56 PM IST
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6750 रुपये न्यूनतम मानदेय देने की मांग
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निरमंड में समस्याओं को लेकर आशा वर्कर्स यूनियन ने जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
ब्रौ (रामपुर बुशहर)। निरमंड खंड की आशा वर्कर यूनियन की बैठक में मानदेय बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया गया। बैठक की अध्यक्षता यूनियन अध्यक्ष प्रोमिला ठाकुर ने की। बैठक के दौरान सभी आशा वर्कर्स ने विभाग की ओर से वर्करों के पहचान पत्र बनाने की पहल की सराहना की और विभाग का आभार जताया।
बैठक में अध्यक्ष प्रोमिला ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आशा वर्करों को एक हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। इस राशि से परिवार का भरण पोषण संभव नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर रही आशा वर्करों को कई समस्याओं से जूझना पड़ता है, लेकिन विभाग और सरकार वर्करों की समस्याओं को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखा रही है। प्रदेश सरकार ने आशा वर्करों के मानदेय में 250 रुपये बढ़ोतरी करने का फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया था, लेकिन अभी तक आशा वर्करों को यह राशि नहीं मिल पाई है।
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आशा वर्करों ने केंद्र और प्रदेश सरकार से 6750 रुपये से न्यूनतम मानदेय देने की गुहार लगाई है। वहीं यूनियन ने साल में वर्दी के दो सेट और जूते देने की भी मांग की। प्रोमिला ठाकुर ने कहा कि आशा वर्करों की समस्याओं को लेकर आगामी विधानसभा सत्र में यूूूनियन प्रदेश सरकार से मिलेगी और अपनी मांगों से अवगत करवाएगी। वहीं इस मौके पर सुषमा कुमारी, प्रेमा कुमारी, रमा ठाकुर, पूनम, प्रोमिला, सीमा कुमारी, बिमला, सोमी, हीरामणी और धना सहित अन्य वर्करों ने अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई।
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