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जनजातीय महिलाओं को भी पैतृक संपति में बराबर का अधिकार प्राप्त हो : रतन मंजरी
Updated Thu, 05 Apr 2018 07:04 PM IST
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महिलाओं को पैतृक संपत्ति में मिले अधिकार
महिला कल्याण परिषद ने बैठक में उठाई मांग
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मिलेंगी महिलाएं
अमर उजाला ब्यूरो
रिकांगपिओ (किन्नौर)। महिला कल्याण परिषद किन्नौर ने जनजातीय क्षेत्रों में महिलाओं को पैतृक संपत्ति में अधिकार पर रोक हटाने की मांग की। बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त गोपाल चंद ने महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त होने की बात कही। महिला कल्याण परिषद की अध्यक्ष रतन मंजरी ने किन्नौर की विभिन्न पंचायतों से आए सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि अविवाहित, विधवा और किसी कारणवश शोषण का शिकार हुई महिलाओं को परिवार में बोझ न समझकर परिवार के अन्य सदस्यों की तरह समान महत्व देना चाहिए। उन्होंने बताया कि पैतृक संपत्ति का अधिकार मामले पर मई 2012 को हिमाचल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया था और मई 2013 को स्थानीय विधायक को भी ज्ञापन सौंपा गया था। इसके अलावा विधानसभा में मुद्दा उठाने की बात कही थी, लेकिन इस विषय पर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। अपनी लड़ाई को जारी रखते हुए फिर से 16 मार्च 2018 को वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से किन्नौर की महिलाओं ने उपरोक्त विषय पर ज्ञापन दिया और 3 अप्रैल को प्राप्त पत्र में मुख्यमंत्री ने किन्नौर महिलाओं के कल्याण और उत्थान परिषद के कार्य को सराहनीय कार्य बताया और इस विषय पर साथ देने की बात कही। अध्यक्ष ने बताया कि हिमाचल उच्च न्यायालय ने 23 जून 2015 में जनजातीय महिलाओं के हक में फैसला सुनाया था, जिसमें कुछ एक महिलाओं को अधिकार मिल गया था, जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने 2016 में कुछ स्वार्थी मानसिकता वाले लोगों के चलते इस ऐतिहासिक फैसले पर रोक लगा दी। उन्होंने बताया कि इस फैसले से रोक हटाने के लिए जल्द ही किन्नौर की महिलाएं देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मिलने जाएंगी। परिषद की सदस्यों ने उपायुक्त किन्नौर को महिलाओं को पैतृक संपत्ति का अधिकार दिलाने के बारे में और गंभीरता से इस विषय पर आगे की कार्यवाही करने के बारे में ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिश्वरी नेगी ने महिला अधिकारों और समस्याओं का समाधान करने के लिए महिला परिषद को हमेशा आगे रहने की बात कही। इस अवसर पर भगवती देवी, कमला देवी, ललिता पंचारस, रेखा, नरेश कुमारी, सुनैना देवी, राम देवी, संतोष कुमारी, सुंदर कुमारी, सत्या कुमारी, अनीता, किरण कुमारी, प्रेम प्यारी, ठाकुर देवी, राधिका, समीशा सहित सैकड़ों महिलाओं ने बैठक में भाग लिया।
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महिला कल्याण परिषद ने बैठक में उठाई मांग
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मिलेंगी महिलाएं
अमर उजाला ब्यूरो
रिकांगपिओ (किन्नौर)। महिला कल्याण परिषद किन्नौर ने जनजातीय क्षेत्रों में महिलाओं को पैतृक संपत्ति में अधिकार पर रोक हटाने की मांग की। बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त गोपाल चंद ने महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त होने की बात कही। महिला कल्याण परिषद की अध्यक्ष रतन मंजरी ने किन्नौर की विभिन्न पंचायतों से आए सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि अविवाहित, विधवा और किसी कारणवश शोषण का शिकार हुई महिलाओं को परिवार में बोझ न समझकर परिवार के अन्य सदस्यों की तरह समान महत्व देना चाहिए। उन्होंने बताया कि पैतृक संपत्ति का अधिकार मामले पर मई 2012 को हिमाचल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया था और मई 2013 को स्थानीय विधायक को भी ज्ञापन सौंपा गया था। इसके अलावा विधानसभा में मुद्दा उठाने की बात कही थी, लेकिन इस विषय पर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। अपनी लड़ाई को जारी रखते हुए फिर से 16 मार्च 2018 को वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से किन्नौर की महिलाओं ने उपरोक्त विषय पर ज्ञापन दिया और 3 अप्रैल को प्राप्त पत्र में मुख्यमंत्री ने किन्नौर महिलाओं के कल्याण और उत्थान परिषद के कार्य को सराहनीय कार्य बताया और इस विषय पर साथ देने की बात कही। अध्यक्ष ने बताया कि हिमाचल उच्च न्यायालय ने 23 जून 2015 में जनजातीय महिलाओं के हक में फैसला सुनाया था, जिसमें कुछ एक महिलाओं को अधिकार मिल गया था, जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने 2016 में कुछ स्वार्थी मानसिकता वाले लोगों के चलते इस ऐतिहासिक फैसले पर रोक लगा दी। उन्होंने बताया कि इस फैसले से रोक हटाने के लिए जल्द ही किन्नौर की महिलाएं देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मिलने जाएंगी। परिषद की सदस्यों ने उपायुक्त किन्नौर को महिलाओं को पैतृक संपत्ति का अधिकार दिलाने के बारे में और गंभीरता से इस विषय पर आगे की कार्यवाही करने के बारे में ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिश्वरी नेगी ने महिला अधिकारों और समस्याओं का समाधान करने के लिए महिला परिषद को हमेशा आगे रहने की बात कही। इस अवसर पर भगवती देवी, कमला देवी, ललिता पंचारस, रेखा, नरेश कुमारी, सुनैना देवी, राम देवी, संतोष कुमारी, सुंदर कुमारी, सत्या कुमारी, अनीता, किरण कुमारी, प्रेम प्यारी, ठाकुर देवी, राधिका, समीशा सहित सैकड़ों महिलाओं ने बैठक में भाग लिया।