{"_id":"5a60c4434f1c1b66268b50cc","slug":"11516291139-rampur-bushahar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एंबलेंस सेवा न मिल पाने के कारण घायल युवक को पिकअप में ले जाना पड़ा आईजीएमसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एंबलेंस सेवा न मिल पाने के कारण घायल युवक को पिकअप में ले जाना पड़ा आईजीएमसी
Updated Thu, 18 Jan 2018 10:33 PM IST
विज्ञापन
ambulance
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
नेरवा (रोहड़ू)। वीरवार को कुपवी में हुए कार हादसे ने स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल कर रख दी है। हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को एंबुलेंस सेवा तक नहीं मिल पाई। जिस कारण घायल अवस्था में युवक को पिकअप गाड़ी में आईजीएमसी शिमला भेजना पड़ा। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए कुपवी अस्पताल में एंबुलेंस सेवा तक उपलब्ध नहीं है। दूरदराज क्षेत्रों में अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं देने का दम भरने वाली सरकार के सभी दावों की कुपवी अस्पताल ने पोल खोल कर रख दी है। कुपवी में सरकार ने अस्पताल तो खोला, लेकिन सुविधाओं का आज भी अभाव है। अस्पताल की 108 एंबुलेंस खराब पड़ा हुई है, जिसे दुरुस्त करने के लिए विभाग की ओर से कोई भी कदम नहीं उठाए गए। वीरवार को सड़क हादसे में घायल हुए युवक बाबी को कुपवी अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया लेकिन विभाग की अव्यवस्था के कारण जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे घायल को एंबुलेंस की सुविधा ही नहीं मिल पाई। बॉबी को पिकअप गाड़ी में आईजीएमसी ले गए। स्थानीय निवासी दुल्ला राम ने बताया कि अस्पताल की एंबुलेंस दो साल से खराब पड़ी है। 108 एंबुलेंस भी एक माह से खराब है, जिस कारण आपातकालीन स्थिति में लोगों को 108 की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कुपवी क्षेत्र को कुदरत ने पहले ही इतना दुर्गम बनाया है कि यहां सुविधाजनक जिंदगी जीना अपने आप में एक चुनौती है। ऊपर से सरकारी उपेक्षाओं ने लोगों के जीने की डगर को और अधिक कठिन बना कर रख दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार से गुहार लगाई है कि कुपवी अस्पताल की 108 एंबुलेंस सेवा को शीघ्र दुरुस्त करवाया जाए और यहां के लिए एक नई एंबुलेंस उपलब्ध करवाई जाए।
विज्ञापन
नेरवा (रोहड़ू)। वीरवार को कुपवी में हुए कार हादसे ने स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल कर रख दी है। हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को एंबुलेंस सेवा तक नहीं मिल पाई। जिस कारण घायल अवस्था में युवक को पिकअप गाड़ी में आईजीएमसी शिमला भेजना पड़ा। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए कुपवी अस्पताल में एंबुलेंस सेवा तक उपलब्ध नहीं है। दूरदराज क्षेत्रों में अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं देने का दम भरने वाली सरकार के सभी दावों की कुपवी अस्पताल ने पोल खोल कर रख दी है। कुपवी में सरकार ने अस्पताल तो खोला, लेकिन सुविधाओं का आज भी अभाव है। अस्पताल की 108 एंबुलेंस खराब पड़ा हुई है, जिसे दुरुस्त करने के लिए विभाग की ओर से कोई भी कदम नहीं उठाए गए। वीरवार को सड़क हादसे में घायल हुए युवक बाबी को कुपवी अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया लेकिन विभाग की अव्यवस्था के कारण जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे घायल को एंबुलेंस की सुविधा ही नहीं मिल पाई। बॉबी को पिकअप गाड़ी में आईजीएमसी ले गए। स्थानीय निवासी दुल्ला राम ने बताया कि अस्पताल की एंबुलेंस दो साल से खराब पड़ी है। 108 एंबुलेंस भी एक माह से खराब है, जिस कारण आपातकालीन स्थिति में लोगों को 108 की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कुपवी क्षेत्र को कुदरत ने पहले ही इतना दुर्गम बनाया है कि यहां सुविधाजनक जिंदगी जीना अपने आप में एक चुनौती है। ऊपर से सरकारी उपेक्षाओं ने लोगों के जीने की डगर को और अधिक कठिन बना कर रख दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार से गुहार लगाई है कि कुपवी अस्पताल की 108 एंबुलेंस सेवा को शीघ्र दुरुस्त करवाया जाए और यहां के लिए एक नई एंबुलेंस उपलब्ध करवाई जाए।