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भेखलटी कार हादसे ने छीना पंडित दया नंद के बुढापे का सहारा
Updated Mon, 13 Nov 2017 11:03 PM IST
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रोहड़ू। ठियोग-शिमला सड़क पर भेखलटी के पास कार हादसे ने पंडित दयानंद के बुढ़ापे का सहारा छीन लिया। हादसे की सूचना के बाद टिक्कर उप तहसील के शरौंथा गांव में मातम का माहौल छा गया। हादसे में दो सगे भाई-बहन की मौत हुई है।
हादसे में मारे गए धर्मेंद्र और निशा सगे भाई-बहन हैं। निशा की जुब्बल में शादी हुई है। पंडित दयानंद की तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है। उनके पास इकलौता धर्मेंद्र बुढ़ापे का सहारा था। हादसे का शिकार तीसरा युवक और घायल भी उनके गांव से सगे संबंधी हैं। वे शिमला से गांव में एक शादी समारोह में शरीक होने आए थे। शादी में शरीक होने के बाद परिवार और रिश्तेदारों से मिल कर शिमला के लिए लौटते समय वे भेखलटी के पास हादसे का शिकार हो गए। हादसे की सूचना के बाद गांव में मातम का माहौल है। पता चलते ही गांव के लोग ठियोग के लिए रवाना हो गए हैं। धर्मेंद्र की एक बेटी भी है, जिसके सिर से उसके बाप का साया उठ गया। परिजन ठियोग से पोस्टमार्टम के बाद शवों को गांव पहुंचा रहे हैं। मंगलवार को उनका गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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हादसे में मारे गए धर्मेंद्र और निशा सगे भाई-बहन हैं। निशा की जुब्बल में शादी हुई है। पंडित दयानंद की तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है। उनके पास इकलौता धर्मेंद्र बुढ़ापे का सहारा था। हादसे का शिकार तीसरा युवक और घायल भी उनके गांव से सगे संबंधी हैं। वे शिमला से गांव में एक शादी समारोह में शरीक होने आए थे। शादी में शरीक होने के बाद परिवार और रिश्तेदारों से मिल कर शिमला के लिए लौटते समय वे भेखलटी के पास हादसे का शिकार हो गए। हादसे की सूचना के बाद गांव में मातम का माहौल है। पता चलते ही गांव के लोग ठियोग के लिए रवाना हो गए हैं। धर्मेंद्र की एक बेटी भी है, जिसके सिर से उसके बाप का साया उठ गया। परिजन ठियोग से पोस्टमार्टम के बाद शवों को गांव पहुंचा रहे हैं। मंगलवार को उनका गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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