NN-5 Restored: एनएन-पांच मलिंग नाला में 12 घंटे बाद बहाल, नाथपा में भी बार-बार हो रहा भूस्खलन
वीरवार सुबह छह बजे जिले के मलिंग नाला में बाधित एनएच-पांच 12 घंटे बाद शाम छह बजे यातायात के लिए बहाल हुआ।
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण देश सीमा को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-पांच पर सफर करना जोखिमों भरा बना हुआ है। जिले के विभिन्न स्थानों पर एनएच पर सफर करना जानलेवा बना हुआ है। बावजूद इसके एनएचएआई और केंद्र सरकार देश सीमा को जोड़ने वाले एनएच की कोई सुध नहीं ले रहे। ऐसे में जनजातीय जिले के हजारों लोगों सहित देश सीमा पर तैनात भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवानों को आए दिन परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
किन्नौर जिले में एनएच-पांच हजारों लोगों की दुश्वारियां लगातार बढ़ा रहा है। पहले जहां निगुलसरी सेक्टर-26 में सड़क धंसने और भूस्खलन के कारण मार्ग बाधित रहा, वहीं वीरवार सुबह छह बजे जिले के मलिंग नाला में बाधित एनएच-पांच 12 घंटे बाद शाम छह बजे यातायात के लिए बहाल हुआ। सुबह छह बजे से ऊपरी पहाड़ी से लगातार पत्थर एनएच पर गिर गिरने लगे। इस कारण यातायात को पूरी तरह से ठप कर दिया गया था। मलिंग नाला में एनएच पांच बाधित होने से जिले के पूह खंड की चांगो, शलखर और सुमरा पंचायत सहित काजा और स्पीति वैली का संपर्क कटा हुआ था। इस दौरान देश सीमा पर तैनात भारतीय सेना और भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवानों के साथ लोगों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ीं। मार्ग बाधित होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। हजारों लोगों को सफर करने में भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ा। सुबह छह बजे बाधित हुआ एनएच-पांच कड़ी मशक्कत के बाद 12 घंटे बाद शाम छह बजे बहाल हो सका, जिससे लोगों और पर्यटकों ने राहत की सांस ली।
वहीं, जिले के नाथपा में भी नेशनल हाईवे पांच पर चट्टानें दरकने और भूस्खलन का सिलसिला जारी है। यहां बार-बार हो रहे भूस्खलन के कारण सफर जानलेवा बना हुआ है। बीच बीच में मार्ग बहाली हो रही है और वाहनों को इधर-उधर भेजा जा रहा है। वीरवार को दिन भर यहां रुक-रुक कर वाहनों की आवाजाही होती रही।
लोगों की मांग, स्थायी समाधान किया जाए
जिले के राजेश नेगी, संजू नेगी, जगदीश ठाकुर, रमेश शर्मा, संजीव कुमार, प्रमोद कुमार, राजकमल नेगी, दुर्गा नेगी, दीपक नेगी, महेंद्र नेगी, विरेंद्र नेगी सहित अन्य लोगों ने कहा कि किन्नौर जिले में सफर करना जोखिमों भरा बना हुआ है। एनएचएआई और केंद्र सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे। जिले के लोग रोजाना जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर हैं। देश सीमा को जोड़ने वाली सड़क जगह-जगह बाधित हो रही है, जिससे सीमा पर तैनात जवानों की परेशानियां भी बढ़ी हुई हैं। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से देश सीमा को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण एनएच की हालत में सुधार करने की मांग उठाई है।
सीमा सड़क संगठन के ओसी समदू राजकुमार प्रकाश ने बताया कि पहाड़ी से लगातार शूटिंग स्टोन गिरने के कारण सुबह छह बजे एनएच पर यातायात रोकना पड़ा। कड़ी चुनौतियों के बाद शाम छह बजे मार्ग को बहाल किया गया। मार्ग बहाली में तीन मशीनें और 20 मजदूर तैनात किए गए। एनएचएआई के कनिष्ठ अभियंता सतीश जोशी ने बताया कि नाथपा में भूस्खलन और चट्टानें दरकने का सिलसिला नहीं थम रहा। मौके पर मार्ग बहाली के लिए दो मशीनें तैनात की गई हैं।