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विरासत के संरक्षण के लिए आगे आए युवां : वीरेंद्र
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मंडी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण शिमला मंडल की ओर से ऐतिहासिक त्रिलोकीनाथ मंदिर परिसर मंडी में विश्व धरोहर दिवस शुक्रवार को मनाया गया। कार्यक्रम में नगर निगम मंडी के महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने छात्रों को विरासत, संरक्षण और मंडी शहर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में आगे आने के लिए प्रेरित किया।
सहायक पुरातत्वविद डॉ. विजय कुमार बोध ने कहा कि इस वर्ष यूनेस्को की संस्था आईसीओएमओएस ने त्रिरेखीय वैज्ञानिक योजना 2024-2027 के लिए आपदाओं और संघर्षों के खतरे के तहत विरासत विषय घोषित किया है। उन्होंने छात्रों को प्राकृतिक आपदाओं से स्मारकों को होने वाले संभावित खतरों के बारे में जागरूक किया। कहा कि बाढ़ और भूकंप प्रदेश के उत्तरी हिमालयी क्षेत्र में स्मारकों के लिए प्रमुख चिंता और खतरा है। पंचवक्त्र मंदिर मंडी 2023 में भीषण बाढ़ की चपेट में आया था।
इस मौके पर छात्रों और आगंतुकों के लिए प्रदेश में 40 संरक्षित स्मारकों की एक फोटो प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रदर्शनी में कांगड़ा किला, त्रिलोकीनाथ मंदिर मंडी, शिव मंदिर बैजनाथ, बौद्ध मठ ताबो, लक्ष्मी नारायण मंदिर समूह चंबा जैसे स्मारक शामिल रहे। दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से तीसरी शताब्दी ईस्वीं तक खनियारा और पठियार से ब्राह्मी और खरसोती शिलालेख छात्रों के लिए मुख्य आकर्षण रहे।
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कार्यक्रम के दौरान चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय ‘मेरी विरासत मेरा गौरव’ रहा। सरस्वती विद्या मंदिर महाजन बाजार मंडी स्कूल की 10वीं कक्षा की छात्रा कनिका ने प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार जीता। दूसरे स्थान पर डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल मंडी की छात्रा रिधम और तीसरे पर सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र प्रांशुल वर्मा रहे। मुख्य अतिथि ने उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
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सहायक पुरातत्वविद डॉ. विजय कुमार बोध ने कहा कि इस वर्ष यूनेस्को की संस्था आईसीओएमओएस ने त्रिरेखीय वैज्ञानिक योजना 2024-2027 के लिए आपदाओं और संघर्षों के खतरे के तहत विरासत विषय घोषित किया है। उन्होंने छात्रों को प्राकृतिक आपदाओं से स्मारकों को होने वाले संभावित खतरों के बारे में जागरूक किया। कहा कि बाढ़ और भूकंप प्रदेश के उत्तरी हिमालयी क्षेत्र में स्मारकों के लिए प्रमुख चिंता और खतरा है। पंचवक्त्र मंदिर मंडी 2023 में भीषण बाढ़ की चपेट में आया था।
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इस मौके पर छात्रों और आगंतुकों के लिए प्रदेश में 40 संरक्षित स्मारकों की एक फोटो प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रदर्शनी में कांगड़ा किला, त्रिलोकीनाथ मंदिर मंडी, शिव मंदिर बैजनाथ, बौद्ध मठ ताबो, लक्ष्मी नारायण मंदिर समूह चंबा जैसे स्मारक शामिल रहे। दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से तीसरी शताब्दी ईस्वीं तक खनियारा और पठियार से ब्राह्मी और खरसोती शिलालेख छात्रों के लिए मुख्य आकर्षण रहे।
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कार्यक्रम के दौरान चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय ‘मेरी विरासत मेरा गौरव’ रहा। सरस्वती विद्या मंदिर महाजन बाजार मंडी स्कूल की 10वीं कक्षा की छात्रा कनिका ने प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार जीता। दूसरे स्थान पर डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल मंडी की छात्रा रिधम और तीसरे पर सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र प्रांशुल वर्मा रहे। मुख्य अतिथि ने उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
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