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Mandi News: सड़क के विस्तारीकरण के लिए वर्ल्ड बैंक ने दिया 95 लोगों को दिया मुआवजा

Sun, 29 Sep 2024 06:42 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 29 Sep 2024 06:42 PM IST
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World Bank gave compensation to 95 people for the expansion of the road
मंडी-रिवालसर कलखर सड़क का होगा विस्तारीकरण : मार्च तक पूरा होगा काम
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वर्ल्ड बैंक ने सरकारी भूमि पर किए गए निर्माण का भी दिया मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। पयर्टन की दृष्टि से अहम मंडी-रिवालसर कलखर मार्ग के विस्तारीकरण को लेकर अभी तक 95 लोगों को 1.70 करोड़ रुपये का मुआवजा मिल चुका है। इनमें कई ऐसे प्रभावित भी हैं जिन्होंने सरकारी भूमि पर निर्माण किया था। मुआवजा सौली खड्ड से आगे कलखर तक सरकारी भूमि में खड़े किए निर्माण पर दिया गया है। इसकी रिपोर्ट हिमाचल प्रदेश सड़क और अन्य बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (एचपीआरआईडीसीएल) ने अवैध निर्माण तोड़ने से पहले इसका एस्टीमेट आगे भेजा था।
विभाग का कहना है कि नियमों के तहत ही उन्हें मुआवजा दिया गया है। मुआवजा भूमि का नहीं उस पर बनाए मकान या अन्य निर्माण का दिया जा रहा है, जबकि तल्याहड़ में लोक निर्माण विभाग के कार्यालय से नीचे सरकारी भूमि पर बनाए निर्माण को लेकर रिपोर्ट एचपीआरआईडीसीएल को नहीं भेजी है। विभाग का मानना है कि इसे लेकर माइक्रो प्लान में बदलाव करना पड़ेगा।
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यहां लोक निर्माण विभाग ने जेल रोड में हाल ही में करीब 25 जगह अवैध निर्माण गिराया है। इसके साथ ही यहां 14 लागों को अवैध निर्माण हटाने नोटिस थमाए गए हैं। हालांकि इन्हें मुआवजा मिलेगा या नहीं इस पर संबंधित विभाग का कहना है कि उन्हें सूचना नहीं है।
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28 किमी लंबे इस मार्ग को राज्य सड़क परियोजना के तहत 2018 में मंजूरी मिली थी। वर्ल्ड बैंक के तहत इस सड़क का विस्तारीकरण निर्माण प्रबंधन इकाई बिलासपुर (सीएमयू) करवा रही है। मार्च तक इसे चकाचक करने की योजना है।

कोट्स
सौली खड्ड से आगे 95 लोगों को मुआवजे के तौर पर 1.70 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इन लोगों ने सरकारी भूमि पर निर्माण किया था। किसी का आंगन टूटा है तो किसी की सीढि़यां इसके जद में आई हैं। नियमों के तहत उन्हें मुआवजा दिया है। इसका एस्टीमेट तोड़ने से पहले भेजा गया था। जेल के पास अवैध निर्माण हटाने के बाद मुआवजे को लेकर मुझे कोई सूचना नहीं है। मुआवजे को लेकर प्रावधान होगा तभी इन्हें दिया जाएगा।

टशी, अधीक्षण अभियंता, एचपीआरआईडीसीएल, (सीएमयू)

बॉक्स
कार्य को लेकर भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच ने उठाए सवाल
हिमाचल प्रदेश भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच के अध्यक्ष बीआर कौंडल ने कहा कि यह सड़क वर्ल्ड बैंक बना रहा है। मामला सड़क निर्माण पूरा होने से पहले ही सतर्कता विभाग के पास जा चुका है। इस के निर्माण कार्य में भारी अनियमितता होने के सबूत सामने आए हैं। जेल रोड में जिन लोगों के भवन या दुकानें गिराए जा रहे हैं, उन्हें मुआवजा दिया जा रहा है। यह प्राकृतिक नियमों के अनुरूप है और हिमाचल प्रदेश भूमि अधिग्रहण मंच इस का स्वागत करता है। आश्चर्य इस बात का है कि एक ही राज्य में एक ही काम के लिए दो कानून काम कर रहे हैं। किरतपुर-मनाली फोरलेन और अन्य राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्रदेश में बनाए जा रहे हैं, उनके निर्माण कार्य में मुआवजा राशि देने में प्रभावितों के साथ भेदभाव किया गया। यह अन्याय अभी भी जारी है। प्रदेश में एनएचएआई उन लोगों को कोई मुआवजा नहीं दे रही है, जिनके मकान या दुकानें सरकारी भूमि में बने हैं। न ही कोई लॉस ऑफ अर्निंग का मुआवजा दिया गया है।
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