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Mandi News: घर की रसोई के हुनर से महिलाओं ने बदल दी तकदीर
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टिहरा क्षेत्र के तनिहार में अचार चटनी तैयार करती स्वयं सहायता समूह की महिलाएं। स्रोत : संगठन
- फोटो : संवाद
टिहरा (मंडी)। टिहरा क्षेत्र की तनिहार पंचायत में जय बाबा कमलाहिया स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने हुनर और मेहनत से महिला सशक्तीकरण की मिसाल कायम की है। घरेलू स्तर पर तैयार किए जाने वाले अचार, चटनी और अन्य पारंपरिक उत्पादों को स्वरोजगार का जरिया बनाकर महिलाओं ने मात्र एक माह में 40 हजार रुपये की आय अर्जित की है।
महिला आजीविका संगठन के सहयोग से समूह की महिलाओं ने सेपू बड़ी, उड़द दाल से बनी बूंदी, अलसी, पपीते और कोदरे के लड्डू जैसे उत्पाद तैयार कर बाजार में उतारे। समूह की प्रधान निर्मला देवी ने बताया कि समूह में कुल 9 महिलाएं जुड़ी हैं, जिनमें से 5 महिलाओं ने 6-6 हजार रुपये का स्वयं का योगदान कर उत्पादन कार्य शुरू किया। इन उत्पादों की बिक्री से एक माह में 40 हजार रुपये का मुनाफा हुआ।
उन्होंने बताया कि यह प्रेरणा महिला आजीविका मिशन के तहत भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं से मिली है। महिलाओं ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग तथा सरकार से मांग की है कि समूह को स्थायी मार्केटिंग व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाए और समय-समय पर अनुदान राशि भी प्रदान की जाए, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके। इस पहल से क्षेत्र की महिलाओं, युवकों और युवतियों में आत्मनिर्भर बनने की नई सोच विकसित हो रही है। फिलहाल समूह की महिलाएं अपने उत्पादों की मार्केटिंग स्थानीय मेलों और त्योहारों में स्वयं कर रही हैं। संवाद
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महिला आजीविका संगठन के सहयोग से समूह की महिलाओं ने सेपू बड़ी, उड़द दाल से बनी बूंदी, अलसी, पपीते और कोदरे के लड्डू जैसे उत्पाद तैयार कर बाजार में उतारे। समूह की प्रधान निर्मला देवी ने बताया कि समूह में कुल 9 महिलाएं जुड़ी हैं, जिनमें से 5 महिलाओं ने 6-6 हजार रुपये का स्वयं का योगदान कर उत्पादन कार्य शुरू किया। इन उत्पादों की बिक्री से एक माह में 40 हजार रुपये का मुनाफा हुआ।
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उन्होंने बताया कि यह प्रेरणा महिला आजीविका मिशन के तहत भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं से मिली है। महिलाओं ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग तथा सरकार से मांग की है कि समूह को स्थायी मार्केटिंग व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाए और समय-समय पर अनुदान राशि भी प्रदान की जाए, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके। इस पहल से क्षेत्र की महिलाओं, युवकों और युवतियों में आत्मनिर्भर बनने की नई सोच विकसित हो रही है। फिलहाल समूह की महिलाएं अपने उत्पादों की मार्केटिंग स्थानीय मेलों और त्योहारों में स्वयं कर रही हैं। संवाद

टिहरा क्षेत्र के तनिहार में अचार चटनी तैयार करती स्वयं सहायता समूह की महिलाएं। स्रोत : संगठन- फोटो : संवाद
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