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Mandi News: छह माह के भीतर थुनाग कोर्ट को फिर बनाया सर्किट कोर्ट
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थुनाग (मंडी)। सराज विधानसभा क्षेत्र के में चल रहे थुनाग कोर्ट को छह माह के भीतर फिर से सर्किट कोर्ट बना दिया गया है। 24 मार्च को पहले भी सरकार ने इसे सर्किट कोर्ट बना दिया था और बार एसोसिएशन के कड़े विरोध के बाद 3 अप्रैल को फैसले को वापस ले लिया गया था। मगर अब मात्र छह महीनों में फिर से हाइकोर्ट ने अधिसूचना जारी करते हुए दोबारा कोर्ट को सर्किट कोर्ट बना दिया है। इससे स्थानीय जनता में भारी रोष है। यहां की बार एसोसिएशन ने फिर से काम बंद करने का एलान कर दिया है। थुनाग कोर्ट अब नियमित रूप से नहीं चलेगा। अब यह महीने में एक सप्ताह ही चलेगा। मंगलवार को हिमाचल हाइकोर्ट ने अधिसूचना जारी करते हुए थुनाग में न्यायाधीश प्रतीक गुप्ता को कोर्ट गोहर के लिए स्थानांतरित कर दिया है। वहीं, थुनाग में चल रहे कोर्ट को अब सर्किट कोर्ट की अधिसूचना जारी की गई है। इसमें गोहर कोर्ट जज महीने के एक सप्ताह के लिए थुनाग में लोगों की सुनवाई करेंगे।
मंगलवार को थुनाग बार एसोसिएशन की आपातकालीन वर्चुअल बैठक अध्यक्ष एचएस ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में एसोसिएशन के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से सिविल कोर्ट थुनाग में नियमित सुनवाई बंद करने का विरोध किया है। वहीं, सराज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हेम सिंह ठाकुर ने कहा कि हाईकोर्ट का यह बेहद ही पीड़ादायक निर्णय है। इससे सायलों को भारी असुविधा होगी उन्हें त्वरित न्याय नहीं मिल पाएगा। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए थुनाग कोर्ट यथावत कायम रहना चाहिए। बार एसोसिएशन ने इस अधिसूचना के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर हाईकोर्ट को प्रेषित कर दिया है।
बॉक्स
900 सिविल और आपराधिक मामले हैं लंबित
थुनाग में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सिविल न्यायालय की स्थापना की गई थी। यहां पर लगभग 900 सिविल और आपराधिक मामले सिविल कोर्ट थुनाग, जिला के समक्ष निपटान के लिए लंबित हैं। एसोसिएशन का कहना है कि न्याय तक पहुंच लोगों के दरवाजे पर होनी चाहिए। सराज की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए थुनाग में नियमित न्यायालय होना चाहिए।
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मंगलवार को थुनाग बार एसोसिएशन की आपातकालीन वर्चुअल बैठक अध्यक्ष एचएस ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में एसोसिएशन के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से सिविल कोर्ट थुनाग में नियमित सुनवाई बंद करने का विरोध किया है। वहीं, सराज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हेम सिंह ठाकुर ने कहा कि हाईकोर्ट का यह बेहद ही पीड़ादायक निर्णय है। इससे सायलों को भारी असुविधा होगी उन्हें त्वरित न्याय नहीं मिल पाएगा। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए थुनाग कोर्ट यथावत कायम रहना चाहिए। बार एसोसिएशन ने इस अधिसूचना के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर हाईकोर्ट को प्रेषित कर दिया है।
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900 सिविल और आपराधिक मामले हैं लंबित
थुनाग में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सिविल न्यायालय की स्थापना की गई थी। यहां पर लगभग 900 सिविल और आपराधिक मामले सिविल कोर्ट थुनाग, जिला के समक्ष निपटान के लिए लंबित हैं। एसोसिएशन का कहना है कि न्याय तक पहुंच लोगों के दरवाजे पर होनी चाहिए। सराज की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए थुनाग में नियमित न्यायालय होना चाहिए।
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