{"_id":"672b57b4fba50228710cb24a","slug":"will-protest-if-health-services-do-not-improve-within-a-week-mandi-news-c-90-1-ssml1025-139513-2024-11-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक सप्ताह में स्वास्थ्य सेवाएं नहीं सुधरी तो करेंगे आंदोलन : माकपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक सप्ताह में स्वास्थ्य सेवाएं नहीं सुधरी तो करेंगे आंदोलन : माकपा
Thu, 07 Nov 2024 08:17 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 07 Nov 2024 08:17 AM IST
विज्ञापन
बालीचौकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का विशालकाय भवन। संवाद
बालीचौकी (मंडी) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बालीचौकी में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से चरमरा गई हैं। स्वास्थ्य केंद्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए अब मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की लोकल कमेटी ने सरकार और प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है।
माकपा नेता एवं पार्टी के राज्य सदस्य महेंद्र राणा ने कहा कि बालीचौकी क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए 50 से 150 किलोमीटर दूर मंडी और कुल्लू के अस्पताल में जाना पड़ रहा है। बालीचौकी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन सुविधा न के बराबर हैं। इस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बालीचौकी सीएचसी पर मंडी और कुल्लू दो जिलों की 50 पंचायतों के हजारों लोगों के स्वास्थ्य का जिम्मा है। मगर व्यवस्थाएं अभी तक नहीं सुधर पाई हैं। उन्होंने कहा कि रात के समय कोई बीमार हो जाए या गंभीर रूप से घायल होने पर मंडी या कुल्लू के अस्पताल ही सहारा हैं। बालीचौकी में सीएचसी में मात्र दो चिकित्सक हैं और दैनिक ओपीडी 400 तक है।
विज्ञापन
मरीजों की इतनी संख्या होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग अभी तक सीएचसी बालीचौकी में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं कर सका है। पूर्व सरकार ने इसे नागरिक अस्पताल बना दिया था। उसके बाद सरकार ने डिनोटिफाई करके सीएचसी का दर्ज ही बहाल रखा, लेकिन आज इसमें किसी भी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं की है।
माकपा नेता ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग को चेताया कि यदि एक सप्ताह में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लोगों को बेतर उपचार सुविधा और 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं दी गई तो माकपा प्रशासन और सरकार के खिलाफ 14 नवंबर से आंदोलन शुरू करेगी।
बालीचौकी सीएचसी में लोगों को बेहतर सुविधा देने के प्रयास किए गए हैं। विशेषज्ञों और अन्य स्टाफ की तैनाती के बारे में विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाया है। स्वीकृति मिलने पर ही उनकी तैनाती की जाएगी।
-डॉ. नरेंद्र भारद्वाज, सीएमओ, मंडी
विज्ञापन
माकपा नेता एवं पार्टी के राज्य सदस्य महेंद्र राणा ने कहा कि बालीचौकी क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए 50 से 150 किलोमीटर दूर मंडी और कुल्लू के अस्पताल में जाना पड़ रहा है। बालीचौकी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन सुविधा न के बराबर हैं। इस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
बालीचौकी सीएचसी पर मंडी और कुल्लू दो जिलों की 50 पंचायतों के हजारों लोगों के स्वास्थ्य का जिम्मा है। मगर व्यवस्थाएं अभी तक नहीं सुधर पाई हैं। उन्होंने कहा कि रात के समय कोई बीमार हो जाए या गंभीर रूप से घायल होने पर मंडी या कुल्लू के अस्पताल ही सहारा हैं। बालीचौकी में सीएचसी में मात्र दो चिकित्सक हैं और दैनिक ओपीडी 400 तक है।
विज्ञापन
मरीजों की इतनी संख्या होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग अभी तक सीएचसी बालीचौकी में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं कर सका है। पूर्व सरकार ने इसे नागरिक अस्पताल बना दिया था। उसके बाद सरकार ने डिनोटिफाई करके सीएचसी का दर्ज ही बहाल रखा, लेकिन आज इसमें किसी भी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं की है।
माकपा नेता ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग को चेताया कि यदि एक सप्ताह में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लोगों को बेतर उपचार सुविधा और 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं दी गई तो माकपा प्रशासन और सरकार के खिलाफ 14 नवंबर से आंदोलन शुरू करेगी।
बालीचौकी सीएचसी में लोगों को बेहतर सुविधा देने के प्रयास किए गए हैं। विशेषज्ञों और अन्य स्टाफ की तैनाती के बारे में विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाया है। स्वीकृति मिलने पर ही उनकी तैनाती की जाएगी।
-डॉ. नरेंद्र भारद्वाज, सीएमओ, मंडी