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राहत दल पहुंचा तो आई जान में जान : ग्रामीण
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मंडी/थुनाग। सराज क्षेत्र के अति दुर्गम पियाला देजी में एनडीआरएफ की टीम पहुंचने के साथ ही ग्रामीणों को जिंदगी की उम्मीद के साथ नई किरण मिली। बादल फटने और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित इस गांव के लोग पिछले चार दिनों से बाहरी दुनिया से कटे हुए थे। न संचार के साधन, न रास्ता और न ही किसी सहायता की उम्मीद।
राहत दल के गांव तक पहुंचने पर बुजुर्गों और महिलाओं की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों ने भावुक स्वर में कहा कि दल के हमारे गांव पहुंचने से ऐसा लग रहा कि जैसे भगवान ने हमारी सुन ली है। पियाला देजी, रूकचुई और भराड़ जैसे गांवों में आपदा के बाद से ही संपर्क नहीं हो पा रहा था।
एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने कठिन और जोखिमभरे रास्तों को पार कर वहां पहुंचना संभव किया। गांववासियों ने बताया कि आपदा के बाद वे पूरी तरह से अकेले पड़ गए थे, लेकिन टीम के पहुंचने के बाद जान में जान आई। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि राहत एवं पुनर्वास कार्य सतत और प्रभावी रूप से आगे बढ़ें।
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राहत दल के गांव तक पहुंचने पर बुजुर्गों और महिलाओं की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों ने भावुक स्वर में कहा कि दल के हमारे गांव पहुंचने से ऐसा लग रहा कि जैसे भगवान ने हमारी सुन ली है। पियाला देजी, रूकचुई और भराड़ जैसे गांवों में आपदा के बाद से ही संपर्क नहीं हो पा रहा था।
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एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने कठिन और जोखिमभरे रास्तों को पार कर वहां पहुंचना संभव किया। गांववासियों ने बताया कि आपदा के बाद वे पूरी तरह से अकेले पड़ गए थे, लेकिन टीम के पहुंचने के बाद जान में जान आई। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि राहत एवं पुनर्वास कार्य सतत और प्रभावी रूप से आगे बढ़ें।
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