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Mandi News: पंडोह डैम से कभी भी छोड़ा जा सकता है पानी
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ब्यास नदी व सुकेती खड्ड के किनारे न जाएं लोग : एसडीएम
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। पंडोह डैम से कभी भी अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जा सकता है। इससे नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका है और पानी सुकेती खड्ड की तरफ भी आ सकता है। इसलिए समस्त जनता से अपील है कि कोई भी ब्यास नदी व सुकेती खड्ड के किनारे न जाएं। यह आह्वान एसडीएम सदर मंडी ओमकांत ठाकुर ने समस्त मंडी वासियों व पर्यटकों से किया है। उन्होंने कहा कि यदि नदी किनारे कोई भी जाता है तो उसे रोकने का प्रयास करें, ताकि किसी जानमाल के नुकसान से बचा जा सकें। बता दें कि भीषण गर्मी के चलते ऊंचे पहाड़ों पर बर्फ तेज से पिघलने के चलते ब्यास, पार्वती, तीर्थन, उहल व लंबाडग नदियों व खड्डों के चल स्तर में बढ़ौतरी हुई है। ऐसे ब्यास नदी पर बने लारजी व पंडोह डैम में जल बढ़ने पर इसे छोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि डैम से पानी छोड़ने से पूर्व परियोजना प्रबंधन को सायरन बना कर लोगों को सचेत करने के निर्देश दिए है। ताकि किसी भी तरह के जान माल का नुक्सान न हो। उन्होंने आम जनता से सहयोग करने की अपील की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। पंडोह डैम से कभी भी अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जा सकता है। इससे नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका है और पानी सुकेती खड्ड की तरफ भी आ सकता है। इसलिए समस्त जनता से अपील है कि कोई भी ब्यास नदी व सुकेती खड्ड के किनारे न जाएं। यह आह्वान एसडीएम सदर मंडी ओमकांत ठाकुर ने समस्त मंडी वासियों व पर्यटकों से किया है। उन्होंने कहा कि यदि नदी किनारे कोई भी जाता है तो उसे रोकने का प्रयास करें, ताकि किसी जानमाल के नुकसान से बचा जा सकें। बता दें कि भीषण गर्मी के चलते ऊंचे पहाड़ों पर बर्फ तेज से पिघलने के चलते ब्यास, पार्वती, तीर्थन, उहल व लंबाडग नदियों व खड्डों के चल स्तर में बढ़ौतरी हुई है। ऐसे ब्यास नदी पर बने लारजी व पंडोह डैम में जल बढ़ने पर इसे छोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि डैम से पानी छोड़ने से पूर्व परियोजना प्रबंधन को सायरन बना कर लोगों को सचेत करने के निर्देश दिए है। ताकि किसी भी तरह के जान माल का नुक्सान न हो। उन्होंने आम जनता से सहयोग करने की अपील की है।