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Mandi News: जोगिंद्रनगर अस्पताल में विशेषज्ञों के रिक्त पदों से बढ़ी परेशानी
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडलीय अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा है। शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक का पद एक साल से रिक्त है।
हड्डी, नाक, कान एवं गले के मरीजों को भी उपचार की सुविधा विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में नहीं मिल पा रही है। एक साथ पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली होने से मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। स्थानीय अस्पताल में नवजात शिशुओं की ओपीडी 100 से पार रहती है लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक के न होने से ओपीडी में गिरावट आई है।
तीमारदार अजय, विमला देवी, सुमित आदि ने बताया कि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली होने से अस्पताल फिर रेफरल बनकर रह गया है। अस्पताल में चर्म रोग ओपीडी पर भी तीन साल से ताला लटका हुआ है। मरीज मंडी, कांगड़ा के अलावा निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं।
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मामला ध्यान में लाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से बातचीत कर समस्या के समाधान के प्रयास किए जाएंगे। अस्पताल में तैनात चिकित्सक सभी प्रकार के मरीजों के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं।
-डॉ. दीपाली शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी मंडी
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हड्डी, नाक, कान एवं गले के मरीजों को भी उपचार की सुविधा विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में नहीं मिल पा रही है। एक साथ पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली होने से मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। स्थानीय अस्पताल में नवजात शिशुओं की ओपीडी 100 से पार रहती है लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक के न होने से ओपीडी में गिरावट आई है।
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तीमारदार अजय, विमला देवी, सुमित आदि ने बताया कि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली होने से अस्पताल फिर रेफरल बनकर रह गया है। अस्पताल में चर्म रोग ओपीडी पर भी तीन साल से ताला लटका हुआ है। मरीज मंडी, कांगड़ा के अलावा निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं।
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मामला ध्यान में लाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से बातचीत कर समस्या के समाधान के प्रयास किए जाएंगे। अस्पताल में तैनात चिकित्सक सभी प्रकार के मरीजों के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं।
-डॉ. दीपाली शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी मंडी