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Mandi News: पंचवक्त्र पुल बनने से फिर शुरू हुई आवाजाही
Sat, 09 Mar 2024 07:33 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 09 Mar 2024 07:33 AM IST
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मंडी। मंडी शहर के बंगला और पड्डल वार्डों को जोड़ने वाला पंचवक्त्र पुल तैयार होने से अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में आने वाले हजारों लोगों को राहत मिली है। बीते वर्ष जुलाई में ब्यास नदी और सुकेती खड्ड में आई बाढ़ से सुकेती खड्ड पर बना लोहे का पैदल पुल बह गया था। इससे बंगला और पड्डल वार्डों का आपस में संपर्क कट गया था। स्थानीय युवाओं के प्रयास से सुकेती खड्ड पर अस्थायी पैदल पुलिया से काम चलाया जा रहा था।
सांसद और विधायक के प्रयासों से जल शक्ति विभाग द्वारा इस पुल को तयसमय अवधि में पूरा कर दिया है। पुल के तैयार होने से शुक्रवार को महाशिवरात्रि पर्व पर हजारों लोगों ने इस पुल से आवाजाही की। हालांकि अभी पुल पर रंग रोगन का कार्य चल रहा है। लेकिन निर्माण कार्य में जुटे ठेकेदार ने पुल के दोनों तरफ बड़े-बड़े पाइप रखकर लोगों को आर पार जाने की अनुमति दे दी।
बता दें कि इस पुल से रोजाना जोगिंद्रनगर, कटौला-कमांद, खलियार, बंगला, चौहटा व बाड़ी गुमाणु के लोग बस अड्डा, आईटीआई और कॉलेज के लिए इसी पुल से आवाजाही करते हैं। पुल के ढह जाने से उन्हें करीब डेढ़ से दो किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा था। वहीं महाशिवरात्रि मेले के दौरान इसी पुल से देवलु देवी-देवताओं के साथ पड्डल मेला मैदान में पहुंचते हैं।
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उधर, जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता रोहित गुप्ता ने बताया कि विभाग ने तय समय अवधि में पंचवक्त्र पुल का निर्माण किया है। लोगों की सुविधा के लिए पुल पूरी तरह से तैयार हो गया है।
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सांसद और विधायक के प्रयासों से जल शक्ति विभाग द्वारा इस पुल को तयसमय अवधि में पूरा कर दिया है। पुल के तैयार होने से शुक्रवार को महाशिवरात्रि पर्व पर हजारों लोगों ने इस पुल से आवाजाही की। हालांकि अभी पुल पर रंग रोगन का कार्य चल रहा है। लेकिन निर्माण कार्य में जुटे ठेकेदार ने पुल के दोनों तरफ बड़े-बड़े पाइप रखकर लोगों को आर पार जाने की अनुमति दे दी।
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बता दें कि इस पुल से रोजाना जोगिंद्रनगर, कटौला-कमांद, खलियार, बंगला, चौहटा व बाड़ी गुमाणु के लोग बस अड्डा, आईटीआई और कॉलेज के लिए इसी पुल से आवाजाही करते हैं। पुल के ढह जाने से उन्हें करीब डेढ़ से दो किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा था। वहीं महाशिवरात्रि मेले के दौरान इसी पुल से देवलु देवी-देवताओं के साथ पड्डल मेला मैदान में पहुंचते हैं।
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उधर, जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता रोहित गुप्ता ने बताया कि विभाग ने तय समय अवधि में पंचवक्त्र पुल का निर्माण किया है। लोगों की सुविधा के लिए पुल पूरी तरह से तैयार हो गया है।